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Kanpur News: 6500 रुपये में कराएं नामांतरण, वार्डों में होंगे 20 लाख के कार्य
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बैठक में महापाैर, नगर आयुक्त और अन्य।
- फोटो : संवाद
कानपुर। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की शनिवार को हुई बैठक में मनमाना नामांतरण शुल्क खत्म कर दिया गया। अब मात्र 6500 रुपये में सभी तरह के भवनों (आवासीय एवं व्यावसायिक) का नामांतरण होगा। इसमें से 5000 रुपये नामांतरण शुल्क, एक हजार रुपये आवेदन शुल्क और 500 रुपये विज्ञापन शुल्क शामिल है। अभी तक नई संपत्ति का नामातंरण कराने पर संपत्ति के डीएम सर्किल रेट के हिसाब से एक प्रतिशत शुल्क नगर निगम को देना पड़ता था। महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर आयुक्त को यह व्यवस्था एक मार्च से ही लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी वार्डों में 20-20 लाख रुपये के विकास कार्य कराने, गंगा मेला के बाद होली महोत्सव आयोजित करने का फैसला भी हुआ।
इसके साथ ही कार्यकारिणी समिति ने सीयूजीएल कंपनी को भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े से पीएनजी बनाने के लिए सशर्त सहमति दी। अब यह प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा वहां से स्वीकृति के बाद शासन भेजकर नए सिरे से अनुबंध होगा। इस प्लांट में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के लिए नगर निगम अफसरों ने पिछले साल 26 दिसंबर को सीयूजीएल से अनुबंध कर सहमति के लिए प्रस्ताव सदन में था जिसे खारिज कर दिया गया था।
सीयूजीएल को प्लांट संचालन की अनुमति देने के लिए शनिवार को कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा गया। इसमें बताया गया कि यह शासन ने अनुबंध किया है। महापौर ने कहा कि एटूजेड कंपनी को भी शासन ने अनुबंध किया था लेकिन बीच में ही काम छोड़कर चली गई थी। सीयूजीएल ने केवा ग्रीन कंपनी को काम भी दे दिया है। महापौर ने कहा कि इस शर्त पर प्रस्ताव को स्वीकृति कार्यकारिणी देगी कि कंपनी को प्लांट लगाने में जो खर्च आएगा उसका 10 प्रतिशत नगर निगम में जमा करना होगा। नगर निगम सदन की स्वीकृति के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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महापौर ने कहा कि अवस्थापना निधि की कमेटी की अध्यक्ष वह हैं। 119 करोड़ रुपये के 18 कार्य होने हैं। इसको लेकर कमेटी की बैठक जल्द बुलाकर स्वीकृति के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे।
इनसेट
110 पार्षदों के यहां कुल 12 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएगे
हर पार्षद के बचे 20-20 लाख रुपये के कार्य मार्च में कराए जाएं। जल्द टेंडर कराके कार्य शुरू करा दिए जाएं। 110 पार्षदों के यहां कुल 12 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएगे। पार्षद अपनी निधि से सिविल के कार्य के साथ स्ट्रीट लाइटें भी लगवा सकते हैं।
चाैराहों के नामकरण के 25 प्रस्ताव आए
बैठक में गोल चौराहे का नाम चंद्रशेखर आजाद के नाम करने सहित नामकरण के 25 प्रस्ताव आए। महापौर ने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों का मौके पर सत्यापन कराएं। जहां-जहां पहले से नामकरण न हो उनके नामकरण के प्रस्ताव नगर निगम सदन की आगामी बैठक में रखे जाएंगे। महापौर ने बताया कि बिरहाना रोड में महापुरुष की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव शासन भेजा जाएगा।
देर से नामांतरण कराने लगेगा जुर्माना
नगर निगम सदन ने सन् 2018 में नई संपत्तियों का नामांतरण कराने पर संपत्ति की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से कीमत का एक प्रतिशत शुल्क लगाया था। रजिस्ट्री कराने के बाद देर से नामांतरण कराने पर जुर्माना लगेगा। इसके तहत देर से एक साल से तीन साल के बीच में एक हजार रुपये, तीन साल से पांच साल के बीच में दो हजार रुपये, पांच साल से 10 साल के बीच में पांच हजार रुपये और 10 साल से ऊपर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
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इसके साथ ही कार्यकारिणी समिति ने सीयूजीएल कंपनी को भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में कूड़े से पीएनजी बनाने के लिए सशर्त सहमति दी। अब यह प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा वहां से स्वीकृति के बाद शासन भेजकर नए सिरे से अनुबंध होगा। इस प्लांट में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के लिए नगर निगम अफसरों ने पिछले साल 26 दिसंबर को सीयूजीएल से अनुबंध कर सहमति के लिए प्रस्ताव सदन में था जिसे खारिज कर दिया गया था।
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सीयूजीएल को प्लांट संचालन की अनुमति देने के लिए शनिवार को कार्यकारिणी में प्रस्ताव रखा गया। इसमें बताया गया कि यह शासन ने अनुबंध किया है। महापौर ने कहा कि एटूजेड कंपनी को भी शासन ने अनुबंध किया था लेकिन बीच में ही काम छोड़कर चली गई थी। सीयूजीएल ने केवा ग्रीन कंपनी को काम भी दे दिया है। महापौर ने कहा कि इस शर्त पर प्रस्ताव को स्वीकृति कार्यकारिणी देगी कि कंपनी को प्लांट लगाने में जो खर्च आएगा उसका 10 प्रतिशत नगर निगम में जमा करना होगा। नगर निगम सदन की स्वीकृति के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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महापौर ने कहा कि अवस्थापना निधि की कमेटी की अध्यक्ष वह हैं। 119 करोड़ रुपये के 18 कार्य होने हैं। इसको लेकर कमेटी की बैठक जल्द बुलाकर स्वीकृति के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे।
इनसेट
110 पार्षदों के यहां कुल 12 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएगे
हर पार्षद के बचे 20-20 लाख रुपये के कार्य मार्च में कराए जाएं। जल्द टेंडर कराके कार्य शुरू करा दिए जाएं। 110 पार्षदों के यहां कुल 12 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएगे। पार्षद अपनी निधि से सिविल के कार्य के साथ स्ट्रीट लाइटें भी लगवा सकते हैं।
चाैराहों के नामकरण के 25 प्रस्ताव आए
बैठक में गोल चौराहे का नाम चंद्रशेखर आजाद के नाम करने सहित नामकरण के 25 प्रस्ताव आए। महापौर ने अफसरों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों का मौके पर सत्यापन कराएं। जहां-जहां पहले से नामकरण न हो उनके नामकरण के प्रस्ताव नगर निगम सदन की आगामी बैठक में रखे जाएंगे। महापौर ने बताया कि बिरहाना रोड में महापुरुष की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव शासन भेजा जाएगा।
देर से नामांतरण कराने लगेगा जुर्माना
नगर निगम सदन ने सन् 2018 में नई संपत्तियों का नामांतरण कराने पर संपत्ति की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से कीमत का एक प्रतिशत शुल्क लगाया था। रजिस्ट्री कराने के बाद देर से नामांतरण कराने पर जुर्माना लगेगा। इसके तहत देर से एक साल से तीन साल के बीच में एक हजार रुपये, तीन साल से पांच साल के बीच में दो हजार रुपये, पांच साल से 10 साल के बीच में पांच हजार रुपये और 10 साल से ऊपर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।