इशारों-इशारों में अखिलेश ने शिवपाल को दी सरकारी जांच कराने की धमकी
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मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की साजिश के बावजूद साइकिल तो बचा ली है अब इसे विधानसभा तक पहुंचाना है। उन्होेंने कहा कि इटावा में भी उन्हें लड़ना पड़ रहा है, यह दुखद है। भितरघातियों पर इशारा करते हुए उन्होंने समर्थकों को सावधान रहने को कहा। प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें तो एक तरफ हाथी से लड़ना पड़ रहा है और दूसरी तरफ देश के सबसे ताकतवर पीएम भी अब देश-विदेश की राजनीति छोड़कर थाने वाली राजनीति करने लगे हैं।
इटावा नुमाइश मैदान पर चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी बात पार्टी में चले सियासी घमासान से शुरू की। सीएम ने आगाह करते हुए कहा कि कई लोग साइकिल को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं। पार्टी प्रत्याशी की मुखालफत में लगे लोगों की ओर इशारा करते हुए कहा कि चुनाव में गाड़ी के स्पेयर चिह्न लेकर आए हैं। उन्हाेंने आह्वान किया कि इस स्पेयर का हिसाब किताब कर देना। अखिलेश ने कहा कि चुनाव तो पूरे उत्तर प्रदेश में हो रहा है। मगर इटावा का चुनाव कुछ अलग है। हमने कभी भी साइकिल को हराने की बात नहीं की। मगर सुना है कि यहां मोबाइल के जरिये और लोगों को बुलाकर साइकिल को हराने की बात हो रही है। ऐसे लोगों का भी हिसाब रखा जाएगा।
सीएम के तीन परोक्ष वार
साजिश खुल गई तो कहने लगे हमें विरासत में कुछ नहीं मिला
सीएम सियासी घमासान के दिनों का जिक्र करना नहीं भूले। कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह राजनीति थी या स्वार्थ। एक तरफ वो लोग थे जो उन्हें राजनीति से बाहर करना चाहते थे। एक बार तो उन्हें लगा कि साइकिल छूट जाएगी। पार्टी के नेता और विधायक उनके साथ न होते तो साइकिल छिन भी जाती। तब वह कौन-सा राजनीति का रास्ता ढूंढते। उन लोगों ने षड्यंत्र किया। षड्यंत्र का पर्दाफाश हो गया तो कहा कि हमें विरासत में कुछ नहीं मिला।
आरोप लगाने वाले अब खुद नई पार्टी बनाने की बात कर रहे
अखिलेश ने भावनात्मक लहजे में कहा कि किसकी तकदीर में क्या लिखा है कोई नहीं जानता। ये मैंने तय नहीं किया था कि उन्हें कहां जन्म लेना है। अब नेता जी ने उन्हें आगे बढ़ाया तो उनकी भी जिम्मेदारी बनती थी कि पार्टी और साइकिल बचाएं। उन्होंने कहा कि स्वयं उन पर नई पार्टी बनाने का आरोप लगाने वाले अब खुद नई पार्टी बनाने की बात कर रहे हैं। लेकिन नई पार्टी बनाने से कुछ होता नहीं है। असली पार्टी तो सपा ही है।
जिन पर ज्यादा भरोसा किया उन्होंने नेताजी से लड़वा दिया
मुख्यमंत्री रहते इटावा कम आने के पीछे अखिलेश यादव ने यह कहते हुए बचाव किया कि यह स्वयं उनकी गलती रही। अब सम्मान बढ़ा देना, आगे वे हर सुख दुख में मौजूद रहेंगे। हमें दूसरों (शिवपाल सिंह यादव) पर ज्यादा भरोसा था। मगर जिन पर ज्यादा भरोसा किया। उन्होंने ही उनको नेताजी से लड़ा दिया। 25 साल तक नेताजी ने साइकिल चलाई। अब यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि 25 साल तक और आगे कैसे लेकर जाएं।