फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Ganga free of 2.15 million liters of polluted water

गंगा को मिली 2.15 करोड़ लीटर गंदे पानी से मुक्ति, ये की गयी व्यवस्था

Thu, 01 Nov 2018 11:34 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 01 Nov 2018 11:34 AM IST
सार

- म्योर मिल और नवाबगंज नाला मुड़ने से अब एसटीपी में जाएगा यह गंदा पानी
- सीसामऊ नाले को मोड़ने के लिए टेस्टिंग आज से, 15 तक नाला मोड़ लेने का दावा
- गंगा में गिर रहे शहर के छह नालों को मोड़ा जाना है, 30 अक्तूबर थी डेडलाइन
 

विज्ञापन
Ganga free of 2.15 million liters of polluted water
म्योर मिल नाला मोड़ने के लिए पंप हाउस बनाया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देर से ही सही लेकिन गंगा को 2.15 करोड़ लीटर गंदे पानी से मुक्ति मिल गई। कानपुर में गंगा में गिर रहे म्योर मिल और नवाबगंज नाले को बुधवार को मोड़ दिया गया है। इससे रोजाना गंगा में जाने वाला यह गंदा पानी अब जाजमऊ में बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में जाएगा। यहां पानी शोधित होने के बाद आसपास के गांवों में सिंचाई के काम में लाया जाएगा। चार नाले न मोड़े जाने की वजह से 23 करोड़ लीटर से भी अधिक गंदा पानी फिलहाल रोजाना गंगा में ही जाता रहेगा। 114 साल पुराने सीसामऊ नाले को मोड़ने के लिए एक नवंबर से टेस्टिंग शुरू होगी। दावा है कि 15 नवंबर तक इसे मोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन

Ganga free of 2.15 million liters of polluted water
सीसामऊ नाला मोड़ने के लिए पंप हाउस में की गयी टेस्टिंग - फोटो : अमर उजाला
गंगा में गिर रहे सीसामऊ सहित शहर के छह नालों को मोड़ने का काम केंद्र सरकार से लेकर मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। कुंभ के मद्देनजर इन नालों को मोड़ने की डेडलाइन 30 अक्तूबर तय की गई थी। तय तारीख पर नाले मुड़ नहीं पाए। इनसे 25 करोड़ लीटर से भी अधिक गंदा पानी नाले में जाता है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने तीन दिन से दिन-रात काम कराकर बुधवार को म्योर मिल नाला और नवाबगंज नाले को मोड़ने की सफल टेस्टिंग कराई। इकाई के परियोजना

प्रबंधक घनश्याम द्विवेदी ने बताया कि नवाबगंज नाले से रोज 1.5 करोड़ लीटर गंदा पानी गंगा में जाता था। इस नाले को जाजमऊ एसटीपी की ओर जाने वाली गहरी सीवर लाइन से जोड़ दिया गया है। उनका दावा है कि यह गंदा पानी सीवर लाइन में जाने लगा है। सीवर लाइन से पानी कहां तक पहुंचा है, यह पता नहीं चल पाया है। म्योर मिल नाले से भी जाने वाला 0.65 करोड़ लीटर गंदा पानी सीवेज पंपिंग स्टेशन में पहुंचाया गया। अफसरों ने दावा किया है कि सीसामऊ नाला 15 नवंबर तक मोड़ लिया जाएगा। गंगा में गिर रहा यह सबसे बड़ा नाला है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

Ganga free of 2.15 million liters of polluted water
डेमो पिक
सीसामऊ नाले के लिए नहीं मिला बिजली कनेक्शन 
कमिश्नर सुभाष चंद ने बुधवार को सीसामऊ नाले के भैरोघाट स्थित इंटरमीडिएट सीवेज पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सीसामऊ नाला मोड़ने के लगभग सभी काम पूरे हो गए हैं। बस बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है। कनेक्शन मिलते ही टेस्टिंग शुरू हो जाएगी। आईपीएस का काम गंदे पानी को फोर्स के साथ एसटीपी भेजने का है। उन्होंने केस्को एमडी सौम्या अग्रवाल को जल्द कनेक्शन जुड़वाने को कहा है। अवर अभियंता ने बताया कि पंपिंग स्टेशन में पाइप लाइन जोड़ने का काम बाकी है। अवर अभियंता ने कहा कि 15 नवंबर के बाद सीवेज गंगा में नहीं जाएगा।  

म्योर मिल नाला और नवाबगंज नाला मोड़ने के लिए 31 अक्तूबर को टेस्टिंग की गई, जो पूरी तरह सफल रही। म्योर मिल नाले का पानी बाबा घाट में बने सीवेज पंप हाउस से परमट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन पहुंच गया। इसी तरह नवाबगंज नाला मोड़ने के लिए की गई टेस्टिंग सफल रही। एक नवंबर को डबका नाले को मोड़ने को टेस्टिंग होगी। सीसामऊ नाला 15 नवंबर तक  मुड़ जाएगा। परमिया और गुप्तार घाट नाला को मोड़ने के लिए शासन से एक माह की मोहलत मांगी गई है।
- आरके अग्रवाल, महाप्रबंधक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed