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फिजिक्स ने फंसाया, केमिस्ट्री ने भी उलझाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2016 01:19 AM IST
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बेड़ीनाग कालेज में प्रवेश लेने के लिए पहुंची छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट)-2 का फिजिक्स का पेपर टफ बताया गया। मेकेनिक्स से 10 और इलेक्ट्रो मैग्नेट से 11 क्वेश्चन पूछे गए, जिसे हल करने में स्टूडेंटोें के पसीने छूटे। पेपर न्यूमेरिकल बेस्ड था। माडर्न फिजिक्स, आप्टिक्स और वेब चैप्टर से भी क्वेश्चन आए। वहीं बायोलॉजी का पेपर सरल बताया गया।
नीट का पेपर रविवार को लखनऊ, वाराणसी और नोएडा के अलग-अलग केंद्रों पर कराया गया। कानपुर नगर के करीब 18 हजार स्टूडेंटों ने लखनऊ जाकर पेपर दिया। वहां से लौटे स्टूडेंटों ने बताया कि पेपर नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) बेस्ड था। ज्यादातर क्वेश्चन इंटरमीडिएट से थे। केमिस्ट्री के कुछ क्वेश्चन उलझाने वाले रहे। सबसे ज्यादा क्वेश्चन आर्गेनिक केमिस्ट्री से आए। पेपर थ्योरेटिकल होने की वजह से स्टूडेंटों को लिखना बहुत पड़ा। बायोलॉजी (जूलोजी, बॉटनी) का पेपर सामान्य बताया गया। नीट-2 में माइनस वन मार्किंग थी।
गिर सकती है मेरिट
नीट (पहले एआईपीएमटी) की मेरिट लिस्ट गिर सकती है। पूरे देश में जब एमबीबीएस, बीडीएस की 3000 सीटें थीं, तब 720 मार्क्स में से 505 मार्क्स पाने वाले सामान्य वर्ग के स्टूडेंटों का सेलेक्शन हुआ था। इस बार एमबीबीएस, बीडीएस की 52 हजार सीटें भरी जाएंगी। ऐसे में सामान्य वर्ग की कटऑफ 400-450 हो सकती है। यानी 720 में 400-450 मार्क्स पाने वाले स्टूडेंटों को एमबीबीएस, बीडीएस में एडमिशन का मौका मिल सकता है।
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17 को आएगा रिजल्ट
नीट-1 और नीट-2 का रिजल्ट 17 अगस्त को आएगा, फिर काउंसलिंग कराकर देश के सरकारी और गैरसरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस, बीडीएस की 52 हजार सीटें भरी जाएंगी। नीट का आयोजन पहली बार कराया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, रामा मेडिकल कॉलेज और महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज की एमबीबीएस, बीडीएस की सीटें भी नीट के सफल अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी।
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नीट का पेपर रविवार को लखनऊ, वाराणसी और नोएडा के अलग-अलग केंद्रों पर कराया गया। कानपुर नगर के करीब 18 हजार स्टूडेंटों ने लखनऊ जाकर पेपर दिया। वहां से लौटे स्टूडेंटों ने बताया कि पेपर नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) बेस्ड था। ज्यादातर क्वेश्चन इंटरमीडिएट से थे। केमिस्ट्री के कुछ क्वेश्चन उलझाने वाले रहे। सबसे ज्यादा क्वेश्चन आर्गेनिक केमिस्ट्री से आए। पेपर थ्योरेटिकल होने की वजह से स्टूडेंटों को लिखना बहुत पड़ा। बायोलॉजी (जूलोजी, बॉटनी) का पेपर सामान्य बताया गया। नीट-2 में माइनस वन मार्किंग थी।
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गिर सकती है मेरिट
नीट (पहले एआईपीएमटी) की मेरिट लिस्ट गिर सकती है। पूरे देश में जब एमबीबीएस, बीडीएस की 3000 सीटें थीं, तब 720 मार्क्स में से 505 मार्क्स पाने वाले सामान्य वर्ग के स्टूडेंटों का सेलेक्शन हुआ था। इस बार एमबीबीएस, बीडीएस की 52 हजार सीटें भरी जाएंगी। ऐसे में सामान्य वर्ग की कटऑफ 400-450 हो सकती है। यानी 720 में 400-450 मार्क्स पाने वाले स्टूडेंटों को एमबीबीएस, बीडीएस में एडमिशन का मौका मिल सकता है।
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17 को आएगा रिजल्ट
नीट-1 और नीट-2 का रिजल्ट 17 अगस्त को आएगा, फिर काउंसलिंग कराकर देश के सरकारी और गैरसरकारी मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस, बीडीएस की 52 हजार सीटें भरी जाएंगी। नीट का आयोजन पहली बार कराया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, रामा मेडिकल कॉलेज और महाराणा प्रताप डेंटल कॉलेज की एमबीबीएस, बीडीएस की सीटें भी नीट के सफल अभ्यर्थियों से भरी जाएंगी।