{"_id":"5fd8b4ef0eb2346f0f34dd11","slug":"four-including-two-brothers-life-imprisonment-for-murder","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्रुखाबाद: हत्या में दो भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास, 21-21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्रुखाबाद: हत्या में दो भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास, 21-21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
Tue, 15 Dec 2020 06:40 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 15 Dec 2020 06:40 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
फर्रुखाबाद जिले में विशेष अदालत एससी/एसटी के न्यायाधीश यादवेंद्र सिंह ने जमीन की रंजिश में गोली मार कर हत्या करने के मुकदमे में दो सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 21-21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को दो-दो साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव हल्दीखेड़ा निवासी पान सिंह ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कर खेती करती थे। प्रधान ने उस जमीन की पैमाइश करा कर खुशीराम व चार अन्य लोगों को मकान निर्माण के लिए जमीन का आवंटन करा दिया था।
इन सभी लोगों ने आवंटित जमीन पर मकान निर्माण के लिए नींव भरवा दी। इसी को लेकर पान सिंह खुशीराम से रंजिश मानने लगे। 6 अगस्त 2004 को खुशीराम का पुत्र अरविंद अपने चाचा मंशाराम, चचेरे भाई दुर्विजय सिंह के साथ धान की फसल में पानी लगाकर शाम करीब 6.30 बजे बैलगाड़ी से घर आ रहा था।
विज्ञापन
इनके पीछे खुशीराम पैदल आ रहे थे। रास्ते में पान सिंह ने अपने भाई ओमकार व गांव के शेर सिंह, दशरथ ने खुशीराम को घेर लिया और मारपीट कर तमंचा से फायर कर दिया। गोली लगने से खुशीराम की मौके पर मौत हो गई। इस मामले में खुशीराम के पुत्र अरविंद कुमार ने पान सिंह, ओमकार, गांव के शेर सिंह व दशरथ के खिलाफ कंपिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना, अनुज कटियार ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी दो सगे भाइयों समेत चारों को दोषी मानकर आजीवन कारावास व 21-21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को दो-दो साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव हल्दीखेड़ा निवासी पान सिंह ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कर खेती करती थे। प्रधान ने उस जमीन की पैमाइश करा कर खुशीराम व चार अन्य लोगों को मकान निर्माण के लिए जमीन का आवंटन करा दिया था।
विज्ञापन
इन सभी लोगों ने आवंटित जमीन पर मकान निर्माण के लिए नींव भरवा दी। इसी को लेकर पान सिंह खुशीराम से रंजिश मानने लगे। 6 अगस्त 2004 को खुशीराम का पुत्र अरविंद अपने चाचा मंशाराम, चचेरे भाई दुर्विजय सिंह के साथ धान की फसल में पानी लगाकर शाम करीब 6.30 बजे बैलगाड़ी से घर आ रहा था।
विज्ञापन
इनके पीछे खुशीराम पैदल आ रहे थे। रास्ते में पान सिंह ने अपने भाई ओमकार व गांव के शेर सिंह, दशरथ ने खुशीराम को घेर लिया और मारपीट कर तमंचा से फायर कर दिया। गोली लगने से खुशीराम की मौके पर मौत हो गई। इस मामले में खुशीराम के पुत्र अरविंद कुमार ने पान सिंह, ओमकार, गांव के शेर सिंह व दशरथ के खिलाफ कंपिल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना, अनुज कटियार ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी दो सगे भाइयों समेत चारों को दोषी मानकर आजीवन कारावास व 21-21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।