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चार घंटे हाइवे जाम, हजारों लोग फंसे
अमर उजाला ब्यूरो /कानपुर
Updated Sun, 17 Jul 2016 01:57 AM IST
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यशोदानगर हाइवे पर इकट्ठा हुए ट्रांसपोर्टर आैर ट्रकों की लगी कतार।
- फोटो : amarujala
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ओवरलोडिंग के नाम पर मनमानी करने का आरोप लगाकर उत्तर प्रदेश गिट्टी-मौरंग ट्रक ऑपरेटर्स के सदस्यों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। रूमा-भौंती हाइवे चार घंटे तक जामकर प्रदेश सरकार और आरटीओ अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। लूट-घसोट का आरोप लगाया। कालपी की विधायक उमाकांति और सपा नेता अरुणा तोमर का भी घेराव किया।
इस दौरान हाइवे के दोनों तरफ तीन-चार किमी तक वाहनों की कतार लग गई और हजारों लोग फंसे रहे। कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, झांसी, आगरा, दिल्ली जाने वाले वाहन फंस गए। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के वाहनों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। दो घंटे बाद आरटीओ अफसर मौके पहुंचे और जिन ओवरलोड गाड़ियों का चालान न काटे जाने का आरोप था, उन गाड़ियों को सीज कर दिया। तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ व जाम हटा। वहीं एसोसिएशन ने शनिवार और रविवार को हड़ताल पर रहने की घोषणा की।
ट्रक आपरेटर्स का आरोप है कि बालू, मौरंग, गिट्टी को ट्रकों-डंपरों में ओवरलोड करके सप्लाई करने का खेल सालों से चल रहा है। नेता-खनन विभाग, पुलिस, आरटीओ की मिलीभगत से ये खेल खुल्लम-खुल्ला चलता है। प्रतिदिन हजारों ओवरलोड ट्रक शहर से होकर दूसरे जिलों में भी जाते हैं। इन ट्रकों के मालिकों से हर महीने बंधी अवैध रकम लेकर ओवरलोडिंग की इजाजत दी जाती है। कुछ नेताओं के ट्रकों को रकम देने से भी छूट है। इन पर बाकायदा कोडवर्ड लिखे होते हैं जिनको देखकर अधिकारी पीछे हट जाते हैं।
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इनके अलावा जो ट्रक मालिक इस खेल में शामिल नहीं होते, उनके ट्रक रोककर परेशान किया जाता है। इसी के विरोध में ट्रक आपरेटर्स दोपहर में केशव नगर स्थित यूनियन के दफ्तर में इकट्ठा हुए। इसके बाद विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए यशोदा नगर स्थित हाइवे पुल पर पहुंचे।
वहां आपरेटर्स ने एक कंपनी के ओवरलोड एक दर्जन से ज्यादा डंपरों को रोक लिया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ओवरलोड खत्म करने के नाम दोहरा मापदंड अपना रही है। एक नामचीन कंपनी के वाहनों को ओवरलोडिंग की छूट दे रखी है और दूसरे आपरेटर्स का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नौबस्ता पुलिस पहुंची और आपरेटर्स को समझाने का प्रयास किया। बात नहीं बनीं तो कमिश्नर, डीएम और आरटीओ अफसरों को जानकारी दी गई। करीब दो घंटे आरटीओ अफसर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आपरेटर्स से बातचीत की। आपरेटर्स द्वारा रोके गए ओवरलोड एक दर्जन डंपरों को आरटीओ अफसरों ने सीज किया तो हंगामा शांत हुआ। इस मौके पर दीप अवस्थी, संजय भदौरिया, आशीष सचान, सर्वेश मिश्र, किशन, रवि मिश्रा, दिनेश कनौजिया, उदय नारायण, मिंटू सलूजा और संजू सिंह आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान हाइवे के दोनों तरफ तीन-चार किमी तक वाहनों की कतार लग गई और हजारों लोग फंसे रहे। कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, झांसी, आगरा, दिल्ली जाने वाले वाहन फंस गए। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के वाहनों के साथ एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। दो घंटे बाद आरटीओ अफसर मौके पहुंचे और जिन ओवरलोड गाड़ियों का चालान न काटे जाने का आरोप था, उन गाड़ियों को सीज कर दिया। तब लोगों का गुस्सा शांत हुआ व जाम हटा। वहीं एसोसिएशन ने शनिवार और रविवार को हड़ताल पर रहने की घोषणा की।
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ट्रक आपरेटर्स का आरोप है कि बालू, मौरंग, गिट्टी को ट्रकों-डंपरों में ओवरलोड करके सप्लाई करने का खेल सालों से चल रहा है। नेता-खनन विभाग, पुलिस, आरटीओ की मिलीभगत से ये खेल खुल्लम-खुल्ला चलता है। प्रतिदिन हजारों ओवरलोड ट्रक शहर से होकर दूसरे जिलों में भी जाते हैं। इन ट्रकों के मालिकों से हर महीने बंधी अवैध रकम लेकर ओवरलोडिंग की इजाजत दी जाती है। कुछ नेताओं के ट्रकों को रकम देने से भी छूट है। इन पर बाकायदा कोडवर्ड लिखे होते हैं जिनको देखकर अधिकारी पीछे हट जाते हैं।
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इनके अलावा जो ट्रक मालिक इस खेल में शामिल नहीं होते, उनके ट्रक रोककर परेशान किया जाता है। इसी के विरोध में ट्रक आपरेटर्स दोपहर में केशव नगर स्थित यूनियन के दफ्तर में इकट्ठा हुए। इसके बाद विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया की अगुवाई में नारेबाजी करते हुए यशोदा नगर स्थित हाइवे पुल पर पहुंचे।
वहां आपरेटर्स ने एक कंपनी के ओवरलोड एक दर्जन से ज्यादा डंपरों को रोक लिया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ओवरलोड खत्म करने के नाम दोहरा मापदंड अपना रही है। एक नामचीन कंपनी के वाहनों को ओवरलोडिंग की छूट दे रखी है और दूसरे आपरेटर्स का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नौबस्ता पुलिस पहुंची और आपरेटर्स को समझाने का प्रयास किया। बात नहीं बनीं तो कमिश्नर, डीएम और आरटीओ अफसरों को जानकारी दी गई। करीब दो घंटे आरटीओ अफसर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आपरेटर्स से बातचीत की। आपरेटर्स द्वारा रोके गए ओवरलोड एक दर्जन डंपरों को आरटीओ अफसरों ने सीज किया तो हंगामा शांत हुआ। इस मौके पर दीप अवस्थी, संजय भदौरिया, आशीष सचान, सर्वेश मिश्र, किशन, रवि मिश्रा, दिनेश कनौजिया, उदय नारायण, मिंटू सलूजा और संजू सिंह आदि मौजूद रहे।