पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा का तंज: बोले- चीतों के आने से नहीं भरेगा गरीबों का पेट, न ही बेरोजगारी होगी कम
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व राज्यमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने नामीबिया से आठ एशियाई लाने पर तंज कसते हुए कहा कि चीतों के आने से न तो गरीब का पेट भरेगा और न ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यही नहीं, उन्होंने विश्वकर्मा जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग भी की है।
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इटावा जिले में सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने जन्मदिन पर गरीबों को दो वक्त की रोटी और रोजगार का संकल्प लेना चाहिए था। देश से विलुप्त हो चुके चीते लाना अच्छी बात है, लेकिन इससे गरीबों का पेट नहीं भरेगा।
समाजवादी कार्यालय पर विश्वकर्मा जयंती में शामिल हुए पूर्व राज्य मंत्री विश्वकर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर अपनी पार्टी और समाज को संभाल नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कभी राजभर समाज के मुद्दे पर आवाज ही नही उठाई।
ओमप्रकाश राजभर सरकार में भी रहे है, गठबंधन में भी रहे, लेकिन उन्होंने पिछड़ों के लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ी। उन्होंने कहा कि नेता जी ने 2005 में मुख्यमंत्री रहते पिछड़ों के लिए काम किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों विश्वकर्मा शर्मा तथा शिल्पकार समाज को बधाई दी।
सबसे पहले नेताजी और उसके बाद अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। भाजपा सरकार ने घोषित सार्वजनिक अवकाश निरस्त कर दिया है। सरकार की गलत नीतियों के चलते प्रदेश में गरीबी भुखमरी महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रदेश सरकार ने विश्वकर्मा समाज के पुश्तैनी और परंपरागत कारोबार जैसे लोहे लकड़ी के रोजगार को बढ़ावा न देने कारण समाज का विकास रूक गया है। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के जन्म दिवस 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की।