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फुटपाथों से लेकर पेट्रोल पंपों तक पर हो रहे ई-पेमेंट
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 16 Dec 2016 05:07 PM IST
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उत्तर प्रदेश में नोटबंदी में लोगों ने खुद को बदलना शुरू कर दिया है। कानपुर में इन दिनों ‘ई-मनी’ से सिस्टम चल पड़ा है। नोटबंदी के बाद हालात इतनी तेजी से बदले की फुटपाथ पर अंडा बेंचने वाले,गोल गप्पे बेचने वाले ऐसे तमाम छोटे-छोटे विक्रेता और पेट्रोल पंप तक में लेनदेन ई मनी से शुरू हो गया है। कहीं स्वाइप मशीन तो कहीं पेटीएम का सहारा लिया जा रहा है।
कई छोटे कोरोबारी कह रहे हैं नोटबंदी के बाद छाई मंदी के बाद धंधा भी मंदा हो गया। ऐसे में स्वाइप मशीन से लेनदेन शुरू किया गया। अब काम सही चल रहा है। स्वाइप मशीन लगाने के बाद पुन: कारोबार पुराने ढर्रे पर आ गया है।
स्वाइप मशीन से ईंधन की खरीद
मुख्यालय बांदा में चिल्ला रोड स्थित पेट्रोल पंप में हाल ही में स्वाइप मशीन से लेनदेन शुरू हुआ है। पेट्रोल पंप मैनेजर जगत तिवारी बताते हैं कि बैंक आफ बड़ौदा की स्थानीय ब्रांच ने यह मशीन उपलब्ध कराई है। फिलहाल इसके कार्ड धारकों की संख्या कम हैं, फिर भी रोजाना लगभग 30 ग्राहक स्वाइप मशीन से ही ईंधन खरीद रहे हैं। बैंकों में कैश संकट से जूझ रहे किसानों ने भी इसे अपनाना शुरू कर दिया है। नादंनमऊ गांव के किसान सुनील ने डेबिट कार्ड बनवा रखा है। उसने एक हजार रुपये का डीजल इसी कार्ड के जरिए अपने ट्रैक्टर पर डलवाया।
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कई छोटे कोरोबारी कह रहे हैं नोटबंदी के बाद छाई मंदी के बाद धंधा भी मंदा हो गया। ऐसे में स्वाइप मशीन से लेनदेन शुरू किया गया। अब काम सही चल रहा है। स्वाइप मशीन लगाने के बाद पुन: कारोबार पुराने ढर्रे पर आ गया है।
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स्वाइप मशीन से ईंधन की खरीद
मुख्यालय बांदा में चिल्ला रोड स्थित पेट्रोल पंप में हाल ही में स्वाइप मशीन से लेनदेन शुरू हुआ है। पेट्रोल पंप मैनेजर जगत तिवारी बताते हैं कि बैंक आफ बड़ौदा की स्थानीय ब्रांच ने यह मशीन उपलब्ध कराई है। फिलहाल इसके कार्ड धारकों की संख्या कम हैं, फिर भी रोजाना लगभग 30 ग्राहक स्वाइप मशीन से ही ईंधन खरीद रहे हैं। बैंकों में कैश संकट से जूझ रहे किसानों ने भी इसे अपनाना शुरू कर दिया है। नादंनमऊ गांव के किसान सुनील ने डेबिट कार्ड बनवा रखा है। उसने एक हजार रुपये का डीजल इसी कार्ड के जरिए अपने ट्रैक्टर पर डलवाया।
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