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Kanpur News: कोहरे का असर...यात्रीगण कृपया ध्यान दें, आज की ट्रेन कल आएगी
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सेंट्रल स्टेशन पर सोते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर। सर्द हवाओं में फर्श पर चादर बिछाकर और प्लास्टिक की बोरी से खुद को ढककर सोते लोग, कुछ बैठे तो कुछ सोने का प्रयास कर रहे थे लेकिन गलन नींद में खलल डाल रही थी। यह नजारा किसी मेले का नहीं बल्कि कानपुर सेंट्रल स्टेशन का है।
ठंड से जद्दोजहद कर रहे ये लोग वह यात्री हैं जिनकी ट्रेनें कोहरे से 16 घंटे तक लेट हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार रात सेंट्रल स्टेशन पर पड़ताल की तो यात्रियों की परेशानियां समझ में आईं। इस दिन ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान करीब 974 लोगों ने टिकट कैंसिल कराई।
कोहरे की मार से ट्रेनों की रफ्तार में ब्रेक लग गया है। हजारों यात्री लेटलतीफी का दर्द झेल रहे हैं। आलम यह है कि बुधवार को भी तेजस, राजधानी और वंदे भारत सहित 53 नियमित और स्पेशल ट्रेनें 16 घंटे तक देरी से कानपुर सेंट्रल आईं। इससे यात्री और उनके परिजन गलन में कांपते हुए स्टेशन पर बैठे रहे।
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थोड़ी-थोड़ी देर में हो रहे उद्घोष से ट्रेनों के और लेट होने की जानकारी दी जा रही थी। इससे खुली जगह पर ठिठुरन भरी ठंड में बैठकर ट्रेन का इंतजार करना किसी सजा से कम नहीं था। हालत यह थी कि प्रतिक्षालय और वेटिंग हॉल लगातार भरे रहे।
फुटओवर ब्रिज से लेकर प्लेटफॉर्म के फर्श और पोर्टिको तक जिसे जहां जगह मिली चादर और प्लास्टिक बिछा कर सो गया। कैंट और सिटी साइड के बाहर की तरफ भी लोग ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। एक्जीक्यूटिव एसी हॉल के ऑपरेशन इंचार्ज संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आम दिनों में यात्री नहीं आते लेकिन अब सिटिंग से लेकर आरामदायक सोफे भी फुल हैं। कुछ यात्री तो जगह न होने की वजह से वापस भी चले गए।
ठंड से हालत बिगड़ी तो यात्रा की रद्द
बर्रा निवासी टीनू को पत्नी रीता के साथ पटना से दिल्ली जाने वाली 02391 आनंद विहार स्पेशल से जाना था। ट्रेन रात 10:30 बजे सेंट्रल स्टेशन आई। घर से चलने के दौरान एप पर लाइव लोकेशन में ट्रेन डेढ़ घंटा लेट दिखा रही थी। सेंट्रल स्टेशन पहुंचकर कुछ देर इंतजार किया लेकिन तभी पता चला कि अब ट्रेन साढ़े चार घंटा लेट है। गलन व ठंड में हालत बिगड़ गई। इस पर टिकट कैंसल कराकर घर लौट गए। वहीं कुछ यात्री ट्रेनें लेट होने की वजह से अलाव तापने पहुंच गए।
ये ट्रेनें रहीं घंटे लेट
22405 भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ 16 घंटे, 02563 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल 13 घंटे, 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल दस घंटे, 04126 मुंबई बांद्रा-सूबेदारगंज स्पेशल छह घंटे, 19038 अवध एक्सप्रेस चार घंटे, 12469 कानपुर सेंट्रल-जम्मू एक्सप्रेस तीन घंटे, 22824 भुवनेश्वर तेजस राजधानी चार घंटे, 22435 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत दो घंटे, 22425 अयोध्या-आनंद विहार वंदे भारत तीन घंटे, 22436 वाराणसी वंदे भारत तीन घंटे, 12452 श्रम शक्ति एक्सप्रेस दो घंटे देरी से आई। बता दें कि इसके एक दिन पहले, मंगलवार को 02310 पटना-नई दिल्ली एसी स्पेशल 20 घंटे, 64588 कानपुर सेंट्रल-टूंडला मेमू 04:30 घंटे, 03309 धनबाद- नई दिल्ली स्पेशल आठ घंटे, 14118 कालिंदी एक्सप्रेस आठ घंटे, 12452 नई दिल्ली-कानपुर सेंट्रल श्रमशक्ति एक्सप्रेस नौ सहित 76 ट्रेनें लेट थी।
दो से तीन लाख यात्री प्रतिदिन करते सफर
कानपुर सेंट्रल से प्रतिदिन 210 नियमित व 78 स्पेशल ट्रेनें जाती हैं। गोविंदपुरी से 24 जोड़ी ट्रेनें आती-जाती हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन दोनों रेलवे स्टेशनों को मिलाकर करीब दो से तीन लाख के आसपास यात्री आते-जाते हैं। सर्दी में सबसे बड़ी समस्या रेलवे स्टेशनों पर ठंड से बचाव की आती है।
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ठंड से जद्दोजहद कर रहे ये लोग वह यात्री हैं जिनकी ट्रेनें कोहरे से 16 घंटे तक लेट हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने बुधवार रात सेंट्रल स्टेशन पर पड़ताल की तो यात्रियों की परेशानियां समझ में आईं। इस दिन ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान करीब 974 लोगों ने टिकट कैंसिल कराई।
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कोहरे की मार से ट्रेनों की रफ्तार में ब्रेक लग गया है। हजारों यात्री लेटलतीफी का दर्द झेल रहे हैं। आलम यह है कि बुधवार को भी तेजस, राजधानी और वंदे भारत सहित 53 नियमित और स्पेशल ट्रेनें 16 घंटे तक देरी से कानपुर सेंट्रल आईं। इससे यात्री और उनके परिजन गलन में कांपते हुए स्टेशन पर बैठे रहे।
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थोड़ी-थोड़ी देर में हो रहे उद्घोष से ट्रेनों के और लेट होने की जानकारी दी जा रही थी। इससे खुली जगह पर ठिठुरन भरी ठंड में बैठकर ट्रेन का इंतजार करना किसी सजा से कम नहीं था। हालत यह थी कि प्रतिक्षालय और वेटिंग हॉल लगातार भरे रहे।
फुटओवर ब्रिज से लेकर प्लेटफॉर्म के फर्श और पोर्टिको तक जिसे जहां जगह मिली चादर और प्लास्टिक बिछा कर सो गया। कैंट और सिटी साइड के बाहर की तरफ भी लोग ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। एक्जीक्यूटिव एसी हॉल के ऑपरेशन इंचार्ज संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आम दिनों में यात्री नहीं आते लेकिन अब सिटिंग से लेकर आरामदायक सोफे भी फुल हैं। कुछ यात्री तो जगह न होने की वजह से वापस भी चले गए।
ठंड से हालत बिगड़ी तो यात्रा की रद्द
बर्रा निवासी टीनू को पत्नी रीता के साथ पटना से दिल्ली जाने वाली 02391 आनंद विहार स्पेशल से जाना था। ट्रेन रात 10:30 बजे सेंट्रल स्टेशन आई। घर से चलने के दौरान एप पर लाइव लोकेशन में ट्रेन डेढ़ घंटा लेट दिखा रही थी। सेंट्रल स्टेशन पहुंचकर कुछ देर इंतजार किया लेकिन तभी पता चला कि अब ट्रेन साढ़े चार घंटा लेट है। गलन व ठंड में हालत बिगड़ गई। इस पर टिकट कैंसल कराकर घर लौट गए। वहीं कुछ यात्री ट्रेनें लेट होने की वजह से अलाव तापने पहुंच गए।
ये ट्रेनें रहीं घंटे लेट
22405 भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ 16 घंटे, 02563 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल 13 घंटे, 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल दस घंटे, 04126 मुंबई बांद्रा-सूबेदारगंज स्पेशल छह घंटे, 19038 अवध एक्सप्रेस चार घंटे, 12469 कानपुर सेंट्रल-जम्मू एक्सप्रेस तीन घंटे, 22824 भुवनेश्वर तेजस राजधानी चार घंटे, 22435 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत दो घंटे, 22425 अयोध्या-आनंद विहार वंदे भारत तीन घंटे, 22436 वाराणसी वंदे भारत तीन घंटे, 12452 श्रम शक्ति एक्सप्रेस दो घंटे देरी से आई। बता दें कि इसके एक दिन पहले, मंगलवार को 02310 पटना-नई दिल्ली एसी स्पेशल 20 घंटे, 64588 कानपुर सेंट्रल-टूंडला मेमू 04:30 घंटे, 03309 धनबाद- नई दिल्ली स्पेशल आठ घंटे, 14118 कालिंदी एक्सप्रेस आठ घंटे, 12452 नई दिल्ली-कानपुर सेंट्रल श्रमशक्ति एक्सप्रेस नौ सहित 76 ट्रेनें लेट थी।
दो से तीन लाख यात्री प्रतिदिन करते सफर
कानपुर सेंट्रल से प्रतिदिन 210 नियमित व 78 स्पेशल ट्रेनें जाती हैं। गोविंदपुरी से 24 जोड़ी ट्रेनें आती-जाती हैं। इस हिसाब से प्रतिदिन दोनों रेलवे स्टेशनों को मिलाकर करीब दो से तीन लाख के आसपास यात्री आते-जाते हैं। सर्दी में सबसे बड़ी समस्या रेलवे स्टेशनों पर ठंड से बचाव की आती है।