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Kanpur News: पांच क्रिटिकल कॉरिडोर व 17 ब्लैक स्पॉट पर होते सर्वाधिक सड़क हादसे

Sat, 28 Feb 2026 01:55 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:55 AM IST
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Five critical corridors and 17 black spots are the most frequent road accidents.
कानपुर। देश के सर्वाधिक सड़क हादसों वाले 100 शहरों में शुमार कानपुर अब जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) बनने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। परिवहन विभाग शहर के ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील मार्गों का विस्तृत डिजिटल डाटाबेस तैयार कर रहा है। इसमें हर हादसे का सूक्ष्म विश्लेषण और सुधारात्मक कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड दर्ज होगा। विभाग के सर्वे में सामने आया कि शहर में पांच क्रिटिकल कॉरिडोर और 17 क्रिटिकल क्रैश बैरियर (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर बार-बार हो रहे हादसों को देखते हुए विशेष निगरानी शुरू की गई है।
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बीते कुछ वर्षों में कानपुर में सड़क हादसों में लगातार मौतें हुई हैं, जिससे शहर राष्ट्रीय स्तर पर उच्च जोखिम वाले शहरों की सूची में शामिल हुआ था। ऐसे में जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट की शुरुआत की गई है। इसमें अधिकारियों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। यदि किसी ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य के बाद भी दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी तय होगी।
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रोडमैप में सड़क सुरक्षा ऑडिट की तारीख, चिह्नित कमियां (रोड इंजीनियरिंग, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था आदि), दिए गए सुझाव, अब तक किए गए सुधारात्मक कार्य, लघु एवं दीर्घकालिक उपाय, जिम्मेदार विभाग या एजेंसी का नाम दर्ज करना होगा। आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लैक स्पॉट और अन्य संवेदनशील बिंदुओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कमियों की समीक्षा और समयबद्ध सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
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हर हादसे का होगा माइक्रो एनालिसिस
अब सिर्फ संख्या नहीं बल्कि हर दुर्घटना का विस्तृत डाटा दर्ज होगा। हादसे का सटीक स्थान व समय, वाहन का प्रकार (दो पहिया, चार पहिया, भारी वाहन), दुर्घटना का कारण (ओवरस्पीड, ब्लाइंड स्पॉट, गड्ढे, संकेतक की कमी आदि) बताना पड़ेगा। मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण बताना होगा। इन तथ्यों के आधार पर तात्कालिक (जैसे बैरिकेडिंग, स्पीड कंट्रोल, संकेतक) और दीर्घकालिक (सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर, फ्लाईओवर, पुनर्रचना) उपाय तय किए जाएंगे।
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