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UP: विश्वविद्यालयों की मदद से एक साल में खुलीं पांच कंपनियां, खोले गए स्टार्टअप और इंक्यूबेशन सेंटर

Wed, 29 Jun 2022 12:22 PM IST
शिखा पांडेय दिव्यांश सिंह, कानपुर
दिव्यांश सिंह, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 29 Jun 2022 12:22 PM IST
सार

सीएसजेएमयू, सीएसए और एचबीटीयू में स्टार्टअप, एंटरप्रेन्योरशिप और इंक्यूबेशन सेंटर खुल गए हैं। इनकी मदद से छात्रों के लिए बड़े-बड़े उद्यमियों के साथ वर्कशॉप कराई जाती है।

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Five companies opened in a year with the help of universities
स्टार्टअप - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के तीनों विश्वविद्यालय छात्रों को पढ़ाने और नौकरी दिलाने के साथ-साथ उद्यमी भी बना रहे हैं। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में स्टार्टअप, एंटरप्रेन्योरशिप और इंक्यूबेशन सेंटर खुल गए हैं।

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इनकी मदद से छात्रों के लिए बड़े-बड़े उद्यमियों के साथ वर्कशॉप कराई जाती है। स्टार्टअप को तकनीकी मदद के साथ ऑफिस के लिए जगह भी मुहैया कराई जाती है। ये सेंटर सरकारी फंड दिलाने के साथ ही कंपनी को खड़ा करने में तीन साल तक मदद करते हैं। इसके बाद कंपनियां लाभ का एक या दो प्रतिशत इंक्यूबेटेड सेंटर को देती हैं। सीएसजेएमयू और सीएसए के छात्रों ने एक साल के भीतर पांच कंपनियां खड़ी कर दी हैं, वहीं एचबीटीयू के छात्रों की ओर से जल्द ही एक कंपनी वजूद में आने वाली है।

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सीएसजेएमयू ने तीन युवाओं को बनाया उद्यमी
सीएसजेएमयू के छत्रपति शाहूजी महाराज इनोवेशन फाउंडेशन मई 2022 में पंजीकृत हुआ है। हालांकि सेंटर पहले से चल रहा था। फाउंडेशन ने तीन कंपनियों को इंक्यूबेट किया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि एमबीए के छात्र तुषार त्रिवेदी की भारत टेक इको सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, बीटेक छात्र प्रियरंजन की न्यू गेटर टेक्नोलॉजी और किदवईनगर के रहने वाले राहुल दीक्षित की संघ्रा इनोवेशंस को बढ़ावा दिया गया है। विवि के छात्रों के अलावा कोई भी अपना स्टार्टअप आडिया दे सकता है। विशेषज्ञों का पैनल विचार करने के बाद कंपनी को इंक्यूबेट करेगा। तुषार की कंपनी देसी सर्च इंजन बनाने पर काम कर रही है। प्रियरंजन की कंपनी एयर प्यूरीफायर और राहुल की कंपनी पोर्टेबल ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बनाती है।

सीएसए के सहयोग से खड़ी हुईं दो कंपनियां
सीएसए में 11 सितंबर 2021 को सेंटर फॉर इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन टू एग्री स्टार्टअप खोला गया है। यह प्रदेश का पहला एग्री स्टार्टअप सेंटर है। प्रभारी डॉ. विजय यादव ने बताया कि सेंटर ने कर्तव्य किशोर वर्मा की फिट बाइट और शिवम तिवारी, मनीष पांडेय की ग्रीन रेजिडेंट एग्री स्टार्टअप को इंक्यूबेट किया है। छात्रों की ओर से 10 अन्य कंपनियों के प्रस्ताव आए हैं, इन पर विचार चल रहा है। फिट बाइट पोषक तत्वों से भरपूर सलाद का पैकेट तैयार कर सप्लाई करती है। ग्रीन रेजिडेंट छोटे-छोटे गार्डेन तैयार करने के साथ ही वर्मी कंपोस्ट और मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए बूस्टर तैयार करती है। 

एचबीटीयू के अटल इंक्यूबेशन की मदद से जल्द ही बनेगी एक कंपनी
एचबीटीयू के अटल इंक्यूबेशन हब में छात्रों को उद्यमिता की अलग से कक्षाएं लगाई जाती हैं। लैब में आकर छात्र प्रयोगों और विचारों के आधार पर प्रोटोटाइप तैयार करते हैं। छात्रों ने मिट्टी का फ्रिज, माडर्न गोशाला और रिफर्बिस्ड इलेक्ट्रिक बाइक का प्रोटोटाइप तैयार किया है। छात्रों द्वारा बनाए गए रेन हार्वेस्टिंग ब्रिज को आईआईटी में स्टार्टअप प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार (1.15 लाख रुपये) मिला है। हब के डीन प्रो. अरुण मैथानी ने बताया कि एचबीटीयू टेक्नोलॉजी, बिजनेस एंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन नाम से नो प्रॉफिट, नो लॉस की कंपनी को मई 2022 में पंजीकृत कराया गया है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में संस्थान के छात्र द्वारा बनाई गई पहली कंपनी को इंक्यूबेट किया जाएगा। 

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मिल मालिक को मर्सिडीज से आता देख आया उद्यमी बनने का विचार
सीएसए से एमएससी (कृषि) के छात्र शिवम तिवारी और मनीष पांडेय ने ग्रीन रेजिडेंट इंटरप्राइजेज कंपनी शुरू की है। मंधना निवासी शिवम ने बताया कि उनके यहां एक मिल का मालिक मर्सिडीज से आता था। उसे देखकर ही उद्यमी बनने की इच्छा हुई। इसी के चलते कंपनी की शुरुआत की। उनकी कंपनी किचन गार्डेन, टेरेस गार्डेन, जैविक सब्जी उत्पादन यूनिट तैयार करने का काम करती है। वर्मी कंपोस्ट, उपजाऊ मिट्टी और पौधे के लिए बूस्टर भी बनाते हैं। उनकी कंपनी में पांच लोग नौकरी कर रहे हैं। आने वाले समय में कंपनी जैविक कीटनाशक लाएगी। 

गूगल की तर्ज पर बना रहे देसी सर्च इंजन
सीएसजेएमयू में एमबीए के छात्र तुषार त्रिवेदी ने भारत टेक इको सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की है। यह कंपनी भारत सर्च के नाम से सर्च इंजन बना रही है। तुषार ने बताया कि अभी हम अमेरिकी सर्च इंजन गूगल पर काम करते हैं। इसमें डाटा चोरी की आशंका रहती है। भारत सर्च एक हाइपर लोकल सर्च इंजन होगा, इसका डाटा सेंटर चेन्नई और रांची में है। तीसरा डाटा सेंटर सीएसजेएमयू में बन रहा है। बताया कि एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरित होकर स्टार्टअप का विचार आया है। उनकी टीम में हिमांशु, आशीष कौशल और अनुभा यादव समेत आठ लोग हैं। तुषार एक कंपनी में नौकरी भी कर रहे हैं।

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