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जिंदा जली किशोरी, सौ दुकानें राख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2016 02:10 AM IST
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आग से राख हुईं दुकानें।
- फोटो : amarujala
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परेड बाजार में शुक्रवार रात लगी भीषण आग में एक किशोरी जिंदा जल गई और उसे बचाने में मां और भाई भी गंभीर रूप से झुलस गए। इस अग्निकांड में सौ से अधिक दुकानें जल गईं और उनमें रखा करोड़ों का माल राख हो गया। 15 से अधिक दमकल की गाड़ियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वहीं किशोरी के परिजनों ने व्यापारियों के साथ मिलकर रोड जाम करने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे अफसरों ने उन्हें शांत कराया। आग कैसे लगी, इस पर अभी संदेह है। बता दें परेड बाजार में इसके पहले भी चार-पांच बार भीषण आग लग चुकी है। शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे परेड चौराहा (मुर्गा बाजार) की ओर से दुकानों में आग शुरू हुई। अधिकतर दुकानें कच्ची हैं। इस कारण देखते ही देखते पूरा बाजार धधक उठा।
इन्हीं दुकानों के बीच में सोमवती (47) भी टट्टर के बनी झोपड़ी में बेटी रोशनी, चांदनी (14) व बेटे जितेंद्र और महेंद्र के साथ रहती थी। आग की चपेट में आकर बेटी चांदनी जिंदा जल गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी सोमवती और जितेंद्र को उर्सला में भर्ती कराया गया है।
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जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती तब तक सौ से अधिक छोटी बड़ी दुकानें जल चुकी थीं। चार बकरे भी जिंदा जल गए। दमकल गाड़ियों ने कई चक्कर लगाकर सौ से अधिक बार गाड़ियों का पानी डाला तब जाकर आग बुझ सकी। रजिस्टर्ड बाजार कमेटी के अध्यक्ष इमरान और महामंत्री सदर उर्फ रईश ने बताया कि इस हादसे में व्यापारियों का करोड़ों का नुकसान हुआ है।
मामले की जानकारी पर डीएम कौशल राज शर्मा, एसएसपी शलभ माथुर, एडीएम अविनाश सिंह सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। लेखपाल ने मौका मुआयना करके पीड़ित व्यापारियों का नाम दर्ज कर लिया है। नुकसान का आकलन भी किया है।
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वहीं किशोरी के परिजनों ने व्यापारियों के साथ मिलकर रोड जाम करने की कोशिश की। मौके पर पहुंचे अफसरों ने उन्हें शांत कराया। आग कैसे लगी, इस पर अभी संदेह है। बता दें परेड बाजार में इसके पहले भी चार-पांच बार भीषण आग लग चुकी है। शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे परेड चौराहा (मुर्गा बाजार) की ओर से दुकानों में आग शुरू हुई। अधिकतर दुकानें कच्ची हैं। इस कारण देखते ही देखते पूरा बाजार धधक उठा।
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इन्हीं दुकानों के बीच में सोमवती (47) भी टट्टर के बनी झोपड़ी में बेटी रोशनी, चांदनी (14) व बेटे जितेंद्र और महेंद्र के साथ रहती थी। आग की चपेट में आकर बेटी चांदनी जिंदा जल गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसी सोमवती और जितेंद्र को उर्सला में भर्ती कराया गया है।
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जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचती तब तक सौ से अधिक छोटी बड़ी दुकानें जल चुकी थीं। चार बकरे भी जिंदा जल गए। दमकल गाड़ियों ने कई चक्कर लगाकर सौ से अधिक बार गाड़ियों का पानी डाला तब जाकर आग बुझ सकी। रजिस्टर्ड बाजार कमेटी के अध्यक्ष इमरान और महामंत्री सदर उर्फ रईश ने बताया कि इस हादसे में व्यापारियों का करोड़ों का नुकसान हुआ है।
मामले की जानकारी पर डीएम कौशल राज शर्मा, एसएसपी शलभ माथुर, एडीएम अविनाश सिंह सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों को मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। लेखपाल ने मौका मुआयना करके पीड़ित व्यापारियों का नाम दर्ज कर लिया है। नुकसान का आकलन भी किया है।