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गंगा मैली करने वालों पर होगी एफआईआर
कानपुर/ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2013 12:54 PM IST
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पतित पावनी गंगा को मैली करने वालों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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आम लोगों को गंगा अभियान से जोड़ने के लिए यह प्रस्ताव जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज के शिष्य दंडी संन्यासी स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद महाराज ने शुक्रवार को देव नगर स्थित धर्म भवन में पास किया।
इसके लिए उन्होंने शहर में 'गंगा सेवा महासंघ' का गठन भी किया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज न होने पर लोग थाने से शिकायत की रिसीविंग लेकर इसे महासंघ तक पहुंचाएं। महासंघ उनकी शिकायत पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने जाजमऊ और परमट घाट की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा में गिरते नालों की अनदेखी करने वाले अफसरों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया जाएगा।
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अभियान के पहले चरण में देश में सवा लाख एफआईआर का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में चार बिंदुओं पर काम होगा। इसके लिए एक कोर कमेटी भी गठित होगी। उन्होंने गंगा सफाई के नाम पर कमाई में जुटी संस्थाओं को भी आड़े हाथों लिया।
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इस मौके पर बजरंग दल के शैलेंद्र त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, विश्व हिंदू परिषद के अवध बिहारी मिश्र, विश्व शांति परिषद के उमाकांत शुक्ल, शैलेंद्र त्रिपाठी ने महासंघ से जुड़ने की हामी भरी।
अभियान के चार बिंदु
गंगा मैली करने वालों के खिलाफ एफआईआर
गंगा अभियान से जुड़ी संस्थाओं को महासंघ से जोड़ना
शहर में गंगा के प्रवेश और निकास द्वारा के बीच संयंत्र लगाकर प्रदूषण जांचना
गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने की मांग उठाना
काशी में 100 एफआईआर
स्वामी जी ने बताया कि काशी में लोगों ने नगर निगम, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, साधु-संतों, चट्टा मालिकों, संस्थाओं आदि के खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज कराई हैं। उन्होंने गंगा नदी पर 70 बांध बनाने का प्रस्ताव सही बताने वाली चतुर्वेदी कमेटी की रिपोर्ट को घातक बताया।