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Kanpur News: नई जगह लाइट बोर्ड लगाने, दूसरे पक्ष का पोस्टर फाड़ने के कारण हुई एफआईआर
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कानपुर। रावतपुर थाने में एफआईआर आई लव मोहम्मद लिखे बैनर को लगाने पर नहीं बल्कि नए स्थान पर टेंट, पोस्टर, बैनर व लाइट बोर्ड लगाने और दूसरे पक्ष के धार्मिक पोस्टर को फाड़ने की वजह से हुई है। यह बात पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने शहरकाजी और जामा मस्जिद के इमाम से कही।
मंगलवार को शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही, शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी, नायब शहरकाजी कारी मोहम्मद सगीर आलम, मौलाना असगर अली यार अल्वी खतीबो ने रावतपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान एक पक्ष पर हुई कार्रवाई के संबंध में मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि धार्मिक पोस्टर को फाड़ दिए जाने से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी थी। शहर और अन्य जगहों पर जो विरोध हो रहा है वह गलत तथ्यों पर हो रहा है। इसकी गहराई से जांच की जा रही है। जो व्यक्ति दोषी नहीं है रिपोर्ट से उनके नाम हटा दिए जाएंगे। वास्तविक उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने 27 लोगों पर की एफआईआर
रावतपुर थाने के दरोगा पंकज शर्मा ने नौ नामजद समेत 27 के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की एफआईआर कराई है। उन्होंने एफआईआर में लिखा है कि चार सितंबर को सैय्यदनगर मोहल्ले में मो. जफर वाली गली के सामने आई लव मोहम्मद का लाइट बोर्ड लगा हुआ था। यह विगत वर्षों में रोशनी के कार्यक्रम में कभी नहीं लगा। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हुई लेकिन पुलिस बल ने मामले को शांत करा दिया। बोर्ड को दूसरी जगह लगाया गया। पांच सितंबर को जुसूल निकलने के दौरान कुछ लोगों ने दूसरे पक्ष के पोस्टर को जानबूझकर फाड़ दिया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर आरोपियों पर कार्रवाई की गई। रावतपुर थाने में हुई कार्रवाई पर शहर ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोग सोशल मीडिया पर भी एफआईआर को लेकर भड़ास निकाल रहे हैं।
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मंगलवार को शहरकाजी मुफ्ती साकिब अदीब मिस्बाही, शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी, नायब शहरकाजी कारी मोहम्मद सगीर आलम, मौलाना असगर अली यार अल्वी खतीबो ने रावतपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान एक पक्ष पर हुई कार्रवाई के संबंध में मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि धार्मिक पोस्टर को फाड़ दिए जाने से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी थी। शहर और अन्य जगहों पर जो विरोध हो रहा है वह गलत तथ्यों पर हो रहा है। इसकी गहराई से जांच की जा रही है। जो व्यक्ति दोषी नहीं है रिपोर्ट से उनके नाम हटा दिए जाएंगे। वास्तविक उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने 27 लोगों पर की एफआईआर
रावतपुर थाने के दरोगा पंकज शर्मा ने नौ नामजद समेत 27 के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की एफआईआर कराई है। उन्होंने एफआईआर में लिखा है कि चार सितंबर को सैय्यदनगर मोहल्ले में मो. जफर वाली गली के सामने आई लव मोहम्मद का लाइट बोर्ड लगा हुआ था। यह विगत वर्षों में रोशनी के कार्यक्रम में कभी नहीं लगा। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति हुई लेकिन पुलिस बल ने मामले को शांत करा दिया। बोर्ड को दूसरी जगह लगाया गया। पांच सितंबर को जुसूल निकलने के दौरान कुछ लोगों ने दूसरे पक्ष के पोस्टर को जानबूझकर फाड़ दिया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर आरोपियों पर कार्रवाई की गई। रावतपुर थाने में हुई कार्रवाई पर शहर ही नहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। लोग सोशल मीडिया पर भी एफआईआर को लेकर भड़ास निकाल रहे हैं।
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