फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   final farewell of martyr azad

शहीद ‘आजाद’ को नम आखों से हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई

Thu, 02 Feb 2017 01:46 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 02 Feb 2017 01:46 AM IST
विज्ञापन
final farewell of martyr azad
शहीद आजाद की अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर के गुरेज सेक्टर में 26 जनवरी को आए बर्फीले तूफान में शहीद जवान आजाद सिंह यादव का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक घर फर्रुखाबाद के रोहिला में पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।  गांव के बाहर खेत में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन


हेलीकाप्टर से शहीद के शव को लेकर पहुंचे
दोपहर बाद सेना के जवान हेलीकाप्टर से शहीद के शव को लेकर पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों को दिखाने के बाद शहीद के पैतृक खेत पर चिता सजाई गई। यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शाम पांच बजकर 10 मिनट पर शहीद के छोटे भाई पावस यादव ने मुखाग्नि दी। 
विज्ञापन


मातमी धुन बजाकर शहीद को श्रद्धांजलि
फतेहगढ़ के राजपूत रेजीमेंट के सैनिकों ने शस्त्र उलटे कर तथा बैंड की मातमी धुन बजाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। सिखलाई रेजीमेंट के ब्रिगेडियर कवींद्र सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल भूपेंद्र सिंह चौहान, कैप्टन रवींद्र कुमार भी अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार को हर संभव मदद का भरोसा
शहीद के परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।  भाजपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह, निवर्तमान सपा विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी, निवर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा, राम सेवक यादव, दलगंजन सिंह यादव, अशोक यादव, अमित यादव आदि जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर शोक संवेदना जताई।

पुलिस क्षेत्राधिकारी उमेश शर्मा, कोतवाल प्रमोद शुक्ला ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस कर्मियों ने भी पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।

शहीद की पत्नी हुई बेहोश
आजाद सिंह का शव जैसे ही हेलीकाप्टर से उतारकर सेना के जवान लेकर पहुंचे तो यह दृश्य देखकर उसकी पत्नी पुष्पा देवी बेहोश हो गई। इससे अफरातफरी मच गई। पानी के छींटे मारकर उसे होश में लाया गया। मुखाग्नि देने से पहले भी वहां पहुंची पुष्पा चिता के ऊपर लेटने लगी और पति के साथ उसे भी जला देने की जिद करने लगी। जैसे-तैसे उसे समझाया गया। शहीद की बेटी दिव्यांशी, प्रियांशी व भाई होशियार सिंह, सज्जन सिंह, रोहितास सिंह, पावस यादव का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। रोड किनारे व ट्यूबवेल की छतों पर लोग खड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed