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अब फॉल्ट हुआ तो बनने में लाले
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:15 AM IST
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सर्वोदय नगर लेबर कोर्ट में प्रदर्शन करते केसको के संविदा कर्मचारी।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। बिजली फॉल्टों से पहले से परेशान शहरियों के लिए एक बुरी खबर है। केस्को ने संविदा कर्मचारियों की भर्तियों के लिए अब तक लागू ठेकेदारी प्रथा खत्म कर दी है। इससे शहर के 900 संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसमें 177 गैंगों में शामिल 550 लाइनमैन और कई हेल्पर हैं, जो कहीं भी फॉल्ट होने पर पहुंचते हैं। यही वजह है कि हड़ताल की वजह से गुरुवार को कई इलाकों में बिजली की मरम्मत न होने से शहरियों को परेशान होना पड़ा। केस्को अब उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से संविदा कर्मचारियों की भर्ती करेगा। कम से कम 15 दिन लगेंगे।
लाइनमैन होंगे डिप्लोमा होल्डर
केस्को ने लाइनमैनों की नई भर्तियों के लिए शैक्षिक योग्यता को आधार बनाया है। इसके तहत लाइनमैनों का आईटीआई से इलेक्ट्रिकल ट्रेड में डिप्लोमा होना जरूरी है। अभी तक शहर में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत लाइनमैन और हेल्परों की भर्तियां की गई थीं। इनकी योग्यता का कोई पैमाना नहीं था। इन्हें 8,398 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। नई भर्तियों में संविदा कर्मियों को 13, 058 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। शहर में 177 गैंग के करीब 550 लाइनमैन और हेल्पर और कंस्ट्रक्शन डिवीजन के करीब 350 संविदा कर्मचारी कार्यरत थे। गैंगों का काम फॉल्ट दुरुस्त करना, अभियान में बिजली काटना, राजस्व वसूली में मदद करना है। कंस्ट्रक्शन डिवीजन के संविदा कर्मचारी पोल उखाड़ते-लगाते, लाइन खींचते, ट्रांसफार्मर दुरुस्त आदि काम करते हैं।
नहीं बन पाए फॉल्ट, कर्मचारियों का धरना
संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई जगह पर फॉल्ट दुरुस्त नहीं हो सके। एक महीने से आरटीओ रोड पर काम करा रहे केस्को ने सुबह दस बजे बिजली तो काट दी लेकिन शाम छह बजे तक चालू नहीं करा सका। इससे गुस्साए पीएफ, ईएसआई कालोनी के कर्मचारियों समेत सर्वोदय नगर की पब्लिक आरटीओ रोड पहुंचकर धरना देने लगी। इससे जेई और नियमित कर्मचारियों ने लाइन खींचकर रात साढ़े आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल की। इसमें उमेश शुक्ला, सज्जन, अशोक कुमार, रोहित शर्मा, धर्मेंद्र, राजकुमार, दयानंद आर्या मौजूद रहे।
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लेबर कोर्ट में संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन
संविदा कर्मचारी संगठन केस्को के अध्यक्ष और एक्टू के प्रतिनिधि दिनेश सिंह भोले की अगुवाई में संविदा कर्मचारी सर्वोदय नगर लेबर कोर्ट पहुंचे। उप श्रमायुक्त को ज्ञापन दिया और बताया कि कई कर्मचारियों की ठेकेदारी का अनुबंध खत्म होने के पहले ही हटा दिया गया है। इससे 900 कर्मचारियों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कानून के मुताबिक न्याय की मांग की।
गल्ला मंडी इलाके में कम होंगे बिजली फॉल्ट
नौबस्ता गल्ला मंडी इलाके में बिजली फॉल्ट अब कम होंगे। केस्को गल्ला मंडी सबस्टेशन में लगे दो पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मरों में एक को बदलकर दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाएगा। साथ ही एक नया फीडर बनेगा। गल्ला मंडी फीडर को काटकर न्यू गल्ला मंडी फीडर बनाया जाएगा। पहले फीडर में करीब 12 हजार कनेक्शन हैं और पूरे सबस्टेशन में कुल 26 हजार। ओवरलोडिंग के चलते फॉल्टों की वजह से पूरे फीडर का शटडाउन लिया जाता है। साथ ही आवास विकास और गल्लामंडी फीडर को भी बंद करना पड़ता है। अब सिर्फ मरम्मत के लिए एक फीडर से ही शटडाउन होगा। लो वोल्टेज की समस्या भी दूर होगी। गल्ला मंडी, बिनगवां, दपसौरीपुरवा इलाके के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
खून निकालते समय बिजली गुल
बिजली कटौती से गुरुवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक समेत हैलट और संबद्ध अस्पतालों में मरीजों का बुरा हाल रहा। ब्लडबैंक में खून निकालते समय अंधेरा छा गया। काफी देर तक रक्तदाता और कर्मचारी परेशान रहे। जेनरेटर चलाया गया, लेकिन लोड नहीं उठा पाया। उमस के कारण ज्यादा दिक्कत हुई। मेडिकल कॉलेज, हैलट और संबद्ध चार
अस्पतालों में सुबह दस बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक कटौती होनी थी। केस्को ने इसकी सूचना पहले ही दे दी थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था में लापरवाही बरती। तीन बजे के बाद जब बिजली आई तब ब्लड बैंक समेत अस्पतालों में काम सुचारु हो पाया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि बिजली न होने से दिक्कत हुई है। ब्लड बैंक नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा तब व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
बेनाझाबर की बिजली गई, जलापूर्ति प्रभावित
बेनाझाबर वाटर वर्क्स की गुरुवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बिजली गुल होने से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से आ रहे पानी का शोधन बंद हो गया। बैराज से आ रहा पानी भी जोनल पंपिंग स्टेशनों और टंकियों में नहीं पहुंच पाया। शाम को बिजली आने पर कच्चे पानी का शोधन और उसे टंकियों में भेजना शुरू किया गया, पर कुछ टंकियां आधी भर पाईं और कुछ उससे भी कम। इसी बीच घरों में पानी भेजने का समय शुरू हो गया, इससे नलों से लो-प्रेशर से पानी आया।
रेलवे कालोनी में 34 घंटे नहीं रही बिजली
रेलवे कालोनी में 34 घंटे तक बिजली गुल रहने से हैरिसगंज सबस्टेशन से रेलवे कालोनी औरइससे पैराशूट फैक्ट्री के लोग परेशान रहे। केबल फॉल्ट होने और सबस्टेशन का पॉवर ट्रांसफार्मर बनाने में केस्को को 34 घंटे लग गए। बुधवार सुबह आठ बजे की गई बिजली आपूर्ति गुरुवार शाम छह बजे बहाल हो सकी। शांति नगर फीडर भी बुधवार रात आठ से गुरुवार शाम छह बजे तक बंद रहा। इससे हैरिसगंज, शांति नगर, रेल बाजार, फेथफुलगंज, मीरपुर छावनी की बिजली 22 घंटे तक गुल रही। इलाके के 20 हजार घरों में लोग बिजली-पानी न मिलने से परेशान रहे। रात भर लोग सो नहीं सके।
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लाइनमैन होंगे डिप्लोमा होल्डर
केस्को ने लाइनमैनों की नई भर्तियों के लिए शैक्षिक योग्यता को आधार बनाया है। इसके तहत लाइनमैनों का आईटीआई से इलेक्ट्रिकल ट्रेड में डिप्लोमा होना जरूरी है। अभी तक शहर में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत लाइनमैन और हेल्परों की भर्तियां की गई थीं। इनकी योग्यता का कोई पैमाना नहीं था। इन्हें 8,398 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। नई भर्तियों में संविदा कर्मियों को 13, 058 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। शहर में 177 गैंग के करीब 550 लाइनमैन और हेल्पर और कंस्ट्रक्शन डिवीजन के करीब 350 संविदा कर्मचारी कार्यरत थे। गैंगों का काम फॉल्ट दुरुस्त करना, अभियान में बिजली काटना, राजस्व वसूली में मदद करना है। कंस्ट्रक्शन डिवीजन के संविदा कर्मचारी पोल उखाड़ते-लगाते, लाइन खींचते, ट्रांसफार्मर दुरुस्त आदि काम करते हैं।
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नहीं बन पाए फॉल्ट, कर्मचारियों का धरना
संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई जगह पर फॉल्ट दुरुस्त नहीं हो सके। एक महीने से आरटीओ रोड पर काम करा रहे केस्को ने सुबह दस बजे बिजली तो काट दी लेकिन शाम छह बजे तक चालू नहीं करा सका। इससे गुस्साए पीएफ, ईएसआई कालोनी के कर्मचारियों समेत सर्वोदय नगर की पब्लिक आरटीओ रोड पहुंचकर धरना देने लगी। इससे जेई और नियमित कर्मचारियों ने लाइन खींचकर रात साढ़े आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल की। इसमें उमेश शुक्ला, सज्जन, अशोक कुमार, रोहित शर्मा, धर्मेंद्र, राजकुमार, दयानंद आर्या मौजूद रहे।
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लेबर कोर्ट में संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन
संविदा कर्मचारी संगठन केस्को के अध्यक्ष और एक्टू के प्रतिनिधि दिनेश सिंह भोले की अगुवाई में संविदा कर्मचारी सर्वोदय नगर लेबर कोर्ट पहुंचे। उप श्रमायुक्त को ज्ञापन दिया और बताया कि कई कर्मचारियों की ठेकेदारी का अनुबंध खत्म होने के पहले ही हटा दिया गया है। इससे 900 कर्मचारियों के परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कानून के मुताबिक न्याय की मांग की।
गल्ला मंडी इलाके में कम होंगे बिजली फॉल्ट
नौबस्ता गल्ला मंडी इलाके में बिजली फॉल्ट अब कम होंगे। केस्को गल्ला मंडी सबस्टेशन में लगे दो पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मरों में एक को बदलकर दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाएगा। साथ ही एक नया फीडर बनेगा। गल्ला मंडी फीडर को काटकर न्यू गल्ला मंडी फीडर बनाया जाएगा। पहले फीडर में करीब 12 हजार कनेक्शन हैं और पूरे सबस्टेशन में कुल 26 हजार। ओवरलोडिंग के चलते फॉल्टों की वजह से पूरे फीडर का शटडाउन लिया जाता है। साथ ही आवास विकास और गल्लामंडी फीडर को भी बंद करना पड़ता है। अब सिर्फ मरम्मत के लिए एक फीडर से ही शटडाउन होगा। लो वोल्टेज की समस्या भी दूर होगी। गल्ला मंडी, बिनगवां, दपसौरीपुरवा इलाके के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
खून निकालते समय बिजली गुल
बिजली कटौती से गुरुवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक समेत हैलट और संबद्ध अस्पतालों में मरीजों का बुरा हाल रहा। ब्लडबैंक में खून निकालते समय अंधेरा छा गया। काफी देर तक रक्तदाता और कर्मचारी परेशान रहे। जेनरेटर चलाया गया, लेकिन लोड नहीं उठा पाया। उमस के कारण ज्यादा दिक्कत हुई। मेडिकल कॉलेज, हैलट और संबद्ध चार
अस्पतालों में सुबह दस बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक कटौती होनी थी। केस्को ने इसकी सूचना पहले ही दे दी थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था में लापरवाही बरती। तीन बजे के बाद जब बिजली आई तब ब्लड बैंक समेत अस्पतालों में काम सुचारु हो पाया। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि बिजली न होने से दिक्कत हुई है। ब्लड बैंक नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा तब व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएंगी।
बेनाझाबर की बिजली गई, जलापूर्ति प्रभावित
बेनाझाबर वाटर वर्क्स की गुरुवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बिजली गुल होने से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से आ रहे पानी का शोधन बंद हो गया। बैराज से आ रहा पानी भी जोनल पंपिंग स्टेशनों और टंकियों में नहीं पहुंच पाया। शाम को बिजली आने पर कच्चे पानी का शोधन और उसे टंकियों में भेजना शुरू किया गया, पर कुछ टंकियां आधी भर पाईं और कुछ उससे भी कम। इसी बीच घरों में पानी भेजने का समय शुरू हो गया, इससे नलों से लो-प्रेशर से पानी आया।
रेलवे कालोनी में 34 घंटे नहीं रही बिजली
रेलवे कालोनी में 34 घंटे तक बिजली गुल रहने से हैरिसगंज सबस्टेशन से रेलवे कालोनी औरइससे पैराशूट फैक्ट्री के लोग परेशान रहे। केबल फॉल्ट होने और सबस्टेशन का पॉवर ट्रांसफार्मर बनाने में केस्को को 34 घंटे लग गए। बुधवार सुबह आठ बजे की गई बिजली आपूर्ति गुरुवार शाम छह बजे बहाल हो सकी। शांति नगर फीडर भी बुधवार रात आठ से गुरुवार शाम छह बजे तक बंद रहा। इससे हैरिसगंज, शांति नगर, रेल बाजार, फेथफुलगंज, मीरपुर छावनी की बिजली 22 घंटे तक गुल रही। इलाके के 20 हजार घरों में लोग बिजली-पानी न मिलने से परेशान रहे। रात भर लोग सो नहीं सके।