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Kanpur News: पिता बोला- पुलिस झूठी... झगड़कर नहीं, बच्चों को मेला दिखा घर से निकला था बीरू
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कानपुर। हनुमंत विहार में बीरू भदौरिया को टक्कर मारकर कार की छत पर लिटाकर डेढ़ किलोमीटर तक घुमाने के बाद रौंदने के मामले में चर्चा में रही पुलिसिया लापरवाही की एक और कहानी सवालों के घेरे में है। पुलिस के मुताबिक बीरू घर से झगड़कर निकला था जबकि पिता रामशंकर का कहना है कि वह बच्चों को मेला दिखाने के बाद घर से बिना किसी विवाद के निकला था। पुलिस के अनुसार बीरू ने घर से निकलने के बाद शराब पी। दोस्त विक्रम बाइक से उसे घर ले जा रहा था। वह घर जाने से इन्कार कर रहा था। जबरन चलती बाइक से उतर गया। तभी पीछे से आई कार की चपेट में आ गया।
पिता रामशंकर ने पुलिस को झूठा बताया। बोले, बड़ा बेटा कुलदीप कानपुर देहात के जैनपुर स्थित एक फैक्टरी में काम करता है इसलिए वहीं रहता है। बेटा बीरू घर का सहारा था। घर में कभी कोई विवाद नहीं हुआ। दशहरा वाले दिन वह अपने दोनों बच्चों को बाइक से मेला दिखाने ले गया था फिर सकुशल लौटा। कुछ देर बाद उसका दोस्त नई बस्ती निवासी विक्रम आ गया। थोड़ी देर में वापस आने की बात कहकर उसके साथ निकला था।
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परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
बीरू गुलाब जामुन बनाने वाली एक कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्य करते थे। पिता रामशंकर बुजुर्ग हैं। पत्नी रीना और दो बेटियां सीवी, गुन्नू व बेटे विनायक के भरण पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। मौत के बाद घर पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
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डॉक्टर का लोगो लगा रौब गांठता था मेवालाल
बीरू को कार से उड़ाने वाला पवन यादव उर्फ मेवालाल एक पैथाेलॉजी में काम करता है। पिता के अनुसार रौब गांठने के लिए कार के शीशे में डॉक्टर का लोगो लगाए था। वहीं, दिलीप सविता भाजपा नेता रमेश यादव के घर काम करता है। मामले में फरार चल रहे पिंटू और दीपक गाड़ी चलाते हैं। पुलिस दोनों के घर पहुंची लेकिन घर पर ताला लगा मिला।
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पिता रामशंकर ने पुलिस को झूठा बताया। बोले, बड़ा बेटा कुलदीप कानपुर देहात के जैनपुर स्थित एक फैक्टरी में काम करता है इसलिए वहीं रहता है। बेटा बीरू घर का सहारा था। घर में कभी कोई विवाद नहीं हुआ। दशहरा वाले दिन वह अपने दोनों बच्चों को बाइक से मेला दिखाने ले गया था फिर सकुशल लौटा। कुछ देर बाद उसका दोस्त नई बस्ती निवासी विक्रम आ गया। थोड़ी देर में वापस आने की बात कहकर उसके साथ निकला था।
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परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
बीरू गुलाब जामुन बनाने वाली एक कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्य करते थे। पिता रामशंकर बुजुर्ग हैं। पत्नी रीना और दो बेटियां सीवी, गुन्नू व बेटे विनायक के भरण पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। मौत के बाद घर पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
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डॉक्टर का लोगो लगा रौब गांठता था मेवालाल
बीरू को कार से उड़ाने वाला पवन यादव उर्फ मेवालाल एक पैथाेलॉजी में काम करता है। पिता के अनुसार रौब गांठने के लिए कार के शीशे में डॉक्टर का लोगो लगाए था। वहीं, दिलीप सविता भाजपा नेता रमेश यादव के घर काम करता है। मामले में फरार चल रहे पिंटू और दीपक गाड़ी चलाते हैं। पुलिस दोनों के घर पहुंची लेकिन घर पर ताला लगा मिला।