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Fatehpur: कदीमी इमामबाड़े की जमीन पर कब्जे का आरोप, मोहर्रम से पहले बढ़ी चिंता
Wed, 07 Jan 2026 06:20 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 07 Jan 2026 06:20 PM IST
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इंतजामिया कमेटी ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
- फोटो : अमर उजाला
शहर के कदीमी इमामबाड़े की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाते हुए ताजिया व अलम इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा, क्योंकि उनका कहना है कि कब्जे से मोहर्रम के धार्मिक कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जोशियाना मोहल्ले में स्थित यह कदीमी इमामबाड़ा कई वर्षों पुराना है और मोहर्रम के दौरान यहीं से ताजिया व अलम के जुलूस निकाले जाते हैं। धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। कमेटी का कहना है कि सलमान और कामरान नाम के लोगों द्वारा इमामबाड़े और अखाड़े की जमीन पर निर्माण कार्य कर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष है।
कमेटी पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो मोहर्रम के पारंपरिक आयोजनों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसी को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर जमीन को कब्जामुक्त कराने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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ज्ञापन देने पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला धार्मिक आस्था और वर्षों पुराने परंपरागत आयोजन से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से देखा जाए। प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जोशियाना मोहल्ले में स्थित यह कदीमी इमामबाड़ा कई वर्षों पुराना है और मोहर्रम के दौरान यहीं से ताजिया व अलम के जुलूस निकाले जाते हैं। धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है। कमेटी का कहना है कि सलमान और कामरान नाम के लोगों द्वारा इमामबाड़े और अखाड़े की जमीन पर निर्माण कार्य कर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष है।
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कमेटी पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो मोहर्रम के पारंपरिक आयोजनों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसी को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर जमीन को कब्जामुक्त कराने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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ज्ञापन देने पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला धार्मिक आस्था और वर्षों पुराने परंपरागत आयोजन से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से देखा जाए। प्रशासन की ओर से अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।