Farrukhabad Court: छात्र-छात्रा के अपहरणकर्ताओं को उम्रकैद, 30 वर्ष पहले डकैती में आरोप सिद्ध, पढ़ें बड़ी खबरें
Farrukhabad News: जिले में 31 साल पहले छात्र-छात्रा का अपहरण करने वाले दो दोषियों को उम्रकैद का सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने दोषियों पर एक लाख का अर्थदंड लगाया है और न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा दी है। यही नहीं, कई मामलों में कोर्ट ने निर्णय सुनाया है। यहां पढ़ें फर्रुखाबाद कोर्ट की बड़ी खबरें...
विस्तार
फर्रुखाबाद जिले में स्कूल से 31 वर्ष पहले छात्र व छात्रा भाई-बहन को चाचा के दुर्घटना में घायल होने की बात कहकर अपहरण कर ले गए दो दोषियों को कोर्ट ने शुक्रवार को उम्रकैद सुनाई है। दोनों दोषियाें को एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी राधेश्याम का आठ वर्षीय पुत्र अमित व दस वर्ष की पुत्री प्रियंका 18 दिसंबर 1993 को सुशीला मांटेसरी स्कूल पढ़ने गए थे।
देर शाम तक वापस नहीं आया। स्कूल जाकर जानकारी की तो पता चला कि एक युवक आया था। उसने बताया कि अमित के परिवार के चाचा दुर्घटना में घायल हो गए हैं, तुम लोगों को बुलाया गया है। वह साइकिल से अमित व प्रियंका को लेकर चला गया। पुलिस ने राधेश्याम की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव अलेपुर निवासी बृजेश, कादरीगेट थाना क्षेत्र के गांव नगला कलार निवासी बृजमोहन व कंपिल थाना क्षेत्र के गांव होतेपुर निवासी अरविंद के खिलाफ कोर्ट में छात्र के अपहरण करने की चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी अरविंद की मौत हो गई। गुरुवार को सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट राकेश कुमार ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर बृजेश, बृजमोहन को दोषी करार किया था। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी बृजेश व बृजमोहन को छात्र छात्रा भाई बहन के अपहरण में उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को एक लाख रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
30 वर्ष पहले डकैती में आरोपी पर दोष सिद्ध
30 वर्ष पहले डकैती की घटना को अंजाम करने में एक आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार किया है। 12 फरवरी को दोषी को सजा सुनाई जाएगी। तीन आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। जनपद एटा थाना व कस्बा नयागांव निवासी साहूकार मुकदमे में पैरवी के बाद फर्रुखाबाद से 6 अप्रैल 1993 को रोडवेज बस से वापस जा रहे थे। मेरापुर थाना क्षेत्र में बस बार्डर पर पहुंची।
सिपाही भानू प्रताप शर्मा, रामकिशन यादव बस में राइफल लेकर सुरक्षा के लिए आ गए। गांव झौंत के पास बस को छह लोगों ने रोक लिया। हाथ में तमंचा लेकर यह लोग बस के अंदर घुस आए। चालक को तमंचा लगाकर गोली मारने की धमकी दी। दोनों सिपाहियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। बदमाश सिपाहियों को बस से उतारकर ले गए और गोली मार दी। सिपाही भानु प्रताप शर्मा की मौके पर मौत हो गई।
रामकिशन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाशों ने सवारियों के साथ लूटपाट की। मेरापुर थाना पुलिस ने डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने मेरापुर थाना क्षेत्र के ब्राहिमपुर निवासी रामऔतार, गांव स्यानी निवासी धनीराम उर्फ बरूआ, नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नया नगला निवासी राधे, थाना मऊदरवाजा के गांव लोहयनिया निवासी रामविलास के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान धनीराम उर्फ बरूआ, राधे, रामविलास की मौत हो गई। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर रामऔतार को दोषी करार किया है। 12 फरवरी को दोषी को सजा सुनाने की तिथि नियत की है।
ड्राइवर की गोली मारकर हत्या में दोषी को उम्रकैद
नौ वर्ष पहले ट्रक खड़ा करने के विवाद में ड्राइवर की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 24 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में भाई सहित दो को दोषमुक्त कर दिया था। मेरापुर थाना क्षेत्र के संकिसा बसंतपुर निवासी तिलक सिंह ने अनुज दीक्षित उर्फ करू, भाई अरुण उर्फ बंटी, चिंटू उर्फ कुलदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि उसका पुत्र अतिराज उर्फ गूंगे ट्रक चालक है। 6 मार्च 2015 को वह गांव आया। ट्रक चक्की के सामने खड़ा कर दिया। इस पर अनुज ने ट्रक खड़ा करने का विरोध कर मारपीट कर दी। लोगों ने बीच बचाव कर मामला निपटा दिया। 8 मार्च 2015 को पुत्र अतिराज, भाई बदन सिंह व तिलक सिंह सड़क से घर की ओर जा रहे थे। पहले से घात लगाकर बैठे अनुज दीक्षित, अरुण व कुलदीप ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अतिराज घायल हो गया।
उसको अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सक ने अतिराज को मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार तृतीय ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर अनुज दीक्षित उर्फ करू को दोषी करार किया। साक्ष्य के अभाव में भाई अरुण उर्फ बंटी व चिंटू उर्फ कुलदीप को दोषमुक्त कर दिया था। शुक्रवार को जिला जज ने दोषी अनुज दीक्षित उर्फ करू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 24 हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुदेश प्रताप सिंह, श्रवण कुमार व संजीव पाल ने दलीलें दीं।
मोहम्मदाबाद कोतवाल को सात दिन जेल भेजने की चेतावनी
जानलेवा हमले के मुकदमे में कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर न्यायालय ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को सात दिन जेल भेजने की चेतावनी दी। उन्हें 12 फरवरी को कोर्ट में तलब किया है। इस संबंध में 13 फरवरी को एसपी से आख्या मांगी है। कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला रामकिशन निवासी प्रमोद कुमार ने 8 जून 2016 को गांव के सकटे उर्फ सेठ्ठी, बृजेश, निर्मल उर्फ रवि, सुधाकर, एक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप लगाया कि 7 जून 2016 को भाई प्रवेश कुमार, गांव के लोकेश के साथ भागवत सुनकर घर आ रहा था। तभी रास्ते में घेरकर जानलेवा फायरिंग की। गोली लगने से प्रवेश व लोकेश घायल हो गए। वह बाल-बाल बच गया। आरोप पत्र के मामले में कोर्ट ने तीस जनवरी को एसपी व मोहम्मदाबाद कोतवाल को आठ फरवरी तक न्यायालय में लिखित स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। उसके बाद भी कोतवाल मोहम्मदाबाद ने कोर्ट में कोई आख्या नहीं प्रस्तुत की। कोर्ट ने अवहेलना करने पर कोतवाल को सात दिन जेल भेजने की चेतावनी देकर 12 फरवरी को कोर्ट में तलब किया है। इस संबंध में एसपी से 13 फरवरी तक कोर्ट में आख्या देने के आदेश दिए है।