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Kanpur News: औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती कर किसान बढ़ा सकते मुनाफा
Sat, 29 Nov 2025 01:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:46 AM IST
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रूरा। कस्बा के अंबरपुर स्थित पंडित इच्छाराम इंटर काॅलेज में शुक्रवार को सूक्ष्म लघु एवं उद्यम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित उद्यमिता जागरुकता कार्यक्रम हुआ। इसमें कानपुर से आए कृषि के जानकारों ने किसानों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती कर अधिक लाभ कमाने का तरीका बताया। यह कार्यक्रम सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र कानपुर इकाई के तत्वाधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पहुंचे कारी कलवारी, सर्वा, हसनापुर, अंबरपुर, गढ़ेवा, सराय, तिगांई, गुटैहा समेत अन्य गांवों से आए किसानों को खेती में सामान्य फसल से हटकर कुछ अलग करने की बात कह उदाहरण के साथ समझाया गया। सुंगध एवं सुरस विकास केंद्र के डायरेक्टर डाॅ. भक्ति विजय शुक्ला ने किसानों को खेती के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि आज के समय में किसानों को खेती में लागत से अधिक मुनाफा कमाना बहुत ही सरल हो गया है। किसान बहुत से पेड़, पौधों को सब्जी में डालने वाला मसाला मानते है हालांकि ऐसा नहीं है।
धनिया पौधा औषधि व मसाला भी है। इसी तरह अदरख, कालीमिर्च, तेज पत्ता व हल्दी पौधा होने के अलावा जरूरी औषधियां है। वहीं, खेती के जानकार समर सिंह भदौरिया ने किसानों को बताया कि भारत में हीरा के बाद सबसे अधिक महंगी यदि कोई वस्तु बिकती है तो वह है सेंट जो कि किसानों के उत्पादन से ही बनता है। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को उत्पाद से उद्यमी बनने का तरीका नहीं पता होता है। आज के समय में बहुत से किसान ऐसे भी है जो गुलाब, बेला व गेंदा की खेती कर अधिक लाभ कमा रहे है। किसान औषधीय, सुगंधित पौधों की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। यहां स्कूल के मैनेजर आशीष मिश्रा, किसान शिवकुमार, रघुवीर सिंह, देवी चरण, सुनील, शिवशंकर, रामकिशोर के अलावा महिला उत्कर्ष समिति की महिलाएं मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में पहुंचे कारी कलवारी, सर्वा, हसनापुर, अंबरपुर, गढ़ेवा, सराय, तिगांई, गुटैहा समेत अन्य गांवों से आए किसानों को खेती में सामान्य फसल से हटकर कुछ अलग करने की बात कह उदाहरण के साथ समझाया गया। सुंगध एवं सुरस विकास केंद्र के डायरेक्टर डाॅ. भक्ति विजय शुक्ला ने किसानों को खेती के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि आज के समय में किसानों को खेती में लागत से अधिक मुनाफा कमाना बहुत ही सरल हो गया है। किसान बहुत से पेड़, पौधों को सब्जी में डालने वाला मसाला मानते है हालांकि ऐसा नहीं है।
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धनिया पौधा औषधि व मसाला भी है। इसी तरह अदरख, कालीमिर्च, तेज पत्ता व हल्दी पौधा होने के अलावा जरूरी औषधियां है। वहीं, खेती के जानकार समर सिंह भदौरिया ने किसानों को बताया कि भारत में हीरा के बाद सबसे अधिक महंगी यदि कोई वस्तु बिकती है तो वह है सेंट जो कि किसानों के उत्पादन से ही बनता है। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को उत्पाद से उद्यमी बनने का तरीका नहीं पता होता है। आज के समय में बहुत से किसान ऐसे भी है जो गुलाब, बेला व गेंदा की खेती कर अधिक लाभ कमा रहे है। किसान औषधीय, सुगंधित पौधों की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। यहां स्कूल के मैनेजर आशीष मिश्रा, किसान शिवकुमार, रघुवीर सिंह, देवी चरण, सुनील, शिवशंकर, रामकिशोर के अलावा महिला उत्कर्ष समिति की महिलाएं मौजूद रहीं।
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