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किसानों से कपट, खारिज हुई रपट
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 19 Mar 2015 02:55 AM IST
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बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी की गलत रिपोर्ट तैयार करने वाली सदर तहसील की पोल बुधवार को खुल गई। एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह के स्थलीय निरीक्षण में 50 फीसदी से ज्यादा की फसल बर्बाद मिली है। इसकी रिपोर्ट डीएम को दे दी गई है। अब सदर तहसील से फसल बर्बादी की नई रिपोर्ट मांगी गई है।
यह रिपोर्ट 20 मार्च तक जिला प्रशासन को देनी है, जो 21 मार्च तक परीक्षण करके शासन के पास भेजी जाएगी। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी की फर्जी और सतही रिपोर्ट देने का खुलासा बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने किया था।
उधर बर्रा के मर्दनपुर में कई किसानों ने बर्बाद हो चुकी अपनी फसलों में आग लगा दी और झूठी रिपोर्ट बनाने के लिए अधिकारियों को कोसा। ग्रामीणों ने कहा कि खेत में खड़ी हर फसल तबाह हो गई है और अधिकारियो-कर्मचारियों ने बिना निरीक्षण किए आफिस में बैठे-बैठे कम नुकसान की रिपोर्ट बना दी।
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बता दें कि दो सरकारी विभागों (कृषि विभाग और तहसील सदर) ने बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी की जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें भारी अंतर है। रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है कि तहसील की टीम ने घर या फिर दफ्तर में बैठकर मनमाने आंकड़े लिख डाले हैं।
तहसील की रिपोर्ट के मुताबिक इस मौसम में मसूर की बुआई नहीं की जाती है, जो बिल्कुल गलत है। कृषि विभाग ने 60-70 फीसदी मसूर की फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट तैयार की है।
कृषि विभाग के मुताबिक सदर तहसील में 55-60 फीसदी गेहूं की फसल बर्बाद हुई हैं लेकिन सदर तहसील की टीम ने 25-30 फीसदी नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी है। बुधवार के अंक में ‘अमर उजाला’ में गलत रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप का माहौल रहा।
सदर तहसील के अधिकारी और राजस्व कर्मचारी एक दूसरे की गर्दन बचाते दिखे। जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह से रिपोर्ट तलब की। एडीएम फाइनेंस बुधवार को सरसौल विकास खंड के धमना गांव पहुंचे। लेखपालों के साथ गांव पहुंचे एडीएम फाइनेंस ने फसलों की बर्बादी की जमीनी हकीकत देखी।
एडीएम ने पाया कि गेहूं की फसलें गिर गई है। कुछ खेतों में पानी भरा है, जिससे फसलों के सड़ने की आशंका है। स्थलीय निरीक्षण करने गए एडीएम ने 50 फीसदी से ज्यादा फसलों के बर्बादी की रिपोर्ट दी है।
इस मसले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमित सिंह बंसल, एसडीएम बिल्हौर और एसडीएम घाटमपुर के साथ मीटिंग की। डीएम ने कहा कि बारिश से किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है।
इसकी सही रिपोर्ट बनाकर दी जाए। गलत रिपोर्ट बनाने वाले राजस्व कर्मचारियों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाए। नई रिपोर्ट तैयार करने के लिए डीएम ने दो दिन का समय दिया है।
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यह रिपोर्ट 20 मार्च तक जिला प्रशासन को देनी है, जो 21 मार्च तक परीक्षण करके शासन के पास भेजी जाएगी। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी की फर्जी और सतही रिपोर्ट देने का खुलासा बुधवार को ‘अमर उजाला’ ने किया था।
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उधर बर्रा के मर्दनपुर में कई किसानों ने बर्बाद हो चुकी अपनी फसलों में आग लगा दी और झूठी रिपोर्ट बनाने के लिए अधिकारियों को कोसा। ग्रामीणों ने कहा कि खेत में खड़ी हर फसल तबाह हो गई है और अधिकारियो-कर्मचारियों ने बिना निरीक्षण किए आफिस में बैठे-बैठे कम नुकसान की रिपोर्ट बना दी।
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बता दें कि दो सरकारी विभागों (कृषि विभाग और तहसील सदर) ने बारिश और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी की जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें भारी अंतर है। रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है कि तहसील की टीम ने घर या फिर दफ्तर में बैठकर मनमाने आंकड़े लिख डाले हैं।
तहसील की रिपोर्ट के मुताबिक इस मौसम में मसूर की बुआई नहीं की जाती है, जो बिल्कुल गलत है। कृषि विभाग ने 60-70 फीसदी मसूर की फसल बर्बाद होने की रिपोर्ट तैयार की है।
कृषि विभाग के मुताबिक सदर तहसील में 55-60 फीसदी गेहूं की फसल बर्बाद हुई हैं लेकिन सदर तहसील की टीम ने 25-30 फीसदी नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी है। बुधवार के अंक में ‘अमर उजाला’ में गलत रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप का माहौल रहा।
सदर तहसील के अधिकारी और राजस्व कर्मचारी एक दूसरे की गर्दन बचाते दिखे। जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब ने एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह से रिपोर्ट तलब की। एडीएम फाइनेंस बुधवार को सरसौल विकास खंड के धमना गांव पहुंचे। लेखपालों के साथ गांव पहुंचे एडीएम फाइनेंस ने फसलों की बर्बादी की जमीनी हकीकत देखी।
एडीएम ने पाया कि गेहूं की फसलें गिर गई है। कुछ खेतों में पानी भरा है, जिससे फसलों के सड़ने की आशंका है। स्थलीय निरीक्षण करने गए एडीएम ने 50 फीसदी से ज्यादा फसलों के बर्बादी की रिपोर्ट दी है।
इस मसले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमित सिंह बंसल, एसडीएम बिल्हौर और एसडीएम घाटमपुर के साथ मीटिंग की। डीएम ने कहा कि बारिश से किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है।
इसकी सही रिपोर्ट बनाकर दी जाए। गलत रिपोर्ट बनाने वाले राजस्व कर्मचारियों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाए। नई रिपोर्ट तैयार करने के लिए डीएम ने दो दिन का समय दिया है।