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यूपी: कर्ज और तंगहाली से टूट चुके किसान ने फांसी पर झूल दी जान, पत्नी के इलाज ने बढ़ा दिया कर्ज
Sun, 14 Jul 2019 10:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 14 Jul 2019 10:35 PM IST
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कर्ज और तंगहाली से टूटे किसान ने जान दी
- फोटो : social media
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बांदा में पत्नी के इलाज में सारी पूंजी गंवाने और कर्ज का दबाव बढ़ने से टूटे किसान ने गले में फंदा कसकर जान दे दी। रविवार सुबह खेत में फंदे से झूलता शव देखकर घर वालों में कोहराम मच गया। हालात से हारकर आत्मघाती कदम उठाने वाले 65 वर्षीय लाला श्रीवास नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मुगौरा गांव के रहने वाले थे।
ग्रामीणों के मुताबिक उनके पास महज चार बीघा जमीन थी, जिसका अधिकांश हिस्सा बंजर था। लाला श्रीवास की बेटी के पुत्र कृष्ण कुमार ने बताया कि नानी बुदिया एक साल से बीमार चल रही हैं। उनके इलाज में नाना ने घर की सारी पूंजी लगा दी थी।
इलाज जारी रहने से रिश्तेदारों से काफी रकम कर्ज पर भी ले रखी थी। कर्ज के दबाव के कारण वह अक्सर तनाव में रहते थे। सुबह शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकले थे। कुछ समय बाद पूर्व ग्राम प्रधान रामनारायण के खेत में पेड़ से बंधे फंदे पर उनका शव लटका मिला।
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मौके पर पहुंचे नरैनी के सीओ कुलदीप गुप्ता और कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि मृतक के तीन पुत्र हैं, जो दूसरे शहरों में मजदूरी करते हैं। किसी से रंजिश न होने से सभी ने घटना को खुदकुशी ही माना है।
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ग्रामीणों के मुताबिक उनके पास महज चार बीघा जमीन थी, जिसका अधिकांश हिस्सा बंजर था। लाला श्रीवास की बेटी के पुत्र कृष्ण कुमार ने बताया कि नानी बुदिया एक साल से बीमार चल रही हैं। उनके इलाज में नाना ने घर की सारी पूंजी लगा दी थी।
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इलाज जारी रहने से रिश्तेदारों से काफी रकम कर्ज पर भी ले रखी थी। कर्ज के दबाव के कारण वह अक्सर तनाव में रहते थे। सुबह शौच के लिए जाने की बात कहकर घर से निकले थे। कुछ समय बाद पूर्व ग्राम प्रधान रामनारायण के खेत में पेड़ से बंधे फंदे पर उनका शव लटका मिला।
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मौके पर पहुंचे नरैनी के सीओ कुलदीप गुप्ता और कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि मृतक के तीन पुत्र हैं, जो दूसरे शहरों में मजदूरी करते हैं। किसी से रंजिश न होने से सभी ने घटना को खुदकुशी ही माना है।