{"_id":"58e52ce14f1c1bc06e5b6d57","slug":"farmer-suicide-due-to-debt-wretched","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्जमाफी से मायूस युवा किसान फांसी पर झूला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्जमाफी से मायूस युवा किसान फांसी पर झूला
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Thu, 06 Apr 2017 12:47 AM IST
सार
सरकारी घोषणा के चंद घंटे बाद कर ली आत्महत्या
मृतक पर बकाया था बैंक का साढ़े तीन लाख
कर्जमाफी दायरे से बाहर था मृतक किसान
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार द्वारा लघु और सीमांत किसानों के कर्जमाफ किए जाने की घोषणा के चंद घंटे बाद ही कर्जमाफी दायरे में न आने वाले वृहद किसान ने क्षुब्ध होकर घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का कर्ज है।
उप जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच कराई जाएगी। प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को शाम अपनी पहली बैठक में लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया था। बांदा सदर तहसील की नगर पंचायत मटौंध में अचारन थोक मोहल्ले के युवा किसान कुलदीप सिंह (36) पुत्र रामभजन ने भी टीवी पर यह खबर देखी। इसी के कुछ घंटे बाद देर रात उसने घर के खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। सुबह परिजनों ने शव लटकता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पत्नी बीना सिंह और छोटे भाई योगेंद्र ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि कुलदीप के पास मटौंध में ही 22 बीघा जमीन है। करीब पांच वर्षों पूर्व उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मटौंध ब्रांच से खेती के लिए एक लाख रुपये कर्ज लिया था। मटौंध क्षेत्र में सिंचाई का कोई साधन नहीं है। सिर्फ बारिश पर ही फसल निर्भर है। लेकिन कई सालों से सूखा और अन्य दैवी आपदाओं के चलते फसल नहीं हुई। नतीजे में बैंक का कर्ज अदा नहीं कर पाया। अदायगी के लिए बैंक का दबाव लगातार बना हुआ था। इधर, उसे उम्मीद थी कि अपने वादे के मुताबिक प्रदेश की नई भाजपा सरकार कर्ज माफ कर देगी।
विज्ञापन
भाई योगेंद्र ने बताया कि मंगलवार को शाम सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए जाने की खबर टीवी में देखने के बाद कुलदीप मायूस और चिंताग्रस्त हो गया। देर रात कुलदीप अपने कमरे में सोने चला गया। बगल के कमरे में उसकी पत्नी और तीनों मासूम पुत्रियां सो रही थीं। रात में किसी समय कुलदीप खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गया। किसी को भनक नहीं लगी। सुबह शव लटकता मिला।
उधर, सदर उपजिलाधिकारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि वह रामनवमी जुलूस में व्यस्त थे। देर शाम उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है। वह राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को भेजकर पूरी जांच कराएंगे। मृतक के आश्रितों को नियमानुसार मदद की कार्रवाई की जाएगी। उधर, मटौंध थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें भी मृतक के कर्जदार होने की बात पता चली है। उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक मटौंध के मैनेजर से उनके फोन पर संपर्क करने की काफी कोशिश की गई। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन
उप जिलाधिकारी ने कहा है कि जांच कराई जाएगी। प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को शाम अपनी पहली बैठक में लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया था। बांदा सदर तहसील की नगर पंचायत मटौंध में अचारन थोक मोहल्ले के युवा किसान कुलदीप सिंह (36) पुत्र रामभजन ने भी टीवी पर यह खबर देखी। इसी के कुछ घंटे बाद देर रात उसने घर के खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। सुबह परिजनों ने शव लटकता देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
मृतक की पत्नी बीना सिंह और छोटे भाई योगेंद्र ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि कुलदीप के पास मटौंध में ही 22 बीघा जमीन है। करीब पांच वर्षों पूर्व उसने इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मटौंध ब्रांच से खेती के लिए एक लाख रुपये कर्ज लिया था। मटौंध क्षेत्र में सिंचाई का कोई साधन नहीं है। सिर्फ बारिश पर ही फसल निर्भर है। लेकिन कई सालों से सूखा और अन्य दैवी आपदाओं के चलते फसल नहीं हुई। नतीजे में बैंक का कर्ज अदा नहीं कर पाया। अदायगी के लिए बैंक का दबाव लगातार बना हुआ था। इधर, उसे उम्मीद थी कि अपने वादे के मुताबिक प्रदेश की नई भाजपा सरकार कर्ज माफ कर देगी।
विज्ञापन
भाई योगेंद्र ने बताया कि मंगलवार को शाम सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए जाने की खबर टीवी में देखने के बाद कुलदीप मायूस और चिंताग्रस्त हो गया। देर रात कुलदीप अपने कमरे में सोने चला गया। बगल के कमरे में उसकी पत्नी और तीनों मासूम पुत्रियां सो रही थीं। रात में किसी समय कुलदीप खपरैल में रस्सी बांधकर फांसी पर झूल गया। किसी को भनक नहीं लगी। सुबह शव लटकता मिला।
उधर, सदर उपजिलाधिकारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि वह रामनवमी जुलूस में व्यस्त थे। देर शाम उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है। वह राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को भेजकर पूरी जांच कराएंगे। मृतक के आश्रितों को नियमानुसार मदद की कार्रवाई की जाएगी। उधर, मटौंध थानाध्यक्ष अनीता सिंह चौहान ने कहा कि उन्हें भी मृतक के कर्जदार होने की बात पता चली है। उधर, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक मटौंध के मैनेजर से उनके फोन पर संपर्क करने की काफी कोशिश की गई। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।