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जब 'जेम्स बॉन्ड बनी यूपी पुलिस', गुवाहाटी में हाथ लगा केवल एक मोबाइल, जानिए पूरा मामला
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 21 Aug 2018 08:03 PM IST
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दो साल से गायब एक बच्ची की तलाश में फ्लाइट से गुवाहाटी गई पुलिस की टीम केवल एक मोबाइल लेकर लौट आई है। असफलता हाथ लगने पर टीम के सदस्यों के बीच तनातनी भी हो गई है। फतेहपुर के बकेवर थाना क्षेत्र के एक दुकानदार की 12 साल की बच्ची दो साल से गायब है। बच्ची की तलाश में पुलिस की शुरुआती जांच सुस्त रही।
आरोपी महेंद्र बकेवर के एक ढाबे में वेटर का काम करता था। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर इसी मामले में एसपी, थानेदार को एक हफ्ते पहले हाईकोर्ट ने तलब किया था। हरकत में आई पुलिस की एक टीम असम प्रांत के गुवाहाटी में छापेमारी को रवाना हुई थी। करीब एक हफ्ते बाद टीम खाली हाथ लौटी है। टीम में सीओ अभिषेक तिवारी, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक अमित पांडेय, कांस्टेबल भैयालाल यादव एयरलाइंस से रवाना हुए थे।
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आरोपी महेंद्र बकेवर के एक ढाबे में वेटर का काम करता था। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर इसी मामले में एसपी, थानेदार को एक हफ्ते पहले हाईकोर्ट ने तलब किया था। हरकत में आई पुलिस की एक टीम असम प्रांत के गुवाहाटी में छापेमारी को रवाना हुई थी। करीब एक हफ्ते बाद टीम खाली हाथ लौटी है। टीम में सीओ अभिषेक तिवारी, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक अमित पांडेय, कांस्टेबल भैयालाल यादव एयरलाइंस से रवाना हुए थे।
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पुलिस को आरोपी का मोबाइल बरामद
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थानेदार एमयू सिद्दकी व क्राइम ब्रांच की दूसरी टीम स्कार्पियो से असम तक हजारों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंची। टीम के सदस्यों को आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को आरोपी का मोबाइल बरामद हुआ। जिससे मोबाइल बरामद हुआ, वह भी वेटर है। उसने बताया कि उसने मोबाइल दो साल पहले दिल्ली में सात सौ रुपये में खरीदा था। टीम ने दिल्ली में भी छानबीन कराई लेकिन कुछ सुराग हाथ नहीं लगा। इससे असम तक का सफर टीम को अखरा है। इसी बात पर टीम के सदस्यों के बीच तनातनी का माहौल रहा। सीओ बिंदकी अभिषेक तिवारी ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है। पुलिस को मोबाइल बरामद हुआ है। आरोपी की तलाश जारी है।