{"_id":"6adbb7321b81e54d83070dfe","slug":"factory-worker-dies-during-treatment-kanpur-news-c-220-1-akb1007-151008-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: इलाज के दौरान फैक्टरी कर्मी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: इलाज के दौरान फैक्टरी कर्मी की मौत
Sat, 24 Oct 2026 01:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
रनियां। थाना क्षेत्र के फत्तेपुर रोशनाई एक फैक्टरी में 19 अक्तूबर को काम के दौरान एक कर्मचारी की हालत बिगड़ गई थी। बृहस्पतिवार को निजी अस्पताल में कर्मचारी की मौत होने पर परिजन ने शव को फैक्टरी के बाहर रखकर मुआवजे को लेकर हंगामा कर दिया। करीब आठ घंटे बाद परिजन शांत हुए, इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रनियां के केशव नगर अनीता पाल ने बताया कि पति जयराम पाल (55) करीब आठ साल से फत्तेपुर रोशनाई स्थित पशु आहार बनाने वाली फैक्टरी में ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। 19 अक्तूबर को फैक्टरी में काम करने के दौरान पति गश खाकर गिर गए और उनके मुंह से खून आने आने लगा। फैक्टरी कर्मियों की सूचना पर पहुंचे परिजन पति को इलाज के लिए कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से 21 अक्तूबर को परिजन पति को घर ले आए। 22 अक्तूबर को पति की दोबारा तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल ले गए। वहां देर रात को उनकी मौत हो गई।
अनहोनी पर पत्नी अनीता, बेटा संदीप, कुलदीप, बेटी सपना और परिजन रोने लगे। शुक्रवार सुबह आठ बजे के करीब परिजन ने शव को फैक्टरी गेट पर रख दिया और मुआवजे की मांग कर हंगामा कर दिया। पुलिस ने परिजन को समझाने का प्रयास किया और फैक्टरी प्रबंधन से वार्तालाप करवाई। करीब आठ घंटे बाद शाम चार बजे के करीब परिजन मुआवजा मिलने के आश्वासन पर शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रनियां थानाध्यक्ष सौरभ सिंह ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता हो गया है। प्रबंधन की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई है। एक लाख रुपये नकद देने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रनियां के केशव नगर अनीता पाल ने बताया कि पति जयराम पाल (55) करीब आठ साल से फत्तेपुर रोशनाई स्थित पशु आहार बनाने वाली फैक्टरी में ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे थे। 19 अक्तूबर को फैक्टरी में काम करने के दौरान पति गश खाकर गिर गए और उनके मुंह से खून आने आने लगा। फैक्टरी कर्मियों की सूचना पर पहुंचे परिजन पति को इलाज के लिए कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से 21 अक्तूबर को परिजन पति को घर ले आए। 22 अक्तूबर को पति की दोबारा तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल ले गए। वहां देर रात को उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
अनहोनी पर पत्नी अनीता, बेटा संदीप, कुलदीप, बेटी सपना और परिजन रोने लगे। शुक्रवार सुबह आठ बजे के करीब परिजन ने शव को फैक्टरी गेट पर रख दिया और मुआवजे की मांग कर हंगामा कर दिया। पुलिस ने परिजन को समझाने का प्रयास किया और फैक्टरी प्रबंधन से वार्तालाप करवाई। करीब आठ घंटे बाद शाम चार बजे के करीब परिजन मुआवजा मिलने के आश्वासन पर शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रनियां थानाध्यक्ष सौरभ सिंह ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता हो गया है। प्रबंधन की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की गई है। एक लाख रुपये नकद देने की बात कही गई है।
विज्ञापन