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Exclusive: हाथ डुबोने की खत्म कहानी, मशीन भरेगी गोलगप्पे में पानी, मोबाइल एप से की जा सकेगी ऑपरेट

Wed, 12 Oct 2022 11:59 AM IST
शिखा पांडेय शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर
शैली भल्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 12 Oct 2022 11:59 AM IST
सार

ई-पानीपूरी कार्ट्ज कंपनी ने पानीपूरी को सर्व करने वाली ऑटोमैटिक मशीन तैयार की है जो मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से चलती है। मोबाइल एप की मदद से मशीन को चालू बंद करने के साथ गोलगप्पों में पानी तक भरा जा सकता है।

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Exclusive: E-Panipuri Cartz Company designed automatic machine for serving panipuri
ई-पानीपूरी कार्ट्ज मशीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब गोलगप्पे खिलाने के लिए दुकानदार को टंकी में रखे पानी में हाथ डुबोने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस मशीन के सामने आपको गोलगप्पा ले जाना होगा और उसमें पानी भर जाएगा। यह मशीन तैयार की है आईआईटी कानपुर से इंक्यूबेटेड ई-पानीपूरी कार्ट्ज कंपनी ने। इसे केवल तीन हजार रुपये में तैयार किया गया है।

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कंपनी ने पानीपूरी को सर्व करने वाली ऑटोमैटिक मशीन तैयार की है जो मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से चलती है। मोबाइल एप की मदद से मशीन को चालू बंद करने के साथ गोलगप्पों में पानी तक भरा जा सकता है। मुंबई, बनारस, गोरखपुर में लगने के बाद इसी महीने शहर में यह मशीन लग जाएगी। मूल रूप से बिहार के रहने वाले ई-पानीपूरी कार्ट्ज के संस्थापक हरीश आईआईटी के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट फूड के सर्वे के दौरान पता चला कि गोलगप्पे की खपत सर्वाधिक है।

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कोरोना से पहले उन्होंने नार्मल पुश बटन वाली मशीन तैयार की थी, लेकिन कोरोना आने की वजह से इसे टाल दिया गया था। साफ-सफाई को देखते हुए मशीन में बदलाव करने के लिए उन्होंने 2021 में अपने आइडिया को आईआईटी कानपुर से इंक्यूबेट किया। 

दुनिया के किसी भी कोने से कर सकेंगे ऑपरेट 
हरीश कहते हैं कि आईआईटी कानपुर ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड सर्वर की मदद से इस मशीन को तैयार किया गया है। कोई भी वेंडर इस मशीन को लेकर इसका एप डाउनलोड करने के बाद दुनिया के किसी भी कोने से इसे ऑपरेट कर सकता है। मोबाइल से मशीन को ऑन-ऑफ, सफाई के अलावा पानी के कूलिंग की सेटिंग भी की जा सकती है।

सेंसर की मदद से गोलगप्पे में पानी भर जाता है। हरीश ने बताया कि कंपनी पेस्ट देती है जिससे पानी तैयार हो जाता है। गोलगप्पे में कितने एमएल पानी जाना है, इसकी सेटिंग भी मोबाइल से हो जाती है।

बना रहे मटर, आलू भरने वाली मशीन
हरीश ने बताया कि एक और ऑटोमैटिक मशीन तैयार कर रहे हैं जिसकी मदद से मटर और आलू को बिना हाथ लगाए गोलगप्पे में भरा जा सकेगा। मशीन छह महीने में तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा अभी पोर्टेबल मशीन तीन हजार, आठ चटनी वाली मशीन 16 से 20 हजार रुपये की है। उन्होंने कहा कि गोलगप्पे के अलावा भेलपूरी को तैयार करने वाली ऑटोमैटिक मशीन पर काम किया जा रहा है।

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