{"_id":"62460576e20bfa4a493fb930","slug":"evidence-of-murder-disappeared-from-malkhana-court-sent-letter-to-sp-to-take-action-against-guilty-police-personnel-akbarpur-news-knp688626886","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालखाने से गायब हुए हत्या के साक्ष्य, कोर्ट ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के लिए एसपी को भेजा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालखाने से गायब हुए हत्या के साक्ष्य, कोर्ट ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के लिए एसपी को भेजा पत्र
विज्ञापन
कानपुर देहात। सिकंदरा थाने के मिरगांव में आठ साल पहले हुई विवाहिता की हत्या के मामले में मालखाने से साक्ष्य गायब होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। दोषी पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा है। मामले में बुधवार को दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सिकंदरा थाने के मिरगांव में आठ साल पहले अमन कटियार की पत्नी शिल्पी की हत्या की गई थी। मामले में परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निजेंद्र कुमार की अदालत में हुई।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि सिकंदरा के तत्कालीन थाना प्रभारी मनोज कुमार राय ने बयान दर्ज कराने के दौरान फर्द बरामदगी में दर्ज माल को कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया।
विज्ञापन
उक्त संबंध में कोर्ट ने आख्या तलब की तो थाने से माल रजिस्टर की प्रमाणित प्रति के साथ अधजले कपड़ों व मिट्टी के तेल का विवरण देते हुए कहा कि संबधित सामान मालखाने में नहीं है।
इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को पत्र लिखकर दोषियों पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए कहा है। कोर्ट का मानना है कि पुलिस कर्मियों ने दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ गंभीर घटना है। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह व प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
विज्ञापन
सिकंदरा थाने के मिरगांव में आठ साल पहले अमन कटियार की पत्नी शिल्पी की हत्या की गई थी। मामले में परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निजेंद्र कुमार की अदालत में हुई।
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि सिकंदरा के तत्कालीन थाना प्रभारी मनोज कुमार राय ने बयान दर्ज कराने के दौरान फर्द बरामदगी में दर्ज माल को कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया।
विज्ञापन
उक्त संबंध में कोर्ट ने आख्या तलब की तो थाने से माल रजिस्टर की प्रमाणित प्रति के साथ अधजले कपड़ों व मिट्टी के तेल का विवरण देते हुए कहा कि संबधित सामान मालखाने में नहीं है।
इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को पत्र लिखकर दोषियों पुलिस कर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए कहा है। कोर्ट का मानना है कि पुलिस कर्मियों ने दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ गंभीर घटना है। सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिभूषण सिंह व प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।