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Kanpur News: ईवी सब्सिडी की योजना खत्म, रकम का इंतजार
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कानपुर। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले सैकड़ों उपभोक्ता सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं। ईवी सब्सिडी योजना की अवधि समाप्त होने के बाद भी कानपुर में 834 मामले डीलर्स के स्तर पर लंबित हैं। मामलों के निस्तारण में देरी को लेकर बृहस्पतिवार को आरटीओ प्रशासन ने शहर के प्रमुख ईवी डीलर्स को कार्यालय बुलाकर बैठक की। अधिकारियों ने खामियोंं को दूरकर मामले निस्तारित करने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से ईवी के चार पहिया वाहनों पर एक लाख रुपये और बाइक पर पांच हजार सब्सिडी देने की योजना की थी। अब चार पहिया पर सब्सिडी देना बंद कर दिया है। सिर्फ दो पहिया वाहनों पर दी जा रही है। जिले में कुल 1569 वाहनों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। वहीं पोर्टल पर अभी भी कई पुराने वाहन स्वामियों की सब्सिडी अटकी पड़ी है। रकम फंसने से उपभोक्ता डीलरशिप से लेकर आरटीओ तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस पर आरटीओ राकेंद्र सिंह ने डीलर्स की बैठक बुलाई। पता चला कि कई मामलों में जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं डीलर स्तर से समय पर पूरी नहीं की गईं। इसका असर सीधे पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पर पड़ा और सब्सिडी अटक गई। आरटीओ ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं से जुड़े लंबित दस्तावेज, तकनीकी खामियां और कागजी औपचारिकताएं तत्काल पूरी कराई जाएं। स्पष्ट किया कि डीलर स्तर की कमी के कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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सरकार की ओर से ईवी के चार पहिया वाहनों पर एक लाख रुपये और बाइक पर पांच हजार सब्सिडी देने की योजना की थी। अब चार पहिया पर सब्सिडी देना बंद कर दिया है। सिर्फ दो पहिया वाहनों पर दी जा रही है। जिले में कुल 1569 वाहनों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। वहीं पोर्टल पर अभी भी कई पुराने वाहन स्वामियों की सब्सिडी अटकी पड़ी है। रकम फंसने से उपभोक्ता डीलरशिप से लेकर आरटीओ तक चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस पर आरटीओ राकेंद्र सिंह ने डीलर्स की बैठक बुलाई। पता चला कि कई मामलों में जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं डीलर स्तर से समय पर पूरी नहीं की गईं। इसका असर सीधे पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पर पड़ा और सब्सिडी अटक गई। आरटीओ ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं से जुड़े लंबित दस्तावेज, तकनीकी खामियां और कागजी औपचारिकताएं तत्काल पूरी कराई जाएं। स्पष्ट किया कि डीलर स्तर की कमी के कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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