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ईओडब्ल्यू करेगी अलीगढ़ के 46 लाख के घोटाले की जांच, नौकरी देने के नाम पर 46 लोगों के साथ हुई थी ठगी
Sat, 13 Feb 2021 11:00 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 13 Feb 2021 11:00 AM IST
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नौकरी देने के नाम अलीगढ़ में 46 लोगों के साथ 46 लाख रुपये की ठगी के मामले की जांच अब आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) करेगी। सितंबर 2016 में दर्ज हुए मुकदमे में पुलिस अभी तक किसी निष्कर्ष पर नही पहुंच पाई थी।
इसे देखते हुए शासन ने जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है। अलीगढ़ के क्वारसी थाने में आठ सितंबर 2016 को चंपा बिहार कालोनी निवासी नौरंग सिंह ने धोखाधड़ी की धाराओं में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
एफआईआर में चंपा बिहार कालोनी निवासी जगदीश प्रसाद गोयल के तीन बेटों राजकुमार, राकेश, ज्ञानेंद्र और राजकुमार की पत्नी सपना , बेटे चिंटू गोयल, बेटी आरती और पंकज गोयल को नामजद किया गया था। नौरंग का आरोप था कि आरोपियों ने नौकरी के लिए 90 हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक लिए।
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46 लोगों से कुल 46.60 लाख रुपये वसूले। जब नौकरी देने की बारी आई तो पूरा परिवार घर पर ताला बंद कर फरार हो गया। एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि दोनों पक्षों को साक्ष्यों के साथ तलब किया गया है। इसके बाद विभाग जांच शुरू करेगा।
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इसे देखते हुए शासन ने जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है। अलीगढ़ के क्वारसी थाने में आठ सितंबर 2016 को चंपा बिहार कालोनी निवासी नौरंग सिंह ने धोखाधड़ी की धाराओं में सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
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एफआईआर में चंपा बिहार कालोनी निवासी जगदीश प्रसाद गोयल के तीन बेटों राजकुमार, राकेश, ज्ञानेंद्र और राजकुमार की पत्नी सपना , बेटे चिंटू गोयल, बेटी आरती और पंकज गोयल को नामजद किया गया था। नौरंग का आरोप था कि आरोपियों ने नौकरी के लिए 90 हजार से लेकर सवा लाख रुपये तक लिए।
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46 लोगों से कुल 46.60 लाख रुपये वसूले। जब नौकरी देने की बारी आई तो पूरा परिवार घर पर ताला बंद कर फरार हो गया। एसपी ईओडब्ल्यू बाबूराम ने बताया कि दोनों पक्षों को साक्ष्यों के साथ तलब किया गया है। इसके बाद विभाग जांच शुरू करेगा।