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झांसी विद्युत विभाग में हुए 50 करोड़ के घोटाले की ईओडब्ल्यू ने शुरू की जांच, सपा सरकार में हुई खरीद-फरोख्त
Fri, 28 May 2021 08:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 May 2021 08:11 PM IST
सार
झांसी में विद्युत उपकरणों की खरीद फरोख्त के नाम पर हुए 50 करोड़ के विभागीय घोटाले की जांच कानपुर ईओडब्ल्यू ने शुरू की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सपा सरकार में बिजली उपकरणों की खरीद फरोख्त के नाम पर झांसी विद्युत विभाग में हुए 50 करोड़ रुपये घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू (कानपुर आर्थिक अपराध शाखा) करेगी। शासन के आदेश पर आठ साल बाद घोटाले की जांच शुरू होने से झांसी विद्युत विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
ईओडब्ल्यू एसपी के अनुसार शासन की अनुमति मिल गई है। ईओडब्ल्यू कानपुर सेक्टर के एसपी बाबूराम ने बताया कि 21 मई को शासन ने उत्तर प्रदेश पवार कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) झांसी में 2012 से 2013 के बीच हुए 50 करोड़ के घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य अभियंता (वितरण) झांसी क्षेत्र और अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल झांसी ने 50 करोड़ के फर्जी क्रय आदेश जारी करके रकम हड़प ली थी। शासन स्तर से जांच शुरू कर इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। जांच केलिए टीम का गठन कर दिया गया है।
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ईओडब्ल्यू एसपी के अनुसार शासन की अनुमति मिल गई है। ईओडब्ल्यू कानपुर सेक्टर के एसपी बाबूराम ने बताया कि 21 मई को शासन ने उत्तर प्रदेश पवार कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) झांसी में 2012 से 2013 के बीच हुए 50 करोड़ के घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
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मुख्य अभियंता (वितरण) झांसी क्षेत्र और अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल झांसी ने 50 करोड़ के फर्जी क्रय आदेश जारी करके रकम हड़प ली थी। शासन स्तर से जांच शुरू कर इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। जांच केलिए टीम का गठन कर दिया गया है।
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छह कर्मचारियों को पूर्व में किया जा चुका निलंबित
अफ सरों ने फर्जी क्रय आदेश जारी करने के अलावा कमीशनखोरी के फेर में करोड़ों के गैर जरूरी विद्युत उपकरणों की खरीद फरोख्त भी की थी। पूर्व में हुई जांच के दौरान विभाग के छह कर्मियों की भी मिलीभगत पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। कुल 22 कर्मचारियों की भागीदारी मिली थी।
इस तरह से अधिकारियों ने लगाया 50 करोड़ का चूना
अधिकारी के अनुसार प्राथमिक जांच में झांसी विद्युत विभाग केअफसरों केसाथ ही माल सप्लाई करने वाली कंपनियों और कर्मचारियों की भी भूमिका मिली है। 45.20 करोड़ के क्रय आदेश का झांसी मंडल कार्यालय में कोई रिकार्ड ही नहीं मिला है, जिसे सभी मिलकर डकार गए। वहीं, 12 करोड़ की खरीद के जो दस्तावेज मिले हैं उसमें पाया गया कि अधिकारियों ने कमीशनखोरी के चक्कर में उपकरणों की बाजार से दो गुना कीमत का भुगतान किया गया था। इस तरह से अफ सरों ने विद्युत विभाग को करीब 50 करोड़ रुपये का चूना लगाया है।
अफ सरों ने फर्जी क्रय आदेश जारी करने के अलावा कमीशनखोरी के फेर में करोड़ों के गैर जरूरी विद्युत उपकरणों की खरीद फरोख्त भी की थी। पूर्व में हुई जांच के दौरान विभाग के छह कर्मियों की भी मिलीभगत पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। कुल 22 कर्मचारियों की भागीदारी मिली थी।
इस तरह से अधिकारियों ने लगाया 50 करोड़ का चूना
अधिकारी के अनुसार प्राथमिक जांच में झांसी विद्युत विभाग केअफसरों केसाथ ही माल सप्लाई करने वाली कंपनियों और कर्मचारियों की भी भूमिका मिली है। 45.20 करोड़ के क्रय आदेश का झांसी मंडल कार्यालय में कोई रिकार्ड ही नहीं मिला है, जिसे सभी मिलकर डकार गए। वहीं, 12 करोड़ की खरीद के जो दस्तावेज मिले हैं उसमें पाया गया कि अधिकारियों ने कमीशनखोरी के चक्कर में उपकरणों की बाजार से दो गुना कीमत का भुगतान किया गया था। इस तरह से अफ सरों ने विद्युत विभाग को करीब 50 करोड़ रुपये का चूना लगाया है।