फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   encounter with dacoit babuli kole

पांच लाख तीस हजार का इनामी पुलिस के चंगुल से दूर

Thu, 31 Aug 2017 09:51 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 31 Aug 2017 09:51 AM IST
विज्ञापन
encounter with dacoit babuli kole
बबुली कोल को तलाशती पुलिस - फोटो : amar ujala
यूपी में चित्रकूट के बेधक के जंगल एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठे। मुठभेड़ के छह दिन बाद भी भागे डकैतों को पकड़ने में नाकाम रही पुलिस को मंगलवार को कुछ आस दिखी। चित्रकूट के बेधक के जंगल में डकैतों की मौजूदगी की संभावना पर घेराबंदी की गई। इसके बाद पुलिस टीम और डाकुओं की ओर से फायरिंग भी की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। 
विज्ञापन


पांच लाख तीस हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग से सीधी मुठभेड़ के छह दिन बाद भी पुलिस जंगलों व संभावित स्थानों पर काबिंग ही कर रही है। गोली लगने के बाद भी भागे घायल डाकुओं का कुछ पता नहीं चल पाया। मंगलवार को एक बार पुलिस टीम का उत्साह उस समय जागा जब पता चला कि धौरहा जंगल के पास कुछ डकैत मौजूद हैं। इसके बाद मानिकपुर पुलिस और पीएसी टीम ने घेराबंदी की। दोनों ओर से फायरिंग भी हुई लेकिन डकैत भागने में सफल रहे। अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि वह इलाहाबाद गए थे लेकिन जंगल में मौजूद पुलिस कर्मियों ने जानकारी दी है कि डकैतों की मौजूदगी पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की थी तभी डकैतों की ओर से फायरिंग हुई और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान कुछ डकैतों को घायलावस्था में देखा गया है।
विज्ञापन


मुखबिरों पर पैनी नजर
मानिकपुर। एसपी प्रताप गोपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एंटी डकैती, एसओजी व सर्विलांस टीम ने चूल्ही, नागर, डोडा, सकरौंहा आदि गांव के आस पास डाकुओं  के मुखबिर और मददगारों पर नजर रखी। कई पुरवा के घरों में जाकर पूछताछ की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ज्यादातर बाहरी फोर्स लौटी
मानिकपुर। पूरे पाठा क्षेत्र मेें डकैतों की तलाश के लिए जिले की पुलिस टीम के अलावा महोबा, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी से भी पुलिस कर्मी जंगल पहुंच कर मोहरा ले रहे थे लेकिन छह दिन बाद भी सफलता न मिलने पर अब बाहरी टीमें सब लौट गई हैं। इसके बावजूद मप्र सीमा से जुड़े जंगल बेधक ,बरौंधा आदि में मप्र पुलिस टीम डटी है। इधर कोबरा पीएसी और जिले की पुलिस टीम भी डटी हुई है।

 

encounter with dacoit babuli kole
महिला से बात करता पुलिसकर्मी - फोटो : amarujala
नहीं मिलता भरपेट भोजन-पानी
ग्रामीण इलाकों में तैनात पुलिस कर्मियों को डयूटी करने में बेहद कठिन परिस्थतियों का सामना करना  पड़ रहा हैै। खासकर ददरी, नागर, डोडा, निही के आस पास पीएसी व पुलिस टीम को भोजन पानी भी समय से नहीं मिल रहा है। जंगल होने और गांव में सन्नाटा छाने के कारण पुलिस कर्मियों को मुख्यालय या आस पास के थानों  से ही समय समय पर भोजन व पानी पहुंचाया जाता है। हालांकि पुलिस टीमों को टुकडी में बांटकर ड्यूटी लगाई गई है।

डाकू की पत्नी को दी शरण!
डाकू बबुली कोल गैंग से मुठभेड़ के बाद पुलिस टीम ने आस पास के गांव  पुरवा में पैनी नजर रखी है। मुखबिरों के साथ और अन्य ग्रामीणों की मदद से कई महत्वपूर्ण जानकारी एकत्र की है। जिसमें नागर गांव के एक घर में डाकू लवलेश कोल की पत्नी को शरण देने की जानकारी मिली। एक के घर से कई मोबाइल के सिम बरामद हुए हैं। पूरे मामले में पुलिस ने कई लोगों को पकड़कर पूछताछ की है।

घायलावस्था में पार कर गए नदी
पुलिस मुठभेड़ के बाद डाकू गोली लगने से घायल हुए हैं। जिसमें लवलेश समेत एक अन्य को घायलावस्था में ही निही के जंगल से बरदहा नदी के पार कराने की जानकारी मिली है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया है कि उन्होंने दो डाकुओं को घायलावस्था में बरदहा नदी के पार जाते देखा है। नदी पार कराने में कुछ लोगों ने मदद भी की है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed