{"_id":"575f03d24f1c1b4d1f11b891","slug":"en-lalon-the-amazing-family-of-workers","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूर परिवार के लालों ने किया कमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूर परिवार के लालों ने किया कमाल
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
भाभा क्लासेज सुपर-35 बैच के सफल स्टूडेंटों के साथ चेयरमैन महेश सिंह चौहान।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। मजदूरी और खेती-किसानी करने वाले परिवार के लालों ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस में कमाल कर दिया है। गरीबी को मात देकर सफलता हासिल की। अब आईआईटी से इंजीनियरिंग और साइंस की पढ़ाई करेंगे। वे माता-पिता के साथ ही परिवार का सपना पूरा करने का दम भर रहे हैं।
भाभा सुपर-35 बैच के स्टूडेंट पवन कुमार (रैंक 615) झांसी के रानीपुर के रहने वाले हैं। पिता कमलेश आर्य बुनकर हैं। रामादेवी पटेल नगर निवासी प्रशांत (रैंक 1762) के पिता खुशीलाल प्राइवेट नौकरी करते हैं। मामूली कमाई पर भाई जय कुमार और जोयल भी पढ़ाई कर रहे हैं। मां मधु देवी को भी मजदूरी करनी पड़ती है। मनरेगा मजदूर अलीगढ़ गांव हरी रामपुर के सोनपाल सिंह के बेटे शशि कुमार की आल इंडिया रैंक 5 है। जवाहर नवोदय विद्यालय अगसोली हाथरस से हाईस्कूल (9.2 सीजीपीए) और इंटरमीडिएट (80 फीसदी) करने वाले शशि को सफलता मिल गई लेकिन फीस जमा करने का पैसा नहीं है। पटना के राकेश रोशन (रैंक 880) के पिता लाल बिहारी चौधरी मजदूर हैं। आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। इसके बावजूद राकेश ने तैयारी की और इंजीनियरिंग की सर्वश्रेष्ठ परीक्षा मेें सफलता हासिल की।
इन गरीब मेधावियों को मिली सफलता
शशि कुमार (रैंक 5), पवन कुमार (615 ), राकेश रोशन (880), हर्षित कमल (367), सुधांशु वर्मा (386), सोनल (480), चेतन कुमार ( 784), साक्षी सिंह (1017), प्रिया वर्मा (1024), प्रियांशु वर्मा (1186), अर्पित कुमार (1424), मोहित कुमार उत्तम (1436), प्रशांत वर्मा (1569), सुबोध सिंह (1627), आकाश (1628), प्रशांत कुमार (1762), निखिल सेन (1812), दीपांकर सिंह (1862), अनुपम पाल (1878), नितिन गंगवार (1968), अखंड प्रताप सिंह (2091), अनुज कुमार पाल (2339) और कुलदीप (रैंक 2385)।
विज्ञापन
टेस्ट से एडमिशन
सुपर-35 बैच में एडमिशन का टेस्ट 24 जून को होगा। कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, आगरा, गाजियाबाद, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, भोपाल और पटना में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। टेस्ट में शामिल होने के लिए वेबसाइट
www.bhabhagroup.org पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
विज्ञापन
भाभा सुपर-35 बैच के स्टूडेंट पवन कुमार (रैंक 615) झांसी के रानीपुर के रहने वाले हैं। पिता कमलेश आर्य बुनकर हैं। रामादेवी पटेल नगर निवासी प्रशांत (रैंक 1762) के पिता खुशीलाल प्राइवेट नौकरी करते हैं। मामूली कमाई पर भाई जय कुमार और जोयल भी पढ़ाई कर रहे हैं। मां मधु देवी को भी मजदूरी करनी पड़ती है। मनरेगा मजदूर अलीगढ़ गांव हरी रामपुर के सोनपाल सिंह के बेटे शशि कुमार की आल इंडिया रैंक 5 है। जवाहर नवोदय विद्यालय अगसोली हाथरस से हाईस्कूल (9.2 सीजीपीए) और इंटरमीडिएट (80 फीसदी) करने वाले शशि को सफलता मिल गई लेकिन फीस जमा करने का पैसा नहीं है। पटना के राकेश रोशन (रैंक 880) के पिता लाल बिहारी चौधरी मजदूर हैं। आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। इसके बावजूद राकेश ने तैयारी की और इंजीनियरिंग की सर्वश्रेष्ठ परीक्षा मेें सफलता हासिल की।
विज्ञापन
इन गरीब मेधावियों को मिली सफलता
शशि कुमार (रैंक 5), पवन कुमार (615 ), राकेश रोशन (880), हर्षित कमल (367), सुधांशु वर्मा (386), सोनल (480), चेतन कुमार ( 784), साक्षी सिंह (1017), प्रिया वर्मा (1024), प्रियांशु वर्मा (1186), अर्पित कुमार (1424), मोहित कुमार उत्तम (1436), प्रशांत वर्मा (1569), सुबोध सिंह (1627), आकाश (1628), प्रशांत कुमार (1762), निखिल सेन (1812), दीपांकर सिंह (1862), अनुपम पाल (1878), नितिन गंगवार (1968), अखंड प्रताप सिंह (2091), अनुज कुमार पाल (2339) और कुलदीप (रैंक 2385)।
विज्ञापन
टेस्ट से एडमिशन
सुपर-35 बैच में एडमिशन का टेस्ट 24 जून को होगा। कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, आजमगढ़, आगरा, गाजियाबाद, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, भोपाल और पटना में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। टेस्ट में शामिल होने के लिए वेबसाइट
www.bhabhagroup.org पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।