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15 तक संभालो कामकाज नहीं तो झेलो कार्रवाई
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 13 Sep 2016 07:17 PM IST
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लेखपालों का हड़ताल पर जाने से खाली पड़े दफ्तर और
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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निर्वाचन आयोग ने हड़ताली लेखपालों को सख्ती दिखाते हुए 15 सितंबर तक काम पर वापस लौटने को कहा है। साथ ही लेखपालों को यह भी सूचना दी गई है कि यदि वह काम पर नहीं लौटे तो आयोग निलंबन कार्रवाई कर सकता है। निर्वाचन आयोग कामकाज में हीलाहवाली का आरोप लगाकर कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।
बता दें लेखपालों की हड़ताल 22 अगस्त से जारी है जिसके कारण तकरीबन 60 हजार जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र फंसे हैं। हड़ताल को राजस्व परिषद ने अवैध करार दे दिया, फिर भी लेखपाल अड़े हैं। वहीं लेखपाल ने मार्च निकाले जाने की योजना तैयार की है। तहसील सदर से डीएम आवास जाएंगे, फिर कलक्ट्रेट कैंपस पहुंचकर ज्ञापन देंगे।
लेखपालों की हड़ताल का संज्ञान निर्वाचन आयोग ने लिया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम 15 सितंबर से शुरू हो रहा है। लेखपाल ही मतदाता सूची पुनरीक्षण के अधिकारी होते हैं। 18 सितंबर को विशेष मतदाता जागरूकता कैंप लगना है।
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इसलिए लेखपालों की उपस्थिति जरूरी है। निर्वाचन आयोग के कामकाज में हिस्सा न लेने पर निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। लेखपालों से 15 सितंबर तक काम पर लौटने को कहा गया है। ऐसा नहीं हुआ तो कार्रवाई निश्चित है।
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बता दें लेखपालों की हड़ताल 22 अगस्त से जारी है जिसके कारण तकरीबन 60 हजार जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र फंसे हैं। हड़ताल को राजस्व परिषद ने अवैध करार दे दिया, फिर भी लेखपाल अड़े हैं। वहीं लेखपाल ने मार्च निकाले जाने की योजना तैयार की है। तहसील सदर से डीएम आवास जाएंगे, फिर कलक्ट्रेट कैंपस पहुंचकर ज्ञापन देंगे।
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लेखपालों की हड़ताल का संज्ञान निर्वाचन आयोग ने लिया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम 15 सितंबर से शुरू हो रहा है। लेखपाल ही मतदाता सूची पुनरीक्षण के अधिकारी होते हैं। 18 सितंबर को विशेष मतदाता जागरूकता कैंप लगना है।
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इसलिए लेखपालों की उपस्थिति जरूरी है। निर्वाचन आयोग के कामकाज में हिस्सा न लेने पर निलंबन और वेतन रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। लेखपालों से 15 सितंबर तक काम पर लौटने को कहा गया है। ऐसा नहीं हुआ तो कार्रवाई निश्चित है।