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सांसों से खिलवाड़: आठ माह के मासूम को लगा दी छह लीटर प्रति मिनट की ऑक्सीजन, चली गई जान

Fri, 17 Jul 2026 12:17 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: Shikha Pandey Updated Fri, 17 Jul 2026 12:17 AM IST
सार

Hardoi News: मासूम की मौत के बाद परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।

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Eight-month-old infant dies after being administered oxygen at six liters per minute
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लखनऊ रेफर किए गए मासूम को बुधवार रात 102 सेवा की एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने राहत देने के उद्देश्य से छह लीटर प्रति मिनट के प्रेशर से ऑक्सीजन लगा दी। इसके कुछ देर बाद ही मासूम का पेट फूल गया और उसकी मौत हो गई। परिजन ने ईएमटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।

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कोतवाली क्षेत्र के गोधाई निवासी बब्बू मजदूरी करते हैं। उनकी दो बेटियां और दो बेटों में छोटा बेटा अरविंद आठ माह का था। बब्बू ने बताया कि अरविंद को बुधवार को दस्त के बाद बुखार आ गया था। तबीयत बिगड़ने पर रात करीब नौ बजे अरविंद को परिजन मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में भर्ती कराया। यहां से चिकित्सक ने डायर सेंटर रेफर कर दिया।

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परिजन एंबुलेंस से लखनऊ ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि यह घटना हो गई। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मासूम के शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच कराया गया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। विसरा सुरक्षित किया गया है।
 

एंबुलेंस में अधिकतम छह लीटर प्रति मिनट के प्रेशर की ऑक्सीजन की व्यवस्था होती है। आम तौर पर आठ माह के बच्चे के लिए अधिकतम दो लीटर प्रति मिनट के प्रेशर की ऑक्सीजन लगाई जाती है। मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है। - नितिन कुमार प्रभारी, 102 एंबुलेंस सेवा

मुझे नहीं लगता कि ज्यादा प्रेशर से ऑक्सीजन के कारण मासूम की मौत हुई होगी। गंभीर हालत होने पर ही उसे लखनऊ रेफर किया गया होगा। ज्यादा प्रेशर से ऑक्सीजन पर फेफड़ों पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन मौत होने की बात गले नहीं उतर रही। - डॉ. अमित आनंद प्रभारी, इमरजेंसी वार्ड मेडिकल कॉलेज
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