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Kanpur News: शिक्षण संस्थान बदलें मेन्यू, नाश्ते में दें सैंडविच, फ्रूट चाट
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कानपुर। देश में बढ़ती गैस की दिक्कतों को देखते हुए राजभवन में हुई बैठक में सभी संस्थानों को अपने मेन्यू में बदलाव करने के आदेश दिए गए हैं। संस्थानों से कहा गया कि हॉस्टल की मेस में ऐसे व्यंजन रखें जिन्हें बनाने में कम गैस खर्च हो। सैंडविच, स्प्राउट, फ्रूट चाट जैसे नाश्ते को शामिल करने की सलाह दी गई। राजभवन से आए आदेश के बाद सभी संस्थानों में मेन्यू में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम बोबडे (अपर मुख्य सचिव स्तर) और डॉ. पंकज एल जानी ने गुरुवार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एलपीजी गैस किल्लत पर काफी चर्चा हुई। विश्वविद्यालयों को भी निर्देश दिया गया कि वे सिलिंडर के अलावा विकल्प मसलन लकड़ी, कोयला, इलेक्ट्रिक उपकरण आदि की तैयारी रखें। दिक्कत होने पर जिले के मंडल के बड़े अफसर और जिलाधिकारी से संपर्क करें। कहा गया कि सभी विश्वविद्यालय जुलाई में ही दीक्षांत कराने की तैयारी करें। निर्धारित समय पर परीक्षाएं कराकर रिजल्ट जारी करें। बैठक में शहर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, एचबीटीयू के कुलपति प्रो. समशेर, रजिस्ट्रार अमित राठौर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
संस्थानों में ये हैं स्थितियां
एचबीटीयू : डीएसडब्ल्यू प्रो. सीएल गहलोत ने बताया कि राजभवन की ओर से मेन्यू में बदलाव के लिए कहा गया है जिस पर अमल किया जा रहा है। संस्थान की मेस में काफी समय पहले से ही पीएनजी सप्लाई है। इसलिए अभी एलपीजी गैस की दिक्कत नहीं है। वार्डन को कम एलपीजी खर्च होने वाले मेन्यू बनाने का निर्देश दिया गया है। विकल्प के रूप में लकड़ी व कोयला भी एकत्र करने के लिए कहा गया है। हॉस्टल में करीब 2200 छात्र-छात्राएं हैं।
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सीएसए : चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल फिलहाल करीब 900 छात्र छात्राएं है। शेष परीक्षा खत्म होने पर घर चले गए हैं। डीएसडबल्यू प्रो. मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अभी हॉस्टल की मेस चल रही है लेकिन सिलिंडर मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। विवि के कुलपति ने आपूर्ति अधिकारी से 100 सिलिंडर की मांग की है ताकि छात्रावास सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
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सीएसजेएमयू : छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के छह हॉस्टल में 1120 छात्र-छात्राएं रह रहे हैं। विवि के चीफ वार्डन डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि अभी तो परेशानी नहीं है लेकिन दिक्कत हो सकती है। हालांकि आपूर्ति विभाग ने पूरी सप्लाई देने का वादा किया है। विवि को रोजाना नौ से 10 सिलेंडर की जरूरत है। मेन्यू में बदलाव किया गया है जिससे गैस खर्च कम किया जा सके।
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राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम बोबडे (अपर मुख्य सचिव स्तर) और डॉ. पंकज एल जानी ने गुरुवार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एलपीजी गैस किल्लत पर काफी चर्चा हुई। विश्वविद्यालयों को भी निर्देश दिया गया कि वे सिलिंडर के अलावा विकल्प मसलन लकड़ी, कोयला, इलेक्ट्रिक उपकरण आदि की तैयारी रखें। दिक्कत होने पर जिले के मंडल के बड़े अफसर और जिलाधिकारी से संपर्क करें। कहा गया कि सभी विश्वविद्यालय जुलाई में ही दीक्षांत कराने की तैयारी करें। निर्धारित समय पर परीक्षाएं कराकर रिजल्ट जारी करें। बैठक में शहर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, एचबीटीयू के कुलपति प्रो. समशेर, रजिस्ट्रार अमित राठौर, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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संस्थानों में ये हैं स्थितियां
एचबीटीयू : डीएसडब्ल्यू प्रो. सीएल गहलोत ने बताया कि राजभवन की ओर से मेन्यू में बदलाव के लिए कहा गया है जिस पर अमल किया जा रहा है। संस्थान की मेस में काफी समय पहले से ही पीएनजी सप्लाई है। इसलिए अभी एलपीजी गैस की दिक्कत नहीं है। वार्डन को कम एलपीजी खर्च होने वाले मेन्यू बनाने का निर्देश दिया गया है। विकल्प के रूप में लकड़ी व कोयला भी एकत्र करने के लिए कहा गया है। हॉस्टल में करीब 2200 छात्र-छात्राएं हैं।
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सीएसए : चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के हॉस्टल फिलहाल करीब 900 छात्र छात्राएं है। शेष परीक्षा खत्म होने पर घर चले गए हैं। डीएसडबल्यू प्रो. मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि अभी हॉस्टल की मेस चल रही है लेकिन सिलिंडर मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। विवि के कुलपति ने आपूर्ति अधिकारी से 100 सिलिंडर की मांग की है ताकि छात्रावास सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
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सीएसजेएमयू : छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के छह हॉस्टल में 1120 छात्र-छात्राएं रह रहे हैं। विवि के चीफ वार्डन डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि अभी तो परेशानी नहीं है लेकिन दिक्कत हो सकती है। हालांकि आपूर्ति विभाग ने पूरी सप्लाई देने का वादा किया है। विवि को रोजाना नौ से 10 सिलेंडर की जरूरत है। मेन्यू में बदलाव किया गया है जिससे गैस खर्च कम किया जा सके।