{"_id":"66de1e110f7aeed43d030624","slug":"educated-people-are-increasing-year-by-year-etawa-news-c-216-1-etw1002-115704-2024-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: साल दर साल बढ़ रहे पढ़े-लिखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: साल दर साल बढ़ रहे पढ़े-लिखे
विज्ञापन
फोटो 32::बीएसए कार्यालय
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को बनाया जा रहा साक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। साक्षरता अभियान को लेकर जिले ने बीते तीन दशक में अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे जिले की साक्षरता की दर में इजाफा हुआ है। वर्ष 2001 में जिले में साक्षरता का प्रतिशत 69.57 था, जो बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस दौरान निरक्षरों को साक्षर करने की कई योजनाएं सार्थक साबित हुई है। वर्तमान में भी नवभारत साक्षर कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने का काम किया जा रहा है।
समय-समय पर सरकार की ओर से निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए तमात अभियानों को चलाया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में इस अभियान के तहत पढाने का काम किया जा रहा है। इसमें विभिन्न योजनाओं के तहत प्रेरकों की तैनाती की गई है।पहले साक्षरता अभियान चलने के बाद फिर से 2018 में साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम चलाया गया। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो वर्ष 2001 में जिले की साक्षरता प्रतिशत 69.57 थी जो 2011 में बढ़कर 78.41 हो गई थी। वहीं वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़कर 82 फीसदी तक पहुंच गया है।
वर्जन
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।इस अभियान के तहत 15 साल से कम आयु के लगभग 700 लोगों को साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा भी करवाई जाती है।
विज्ञापन
डॉ. राजेश कुमार, बीएसए
विज्ञापन
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को बनाया जा रहा साक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। साक्षरता अभियान को लेकर जिले ने बीते तीन दशक में अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे जिले की साक्षरता की दर में इजाफा हुआ है। वर्ष 2001 में जिले में साक्षरता का प्रतिशत 69.57 था, जो बढ़कर 82 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इस दौरान निरक्षरों को साक्षर करने की कई योजनाएं सार्थक साबित हुई है। वर्तमान में भी नवभारत साक्षर कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने का काम किया जा रहा है।
समय-समय पर सरकार की ओर से निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए तमात अभियानों को चलाया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में इस अभियान के तहत पढाने का काम किया जा रहा है। इसमें विभिन्न योजनाओं के तहत प्रेरकों की तैनाती की गई है।पहले साक्षरता अभियान चलने के बाद फिर से 2018 में साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम चलाया गया। आंकड़ों पर अगर गौर करें तो वर्ष 2001 में जिले की साक्षरता प्रतिशत 69.57 थी जो 2011 में बढ़कर 78.41 हो गई थी। वहीं वर्तमान में यह आंकड़ा बढ़कर 82 फीसदी तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
वर्जन
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।इस अभियान के तहत 15 साल से कम आयु के लगभग 700 लोगों को साक्षर बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा भी करवाई जाती है।
विज्ञापन
डॉ. राजेश कुमार, बीएसए