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Kanpur News: ईकोफ्रेंडली उपहार और हर्बल गुलाल परंपराओं में भरेंगे रंग

Wed, 25 Feb 2026 01:47 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:47 AM IST
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Eco-friendly gifts and herbal gulal will add colour to traditions
कानपुर। इस बार होली पर हर्बल रंगों और ईकोफ्रेंडली उपहारों की विशेष मांग है। बाजार में हाईटेक पिचकारियां भी खूब पसंद की जा रही हैं। लोग पर्यावरण संरक्षण और परंपराओं को ध्यान में रखकर खरीदारी कर रहे हैं। मेस्टन रोड, चौक, हटिया बाजार, शिवाला और गोविंद नगर समेत शहर के कई इलाकों में गुलाल, रंग, पिचकारी और विग की दुकानें सज गई हैं। ऑनलाइन खरीदारी भी जाेरों से चल रही है।
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परंपराओं के साथ वैदिक होली मनाने के लिए इस बार पूजा के लिए होलिका किट की मांग खूब है। कानपुर प्लॉगर्स एसोसिएशन ने गांव में रहने वाली महिलाओं को रोजगार देने के लिए किट तैयार कराई हैं। इसमें गोबर से निर्मित बल्ले की माला, गोकाष्ठ और होलिका पूजा किट शामिल है। संस्थापक डॉ. संजीवनी ने बताया कि किट में गाय के गोबर से बने बल्ले, ऑर्गेनिक गुलाल, गोबर से बनी धूपबत्ती भी शामिल है। कहा कि इससे परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है।
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बाजार से लेकर ऑनलाइन व कुछ सामाजिक संस्थाएं भी मिट्टी के बनाए उपहार तैयार कर रही हैं। इसमें हांडी सेट, ड्राईफ्रूट्स भरे हुए मल्टीपरपस बॉक्स, रंग भरी हुई छोटी-छोटी हांडियों का पैक शामिल हैं। ईकोफ्रेंडली उपहार में ठंडाई के लिए ग्लास सेट, पानी की बोतल और कुल्हड़ सेट आदि भी उपलब्ध हैं। ऑल इंडिया वूमेन डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग सोसाइटी की अध्यक्ष शुभांगी सिंह ने बताया कि उनकी संस्था ग्रामीण महिलाओं से ये उपहार तैयार कराती है, जिससे उन्हें रोजगार मिले।
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बाजार में गुलाल और रंग के अलावा फूलों से बने हर्बल रंगों की मांग अधिक है। इस बार भी बच्चों की पसंदीदा पिचकारी बैकपैक टैंक बनी हुई है, जिसमें उनके पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर्स भी छपे हैं। एक बार में दो से पांच लीटर पानी इनमें आ जाता है। प्रेशर गन्स से 30 से 40 फीट दूर तक रंग की बौछार की जा सकती है। गुलाल स्प्रे जो अग्निशमन यंत्रों की तरह है। स्प्रे करते ही गुलाबी, पीला या नीला बादलों जैसा गुलाल छा जाता है। इसकी बिक्री उन जगहों के लिए खूब हो रही है, जहां होली शूट किए जाएंगे। वहीं बाजार में गुलाल, रंग के अलावा हर्बल रंग, जो फूलों से बने हैं उनकी मांग अधिक है।
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