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तबीयत खराब हाे अाैर जेब में पैसे ना हाें ताे यहां हाेगा मुफ्त में इलाज
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:04 PM IST
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डाॅ सहादत अली
मौदहा कस्बा निवासी सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. सहादत अली पिछले 18 वर्ष से मरीजों की नि:शुल्क सेवा कर रहे हैं। उन्हें इस कार्य से आत्मशांति मिलती है। कहते हैं कि इस पिछड़े क्षेत्र में छोटे-छोटे मर्जों पर निजी व सरकारी अस्पतालों में भी लोगों को इलाज के नाम पर लंबी रकम खर्च करनी पड़ती है।
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यह देख उन्होंने अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत्त होने के बाद स्थायी रूप से एक छोटा अस्पताल संचालित कर लिया। प्रतिदिन सुबह दस बजे से मरीजों को देख रहे हैं। कस्बे के रहमानियां इंटर कालेज के निकट रह रहे डॉ. सहादत अली यूनानी/आयुर्वेदिक अस्पताल एटा, गोंडा, बांदा के कम्हरिया व मौदहा में सेवारत रहे हैं।
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वह जिला मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक/यूनानी के प्रभारी जिला चिकित्साधिकारी भी रह चुके हैं। वर्ष 1999 में सेवानिवृत्ति के बाद अब लोगों के नि:शुल्क इलाज का कार्य निष्ठा व लगन से कर रहे हैं। कस्बे के मराठीपुरा मार्ग स्थित छोटे से अस्पताल में रविवार दोपहर दो बजे भी वह मरीजों के बीच घिरे मिले। डॉ. अली ने बताया कि वह प्रतिदिन औसतन 100 मरीजों को देखते हैं।
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बिना शुल्क लिए मरीजों को देखने का यह सिलसिला वह 18 साल से शुरू किए हैं। उनके यहां कस्बे के साथ बांदा, महोबा, सुमेरपुर आदि के रोगी आकर लाभ उठाते हैं। वह मरीजों की अनावश्यक जांच पड़ताल में धन खर्च नहीं कराते हैं। वायरल व अन्य बुखार तथा पेट आदि के मर्जों में कुछ समय के लिए अन्न न खाने की सलाह देने के साथ वह अपना इलाज शुरू कराते हैं। इससे मरीजों को लाभ मिलता है।
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डॉ. अली अलीगढ़ विश्वविद्यालय से फिजीशियन व सर्जन की उपाधि हासिल किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि मरीज देखना उनकी वरीयता है। नाश्ता और खाना भी मरीजों को देखते समय भूल जाते हैं। शनिवार को सुबह चाय पीने के बाद दोपहर दो बजे दूसरी चाय पी। बच्चे, महिलाएं, पुरुष जिसमें न सिर्फ गरीब व सामान्य वर्ग के लोग इनके इलाज में विश्वास करते हैं और सुबह होते ही इलाज के लिए लाइन में बैठ जाते हैं।