फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Dr. Praveen and Dr. Mahesh suspended; Dr. D.S. Rajput also faces tightening scrutiny.

Kanpur News: डॉॅ. प्रवीण और डॉ. महेश निलंबित, डाॅ. डीएस राजपूत पर भी शिकंजा

Thu, 22 Oct 2026 02:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 02:21 AM IST
विज्ञापन
Dr. Praveen and Dr. Mahesh suspended; Dr. D.S. Rajput also faces tightening scrutiny.
कानपुर। होमगार्ड भर्ती के दौरान रिश्वत लेने वाले जेल गए उर्सला के दोनों डॉक्टर निलंबित हो गए हैं। 48 घंटे जेल में रहने के बाद डॉ. प्रवीण और डॉ. महेश का स्वतः ही निलंबन हो गया है। वहीं, अब तीसरे डॉ. डीएस राजपूत पर भी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हंगामे के वक्त अभ्यर्थियों ने डॉ. राजपूत पर भी रुपये वसूलने के आरोप लगाए थे।
विज्ञापन

15 अक्तूबर की रात पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण के दौरान अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि मेडिकल फिटनेस के नाम पर उनसे 15 से 20 हजार रुपये की वसूली की जा रही है। कोतवाली पुलिस ने उर्सला के डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश, डॉ. डीएस राजपूत के अलावा चालक अजीत समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसीपी अमित कुमार पांडे ने बताया कि जेल भेजे गए डॉक्टर प्रवीण व महेश के खिलाफ ऑनलाइन रुपये लेने के साक्ष्य मिले थे। इसलिए इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था लेकिन डॉ. राजपूत पर सिर्फ रुपये लेने के आरोप ही लगे थे। इस कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं थी।
विज्ञापन

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि सरकारी नियमों के अनुसार अगर कोई सरकारी कर्मचारी आपराधिक या अन्य मामलों में 48 घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहता है तो हिरासत की तिथि से उसे निलंबित माना जाता है। 48 घंटे से ज्यादा की सजा होने पर ये स्वतः ही लागू हो जाता है। नियमों के अनुसार वे निलंबित हो गए हैं। ऐसे में दोनों ही डॉक्टर अगर जमानत पर बाहर भी आ जाते हैं तो निजी प्रैक्टिस भी नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शारीरिक कमी होने के बाद भी दिखाया फिट
एसीपी ने बताया कि दो-तीन दिन में हुई जांच में एक अभ्यर्थी ऐसा मिला है जिसे डॉ. राजपूत ने शारीरिक कमी होने के बाद भी फिट दिखाया है। इसलिए डॉ. राजपूत को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जल्द ही दोनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। वहीं, जांच में एक सुजीत नाम का व्यक्ति प्रकाश में आया है जिसे पांच हजार रुपये ऑनलाइन और 45 हजार रुपये नकद दिए जाने की बात सामने आ रही है। उसकी भी तलाश की जा रही है। इसके अलावा सभी आरोपियों के बैंक खाते भी जांचे जा रहे हैं।

वर्जन

पूरे मामले में उन्होंने कोई पैसे नहीं लिए हैं। उनके खाते में ऑनलाइन भी कोई रकम नहीं आई है। अगर ऐसा होता तो घटना के बाद सभी की तरह उनसे भी पुलिस पूछताछ करती। फिलहाल वह उर्सला में अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। -डॉ. डीएस राजपूत


जेल में बंद डॉ. प्रवीण का बन रहा करोड़ों का अस्पताल
फोटो
कानपुर। जेल में बंद डॉ. प्रवीण की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार उसकी प्रॉपर्टी की जांच भी हो सकती है। डॉ. प्रवीण काकादेव में अपना आलीशान हॉस्पिटल बनवा रहा है। करोड़ों रुपये का भवन है। साथी डॉक्टरों के अनुसार सरकारी डॉक्टर होने के बावजूद डॉ. प्रवीण शाम के वक्त निजी प्रैक्टिस करता था। वह शहर के पॉश इलाके अशोकनगर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीजों की सर्जरी करता था और अवैध रूप से मोटी रकम वसूलता था। कई रोगियों को उर्सला से नर्सिंगहोम में ले जाकर सर्जरी भी करता था। अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर दिन भर में औसतन तीन सर्जरी करते हैं वहीं डॉ. प्रवीण एक दिन में चार-पांच सर्जरी करता था। साथी चिकित्सकों का यह भी कहना है कि वह प्रत्येक सर्जरी के एवज में पांच से 15 हजार रुपये तक की रकम वसूलता था। डॉ. प्रवीण ने 2015 में उर्सला अस्पताल जॉइन किया था। इससे पहले वह सीएमओ के अंडर में ही नगर के स्वास्थ्य केंद्र में तैनात था। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed