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कानपुर: डॉ. गुरु मूर्ति बोले- हिंदू आध्यात्मिक मेले में दिखेगी संपूर्ण संस्कृति की झलक
Mon, 24 Aug 2026 09:55 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 24 Aug 2026 09:55 PM IST
सार
Kanpur News: 26 से 30 सितंबर तक बृजेंद्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला लगेगा।
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मंच से बोलते डॉ. गुरु मूर्ति
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले में संपूर्ण भारतीय संस्कृति की झलक नजर आएगी। इसमें समाज के सभी घटकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कानपुर में पहली बार लगने वाले इस मेले की तैयारी बैठक में मुख्य अतिथि आरबीआई के पूर्व निदेशक राष्ट्र चिंतक डॉ. गुरु मूर्ति ने कहा कि आवश्यकता हिंदू समाज को केवल यूनिफाई करने की नहीं बल्कि हार्मोनाइज करने की है। अर्थात समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में जोड़कर एक-दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित करना है। हिंदू दर्शन केवल भारत के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए है।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला 26 से 30 सितंबर तक बृजेंद्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में लगेगा। सोमवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला की शुरुआत करने वाले डॉ. गुरु मूर्ति ने कहा कि हिंदुत्व में सभी अलग-अलग जातियां और समुदाय समाहित हैं। हिंदू समुदाय व्यक्ति आधारित नहीं है इसमें विविधता है। हर जाति के अपने मठ हैं, देवता हैं लेकिन सब एक-दूसरे से जुड़े हैं।
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हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला 26 से 30 सितंबर तक बृजेंद्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में लगेगा। सोमवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला की शुरुआत करने वाले डॉ. गुरु मूर्ति ने कहा कि हिंदुत्व में सभी अलग-अलग जातियां और समुदाय समाहित हैं। हिंदू समुदाय व्यक्ति आधारित नहीं है इसमें विविधता है। हर जाति के अपने मठ हैं, देवता हैं लेकिन सब एक-दूसरे से जुड़े हैं।
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बैठक में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
मेला मुख्य रूप से छह प्रमुख विषयों पर आधारित रहेगा। इनमें वन एवं जीवन संरक्षण, पारिस्थितिक संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, पारिवारिक एवं मानवीय मूल्यों का संवर्धन, नारी सम्मान एवं अभिव्यक्ति, देशभाव एवं जागरण हैं। विद्यालयों में आचार्य वंदन, मातृ-पितृ वंदन एवं कन्या वंदन जैसे कार्यक्रम प्रारंभ हुए हैं। इनका उद्देश्य समाज में संस्कार, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना है। हमारा उद्देश्य केवल अपने विचारों से सहमत लोगों को साथ लाना ही नहीं बल्कि जो लोग हमारे विचारों के विरोध में हैं उन्हें भी संवाद और समरसता के माध्यम से साथ जोड़ना होना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रांत संघ संचालक भवानी भीख ने की। संचालन नवेंद्र शुक्ला ने किया। प्रांत प्रचारक श्रीराम ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आयोजन समिति के सदस्य उमेश पालीवाल, संजीव, कार्तिक वाथन, विष्णु, हरेंद्र मूर्जनी, गिरीश त्रिपाठी, नीतू सिंह, अरविंद, मृत्युंजय कुमार, सोमकांत, क्रांति कटियार आदि रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रांत संघ संचालक भवानी भीख ने की। संचालन नवेंद्र शुक्ला ने किया। प्रांत प्रचारक श्रीराम ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आयोजन समिति के सदस्य उमेश पालीवाल, संजीव, कार्तिक वाथन, विष्णु, हरेंद्र मूर्जनी, गिरीश त्रिपाठी, नीतू सिंह, अरविंद, मृत्युंजय कुमार, सोमकांत, क्रांति कटियार आदि रहे।
डॉ. गुरु मूर्ति ने यह भी कहा
- हिंदू समाज की संख्या बड़ी है लेकिन हिंदू कहने में संकोच
- वर्ष 2009 में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की शुरुआत
- तमिलनाडु में मेले के माध्यम से सकारात्मक बदलाव
- सर्वोच्च न्यायालय ने 1991 में हिंदू शब्द को जीवन शैली, सभ्यता और जीवन मूल्यों से जोड़कर देखा
- मेला समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने वाला मेल्टिंग पॉइंट
- शासन से एक पैसा भी नहीं लेना, शासन को छोड़ना भी नहीं, जोड़ना भी नहीं
- हिंदू समाज की संख्या बड़ी है लेकिन हिंदू कहने में संकोच
- वर्ष 2009 में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले की शुरुआत
- तमिलनाडु में मेले के माध्यम से सकारात्मक बदलाव
- सर्वोच्च न्यायालय ने 1991 में हिंदू शब्द को जीवन शैली, सभ्यता और जीवन मूल्यों से जोड़कर देखा
- मेला समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने वाला मेल्टिंग पॉइंट
- शासन से एक पैसा भी नहीं लेना, शासन को छोड़ना भी नहीं, जोड़ना भी नहीं