Kanpur: डॉ. अनिल का विशेष व्याख्यान 16 को, कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी में रखेंगे अपने विचार
Kanpur News: कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी की ओर से सस्टेनेबल नेशनल ग्रोथ विद अर्बन-रूरल कोलैबोरेशन विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया है। इसमें बतौर मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद डॉ. अनिल प्रकाश जोशी शामिल होंगे।
विस्तार
आईआईटी कानपुर में कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी की ओर से सस्टेनेबल नेशनल ग्रोथ विद अर्बन-रूरल कोलैबोरेशन पर व्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है। 16 अगस्त को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता हेस्को के संस्थापक व प्रख्यात पर्यावरणविद पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी शामिल होंगे।
वो कार्यक्रम में विषय पर अपने विचार साझा करेंगे। विषय के मुख्य बिंदुओं की बात की जाए, तो इसमें शहरीकरण और विकास शामिल रहेगा। डॉ. जोशी का कहना है कि वैसे तो शहरीकरण अवसर प्रदान करता है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपभोग भी करता है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को नजरअंदाज करते खतरनाक अपशिष्ट पदार्थों में बढ़ोत्तरी करता है।
हमारे देश में, इसे अक्सर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन तक सीमित कर दिया जाता है, जो कि टिकाऊ नहीं है। सेंकेडरी प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित करने वाले शहरी क्षेत्र प्रोडक्शन प्रोसेस से कटे हुए हैं, जिससे उनके पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में जानकारी नहीं होती है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण पारिस्थितिक और आर्थिक असमानताएं पैदा होती हैं।
जीईपी इनोवेटर हैं डॉ. जोशी
ग्रामीण क्षेत्र बाढ़ जैसे पर्यावरणीय मुद्दों से अधिक पीड़ित होते हैं। इसमें संतुलन की आवश्यकता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी नवाचारों से लाभ होता है। सतत राष्ट्रीय विकास के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सहयोग की आवश्यकता है, जिससे एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठा सकें। बता दें कि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी जीईपी, सकल पर्यावरण उत्पाद इनोवेटर हैं। उन्हें पद्म श्री (2006) और पद्म भूषण (2020) सम्मान भी मिल चुका है।