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बच्चों की अटकी सांसें: जिस कंपनी के वेंटिलेटर पर राहुल गांधी ने उठाए थे सवाल उसी की वजह से डॉक्टर निलंबित
Sat, 31 Jul 2021 05:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 31 Jul 2021 05:35 AM IST
सार
डॉक्टरों में दिनभर इसकी चर्चा होती रही कि सवाल उठाना सरकार को नागवार गुजरा तो आगे व्यवस्था में खामियां गिनाकर कौन अपनी गर्दन फंसाएगा।
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राहुल गांधी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पीएम केयर फंड से मिले एग्वा कंपनी के वेंटिलेटर पर सवाल उठाने का खामियाजा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर को भुगतना पड़ा। बिना मामले की गहन जांच कराए बाल रोड विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा अग्रवाल के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। साथ ही विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव से भी जवाब तलब किया गया है। शासन के इस फैसले से डॉक्टरों में आक्रोश है।
डॉक्टरों में दिनभर इसकी चर्चा होती रही कि सवाल उठाना सरकार को नागवार गुजरा तो आगे व्यवस्था में खामियां गिनाकर कौन अपनी गर्दन फंसाएगा। मेडिकल कॉलेज को मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अप्रैल 2020 में एग्वा कंपनी के वेंटिलेटर दिए गए थे। दो वेंटिलेटरों का उपयोग बाल रोग विभाग में किया जा रहा था। जुलाई के पहले सप्ताह में वेंटिलेटर चलते-चलते बंद हो गया।
इस वजह से ट्युबरकुलर मेनिनजाइटिस से पीड़ित बच्ची को तत्काल एडवांस वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। चार दिन बाद मौत हो गई थी। इस पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) इंजार्ज डॉ. नेहा अग्रवाल ने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर खराब होने की बात कही थी।
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डॉक्टरों में दिनभर इसकी चर्चा होती रही कि सवाल उठाना सरकार को नागवार गुजरा तो आगे व्यवस्था में खामियां गिनाकर कौन अपनी गर्दन फंसाएगा। मेडिकल कॉलेज को मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अप्रैल 2020 में एग्वा कंपनी के वेंटिलेटर दिए गए थे। दो वेंटिलेटरों का उपयोग बाल रोग विभाग में किया जा रहा था। जुलाई के पहले सप्ताह में वेंटिलेटर चलते-चलते बंद हो गया।
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इस वजह से ट्युबरकुलर मेनिनजाइटिस से पीड़ित बच्ची को तत्काल एडवांस वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। चार दिन बाद मौत हो गई थी। इस पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) इंजार्ज डॉ. नेहा अग्रवाल ने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर खराब होने की बात कही थी।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
पीआईसीयू इंचार्ज के पत्र का हवाला देते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने तत्कालीन प्राचार्य डॉ. आरबी कमल को लिखे पत्र में कहा था कि वेंटिलेटर उपयोग के लायक नहीं है। इस पर शासन ने डॉक्टर को ही बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहरा दिया। इससे शासन के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेंटिलेटर्स पर सवाल खड़े किए थे। वेंटिलेट बनाने वाली कंपनी एग्वा हेल्थकेयर पर राहुल ने खराब वेंटिलेटर सप्लाई करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद कंपनी के को-फाउंडर प्रोफेसर दिवाकर वैश ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि आप डॉक्टर नहीं हैं।
डॉक्टर बोले खामियां बताईं तो निलंबन गलत
डॉ. नेहा अग्रवाल के निलंबन से शहर के डॉक्टरों में आक्रोश है। उनका कहना है कि डॉ. अग्रवाल और डॉ. राव ने मरीजों की जान की हिफाजत के लिए पत्र लिखा था। सरकार अपनी खामियों को छिपाने के लिए डॉक्टरों पर शिकंजा कस रही है। सरकार को वेंटिलेटर निर्माता कंपनी पर कार्रवाई करनी चाहिए। घटना से नाराज डॉक्टरों ने निलंबन वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में पीएम केयर फंड से खरीदे गए वेंटिलेटर्स पर सवाल खड़े किए थे। वेंटिलेट बनाने वाली कंपनी एग्वा हेल्थकेयर पर राहुल ने खराब वेंटिलेटर सप्लाई करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद कंपनी के को-फाउंडर प्रोफेसर दिवाकर वैश ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि आप डॉक्टर नहीं हैं।
डॉक्टर बोले खामियां बताईं तो निलंबन गलत
डॉ. नेहा अग्रवाल के निलंबन से शहर के डॉक्टरों में आक्रोश है। उनका कहना है कि डॉ. अग्रवाल और डॉ. राव ने मरीजों की जान की हिफाजत के लिए पत्र लिखा था। सरकार अपनी खामियों को छिपाने के लिए डॉक्टरों पर शिकंजा कस रही है। सरकार को वेंटिलेटर निर्माता कंपनी पर कार्रवाई करनी चाहिए। घटना से नाराज डॉक्टरों ने निलंबन वापस लेने की मांग की है।