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Kanpur News: तेजी से चल रहा डिजिटल क्राप सर्वे, चकरनगर फिसड्डी
Tue, 25 Feb 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:03 AM IST
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इटावा। डिजिटल क्राॅप सर्वे के काम में अब तक जिले में 43 प्रतिशत गाटों की ई-पड़ताल कराई जा सकी है, जबकि शेष गाटों की हो रही है। यहां पर 619 राजस्व गांवों के 5,24327 गाटों की ई-पड़ताल कराए जाने के लिए राजस्व विभाग के साथ ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, चकबंदी व कृषि विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। ई-पड़ताल में गाटों की संख्या व सर्वे के आधार पर तहसील भरथना अव्वल स्थान पर है, तो चकरनगर सबसे पिछड़ा है।
राजस्व विभाग की ओर से फसलों के सर्वे को डिजिटल कराया जा रहा है। इसमें सर्वेयर को किसान के खेत पर ही जाकर खेत में खड़ी फसल की फोटो लेते हुए अक्षांश-देशांतर के साथ ही गाटा संख्या आदि का पूरा विवरण ऑनलाइन एप पर अपलोड करना होता है। सर्वे में जिले के 619 गांवों के 5,24327 गाटों की ई-पड़ताल करनी थी, इसके सापेक्ष अब तक 2,26124 खसरा की पड़ताल हो पाई है। इनमें से 119 गांवों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जबकि 446 गांवों में कार्य प्रगति पर है। कृषि विभाग और किसान दोनों हाईटेक टेक्नोलाॅजी से जुड़ रहे हैं।
कृषि विभाग की ओर से इस साल फसलों का ऑनलाइन ई-क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। इसमें गांव में बोई गई फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण और फोटो एग्री स्टेक योजना के तहत एप पर अपलोड किया जा रहा है। ऑनलाइन सर्वे के लिए विभाग की तरफ से ई-पड़ताल मोबाइल एप लांच किया गया है। ऑनलाइन सर्वे में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की मदद ली जा रही है। प्रत्येक वर्ष जिले में कृषि योग्य भूमि पर कौन सी फसल उगी है, कितना जमीन खाली है, इसका सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर खसरा-खतौनी के आंकड़े तैयार किए जाते हैं। इस वर्ष यह सर्वे मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन किया जा रहा है।
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डिजिटल क्राप सर्वे में यह है तहसीलों का हाल
सर्वे की प्रगति में जिले की भरथना तहसील पहले स्थान पर है, यहां 1,40939 गाटों के सापेक्ष 6,9197 का सर्वे हो चुका है। वहीं सबसे खराब स्थिति चकरनगर तहसील क्षेत्र की है, यहां पर 38,671 के सापेक्ष 13,873 गाटों का सर्वे हो पाया है। इसके साथ ही इटावा तहसील में 1,68123 के सापेक्ष 70,508 , जसवंतनगर में 46,989 के सापेक्ष 19,424, सैफई में 55,287 के सापेक्ष 21,720 और ताखा तहसील क्षेत्र के 74,318 के सापेक्ष 31,402 गाटों का सर्वे हो पाया है।
जनपद में अब तक 119 गांवों का डिजिटल क्राप सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 446 गांवों में तीव्रता से सर्वे करवाया जा रहा है। जिन तहसीलों में सर्वे की स्थिति मंद है, उनके अधिकारियों और कर्मचारियों को सर्वे में तीव्रता लाने के निर्देश दिए गए है।
आरएन सिंह, उपकृषि निदेशक
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राजस्व विभाग की ओर से फसलों के सर्वे को डिजिटल कराया जा रहा है। इसमें सर्वेयर को किसान के खेत पर ही जाकर खेत में खड़ी फसल की फोटो लेते हुए अक्षांश-देशांतर के साथ ही गाटा संख्या आदि का पूरा विवरण ऑनलाइन एप पर अपलोड करना होता है। सर्वे में जिले के 619 गांवों के 5,24327 गाटों की ई-पड़ताल करनी थी, इसके सापेक्ष अब तक 2,26124 खसरा की पड़ताल हो पाई है। इनमें से 119 गांवों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जबकि 446 गांवों में कार्य प्रगति पर है। कृषि विभाग और किसान दोनों हाईटेक टेक्नोलाॅजी से जुड़ रहे हैं।
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कृषि विभाग की ओर से इस साल फसलों का ऑनलाइन ई-क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है। इसमें गांव में बोई गई फसलों का क्षेत्रफल, परती जमीन आदि का विवरण और फोटो एग्री स्टेक योजना के तहत एप पर अपलोड किया जा रहा है। ऑनलाइन सर्वे के लिए विभाग की तरफ से ई-पड़ताल मोबाइल एप लांच किया गया है। ऑनलाइन सर्वे में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की मदद ली जा रही है। प्रत्येक वर्ष जिले में कृषि योग्य भूमि पर कौन सी फसल उगी है, कितना जमीन खाली है, इसका सर्वे किया जाता है। इसी सर्वे के आधार पर खसरा-खतौनी के आंकड़े तैयार किए जाते हैं। इस वर्ष यह सर्वे मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन किया जा रहा है।
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डिजिटल क्राप सर्वे में यह है तहसीलों का हाल
सर्वे की प्रगति में जिले की भरथना तहसील पहले स्थान पर है, यहां 1,40939 गाटों के सापेक्ष 6,9197 का सर्वे हो चुका है। वहीं सबसे खराब स्थिति चकरनगर तहसील क्षेत्र की है, यहां पर 38,671 के सापेक्ष 13,873 गाटों का सर्वे हो पाया है। इसके साथ ही इटावा तहसील में 1,68123 के सापेक्ष 70,508 , जसवंतनगर में 46,989 के सापेक्ष 19,424, सैफई में 55,287 के सापेक्ष 21,720 और ताखा तहसील क्षेत्र के 74,318 के सापेक्ष 31,402 गाटों का सर्वे हो पाया है।
जनपद में अब तक 119 गांवों का डिजिटल क्राप सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 446 गांवों में तीव्रता से सर्वे करवाया जा रहा है। जिन तहसीलों में सर्वे की स्थिति मंद है, उनके अधिकारियों और कर्मचारियों को सर्वे में तीव्रता लाने के निर्देश दिए गए है।
आरएन सिंह, उपकृषि निदेशक