मौत का बदला मौत: हमारे पिता को पीटकर मारा था...हमने भी वैसा किया, महिलाएं बोलीं- यही होना था, थोड़ी देर से हुआ
Hardoi News: विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक लगभग तीस महिला पुरुष सरपंच पर लाठियों से हमला करते दिख रहे हैं। दो पुलिस कर्मी सरपंच को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर घटना में आरोपियों की संख्या भी बढ़ेगी।
विस्तार
हरदोई जिले में बेनीगंज के भैनगांव में सरपंच की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए सात लोगों को घटना का कोई अफसोस नहीं है। आरोपियों में शामिल बीरू और राहुल ने पुलिस से कहा कि सरपंच ने हमारे पिता को लाठियों से पीट पीटकर मार डाला था। हमने भी वैसे ही लाठियों से पीटकर मार डाला। गिरफ्तार की गईं महिलाओं का भी कहना है कि सरपंच के साथ यही होना था, लेकिन थोड़ी देर में हुआ। बात वर्ष 2009 की है। भैनगांव में सरपंच महावत और रामपाल महावत रहते थे।
दोनों के अपने अपने परिवार और कुनबे थे। 28 अगस्त को 2009 को भैनगांव बाजार में रुपयों केलेनदेन को लेकर सरपंच और रामपाल के बीच विवाद हुआ। ग्रामीण बताते हैं कि सरपंच ने अपने भाई के साथ मिलकर रामपाल को लाठियों से पीट पीटकर मार डाला था। इसके बाद दोनों आरोपी गिरफ्तार हुए थे। सरपंच को सजा हो गई थी और वह जेल में था। इस दौरान सरपंच का परिवार लखीमपुर खीरी के पलियापुरवा गांव में रहने लगा था, जबकि रामपाल का परिवार अटिया मझिगवां में बस गया था।
सिर में खून जम जाने से मौत
ग्रामीण बताते हैं कि 28 अगस्त 2009 के बाद से ज्यादातर लोगों ने सरपंच को देखा ही नहीं था। सरपंच जेल से छूटा तो कहां चला गया इसकी भी जानकारी ग्रामीणों को नहीं थी। बुधवार की सुबह वह पैदल फेरी करने गांव पहुंचा और इसकी जानकारी अटिया में रहने वाले राहुल को लग गई। फिर उसका पूरा कुनबा लाठियां लेकर पहुंच गया। यहीं पीट पीटकर उसे अधमरा कर दिया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम में सिर, माथे और नाक की हड्डियां टूट जाने के कारण सिर में खून जम जाने से मौत होने की बात सामने आई है। सरपंच का अंतिम संस्कार उसकी ससुराल मुसैला गांव में देर शाम किया गया।
परिजनों का पता खोजने में लग गए कई घंटे
घटना की जानकारी पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने मृतक के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू की। कई घंटों बाद पता चला कि उसका परिवार लखीमपुर में रह रहा है। फोन पर संपर्क नहीं हुआ, तो संबंधित कोतवाली क्षेत्र की पुलिस भेजकर परिजन बुलवाए गए। इसी बीच पता चला कि सरपंच की ससुराल संडीला कोतवाली क्षेत्र के मुसैला गांव में है, तो उसके ससुरालीजनों को सूचना दी गई। उसके साले प्रवीण और ललऊ घटनास्थल के बाद बेनीगंज कोतवाली भी पहुंचे। देर शाम मृतक की पत्नी निर्मल अपने छह बच्चों के साथ बेनीगंज कोतवाली पहुंची। सीओ हरियावां संतोष सिंह ने बताया कि निर्मल से घटना की तहरीर ली जा रही है। उसी आधार पर विस्तार से रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
भाजपा नेता के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को मिले फुटेज
बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री कर्मवीर सिंह चौहान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं। उनका घर भैनगांव में है। उनके मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक लगभग तीस महिला पुरुष सरपंच पर लाठियों से हमला करते दिख रहे हैं। दो पुलिस कर्मी सरपंच को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर घटना में आरोपियों की संख्या भी बढ़ेगी।
12 नामजद और 25-30 अज्ञात पर रिपोर्ट
सरपंच की हत्या के आरोप में सोमवार देर रात उसकी पत्नी निर्मल की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। घटना में बीरू, उसके भाई राहुल और बंसत, रूप और उसके भाई आजाद, गांव के ही सर्वेश, किशोर के पुत्र मुन्ना और किशोरी की पत्नी सरवत्तो, मोईन की पत्नी नीता, वियाजन, उसके पुत्र श्यामू और श्यामू की पत्नी इंतजारी को नमाजद किया गया है। 25-30 अज्ञात लोगों पर भी रिपोर्ट दर्ज हुई है।
ये था पूरा मामला
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में 15 साल पहले हुई हत्या का बदला लेने के लिए पुलिस की मौजूदगी में अधेड़ पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया गया। पुलिस ने घायल को किसी तरह बचाकर सीएचसी पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है।
रामपाल की लाठियों से पीटकर कर दी थी हत्या
मूल रूप से बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के भैनगांव निवासी सरपंच महावत (48) और उसके भाई ने 28 अगस्त 2009 को लेनदेन के विवाद में गांव के ही रामपाल की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सरपंच लगभग 15 साल जेल में रहने के बाद दो साल पहले ही छूटा था। इसके बाद वह परिवार समेत लखीमपुर के पलियापुरवा गांव में रहने लगा था। दिल्ली और लखीमपुर में फेरी लगाता था।
तीस लोग सरपंच को घेरकर पीटने लगे
इन दिनों वह बैग और कपड़ों की खराब चेन बदलने का काम करता था। सोमवार सुबह लगभग नौ बजे वह भैनगांव पहुंचा। यहां फेरी लगाने के दौरान कुछ लोगों ने रामपाल के अटिया मझिगवां निवासी पुत्र राहुल और बीरू को सरपंच के गांव आने की जानकारी दे दी। इस पर राहुल, बीरू समेत लगभग तीस लोग वहां आ गए और सरपंच को घेरकर पीटने लगे।
तीन महिलाओं समेत सात गिरफ्तार
पुलिस ने सरपंच को बचाने का प्रयास किया और सीएचसी कोथावां ले गई। दिनदहाड़े घेरकर पुलिस की मौजूदगी में हत्या किए जाने की जानकारी से सनसनी फैल गई। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह, सीओ हरियावां संतोष सिंह मौके पर पहुंच गए। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल रहे अटिया मझिगवां निवासी बीरू, राहुल, रूप, सर्वेश, श्यामू की पत्नी इंतजारी, किशोर की पत्नी सरबत्तू और मोईन की पत्नी नीता को गिरफ्तार किया गया है।