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जानलेवा हुई ठंड में 11 की मौत, ये हैं बचाव के उपाय
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 18 Jan 2017 11:49 PM IST
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जानलेवा ठंड में रिटायर्ड फौजी समेत 11 लोगों ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने इस सर्द मौसम में सावधान रहने की बात कही। इसके अलावा कुछ उपाय भी बताये हैं जिनके जरिये ठंड से बचा जा सकता है।
उन्नाव में अलग-अलग थानाक्षेत्रों में रिटायर्ड फौजी समेत तीन ने दम तोड़ दिया। अचलगंज थानाक्षेत्र के तिवारीखेड़ा में शौच के लिए निकला रिटायर्ड फौजी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डाक्टर ने ठंड के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से मौत होने की बात कही है। तिवारीखेड़ा निवासी सेवानिवृत्त फौजी जानकी प्रसाद (75) बुधवार सुबह घर से शौच के लिए निकला था। खेत पहुंचने से पहले ही वह रास्ते में अचेत होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने घर वालों को सूचना दी। बड़ा बेटा लाला उसे लेकर जिला अस्पताल आया। यहां इमरजेंसी के डाक्टर गौरव ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं बारासगवर थानाक्षेत्र के बक्सर गांव में ठंड से दो ने दम तोड़ दिया। इसमें शिवकुमार यादव(64) व गांव का ही एक युवक शामिल है। परिजनों के मुताबिक, दोनों ने ठंड लगने की बात कही थी। जब तक डाक्टर के पास ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। उधर हमीरपुर के भरुसुमेरपुर थानाक्षेत्र के अलग-अलग गांवों में एक युवक व एक किसान की ठंड से मौत हो गई। बिलहड़ी गांव निवासी शंकर प्रजापति (50) बीती रात अपने खेतों में पानी लगाने गया था। तभी वह ठंड की चपेट में आ गया। परिजनों ने आग आदि जलाकर उसे गरमाहट देने का प्रयास करते रहे। लेकिन उसकी खेत पर ही मौत हो गई। मृतक किसान के पुत्र परशुराम, नंदलाल, शंभू व मानसिंह ने बताया कि शीत लहर के चलते उनके पिता को ठंड लग गई और उनकी मौत हो गई। बताया कि पिता ने बैंक से 30 हजार का केसीसी बनवा रखा था। किसान की मौत होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, बिदोखर पुरई निवासी रामप्रकाश निषाद का पुत्र महेंद्र निषाद (18) खेतों में रखवाली के लिए गया था। लेकिन सर्दी लगने पर वह घर वापस आ गया। परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ते देख सदर अस्पताल ले गए। लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे चिकित्सकों ने कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
कानपुर में ठंड से चार की मौत, कई मरीज भर्ती
सिविल लाइंस निवासी आरएम अग्रवाल की पत्नी राजकुमारी (79) को ठंड और हार्टअटैक की वजह से कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी अस्पताल में भर्ती पटकापुर निवासी रामलाल गुप्ता (64), फतेहपुर निवासी रामचंद्र (65) और रामवरन के बेटे कृष्ण कुमार (48) ने भी दम तोड़ दिया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता ने इस मौसम में खासकर बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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महोबा में किसान समेत दो की मौत
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को अन्ना जानवरों से फसल की रखवाली कर रहे एक किसान की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं, भटीपुरा में एक महिला की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई।
पिछले दो दिनों से चल रही बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ गई है। इस दफा पालिका प्रशासन द्वारा चंद स्थानों पर ही अलाव जलाने से लोगों में खासा गुस्सा है। कुलपहाड़ क्षेत्र के गांव सुगिरा निवासी किसान सत्तीदीन (40) पुत्र रामदास अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए रात में खेतों की रखवाली कर रहा था। मंगलवार की रात को ठंड के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। परिजन उसे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ ले गए। जहां पर डाक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, बुधवार को कड़ाके की ठंड की चपेट आने से भटीपुरा निवासी राधारानी (70) पत्नी सुखलाल की मौत हो गई।
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उन्नाव में अलग-अलग थानाक्षेत्रों में रिटायर्ड फौजी समेत तीन ने दम तोड़ दिया। अचलगंज थानाक्षेत्र के तिवारीखेड़ा में शौच के लिए निकला रिटायर्ड फौजी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। डाक्टर ने ठंड के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से मौत होने की बात कही है। तिवारीखेड़ा निवासी सेवानिवृत्त फौजी जानकी प्रसाद (75) बुधवार सुबह घर से शौच के लिए निकला था। खेत पहुंचने से पहले ही वह रास्ते में अचेत होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने घर वालों को सूचना दी। बड़ा बेटा लाला उसे लेकर जिला अस्पताल आया। यहां इमरजेंसी के डाक्टर गौरव ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं बारासगवर थानाक्षेत्र के बक्सर गांव में ठंड से दो ने दम तोड़ दिया। इसमें शिवकुमार यादव(64) व गांव का ही एक युवक शामिल है। परिजनों के मुताबिक, दोनों ने ठंड लगने की बात कही थी। जब तक डाक्टर के पास ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। उधर हमीरपुर के भरुसुमेरपुर थानाक्षेत्र के अलग-अलग गांवों में एक युवक व एक किसान की ठंड से मौत हो गई। बिलहड़ी गांव निवासी शंकर प्रजापति (50) बीती रात अपने खेतों में पानी लगाने गया था। तभी वह ठंड की चपेट में आ गया। परिजनों ने आग आदि जलाकर उसे गरमाहट देने का प्रयास करते रहे। लेकिन उसकी खेत पर ही मौत हो गई। मृतक किसान के पुत्र परशुराम, नंदलाल, शंभू व मानसिंह ने बताया कि शीत लहर के चलते उनके पिता को ठंड लग गई और उनकी मौत हो गई। बताया कि पिता ने बैंक से 30 हजार का केसीसी बनवा रखा था। किसान की मौत होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, बिदोखर पुरई निवासी रामप्रकाश निषाद का पुत्र महेंद्र निषाद (18) खेतों में रखवाली के लिए गया था। लेकिन सर्दी लगने पर वह घर वापस आ गया। परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ते देख सदर अस्पताल ले गए। लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे चिकित्सकों ने कानपुर रेफर कर दिया। कानपुर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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कानपुर में ठंड से चार की मौत, कई मरीज भर्ती
सिविल लाइंस निवासी आरएम अग्रवाल की पत्नी राजकुमारी (79) को ठंड और हार्टअटैक की वजह से कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी अस्पताल में भर्ती पटकापुर निवासी रामलाल गुप्ता (64), फतेहपुर निवासी रामचंद्र (65) और रामवरन के बेटे कृष्ण कुमार (48) ने भी दम तोड़ दिया। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल गुप्ता ने इस मौसम में खासकर बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है।
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महोबा में किसान समेत दो की मौत
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी के चलते जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को अन्ना जानवरों से फसल की रखवाली कर रहे एक किसान की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं, भटीपुरा में एक महिला की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई।
पिछले दो दिनों से चल रही बर्फीली हवाओं ने ठंड बढ़ गई है। इस दफा पालिका प्रशासन द्वारा चंद स्थानों पर ही अलाव जलाने से लोगों में खासा गुस्सा है। कुलपहाड़ क्षेत्र के गांव सुगिरा निवासी किसान सत्तीदीन (40) पुत्र रामदास अन्ना जानवरों से फसल को बचाने के लिए रात में खेतों की रखवाली कर रहा था। मंगलवार की रात को ठंड के चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। परिजन उसे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ ले गए। जहां पर डाक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, बुधवार को कड़ाके की ठंड की चपेट आने से भटीपुरा निवासी राधारानी (70) पत्नी सुखलाल की मौत हो गई।
बर्फीली हवाओं ने फिर बढ़ाई गलन
कानपुर में सर्दी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड की बर्फीली पहाड़ियों से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिम की तेज हवाओं ने बुधवार को गलन बढ़ा दी। सुबह 10 बजे तक कोहरे के बीच शीत लहर से शहरवासी कांप गए। दोपहर बाद धूप निकली धूप से कुछ राहत मिली। बर्फीली हवाओं की गति बुधवार को सामान्य से ज्यादा रही। हवा की जो गति 1.3 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए थी, वह 3.3 किलोमीटर प्रति घंटा रिकार्ड की गई। सुबह की नमी 100 फीसदी हो गई। नमी ही कोहरा-धुंध बढ़ाती है। दोपहर की नमी 63 फीसदी रिकार्ड की गई है। शाम होते ही गलन बढ़ गई। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में पड़ा है। हवाओं की गति तेज है, इसलिए गलन ज्यादा महसूस की जा रही है। गुुरुवार को भी मौसम का मिजाज ऐसे ही रहेगा। रात में कोहरा छाएगा। गलन और बढ़ेगी। गलन भरी हवाओं से एक दिन में ही न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। यह पारा 5.1 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। अधिकतम पारा 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। मंगलवार को यह 18 डिग्री था।
ये हैं सर्दी से बचने के आसान उपाय...
कानपुर में भीषण ठंड
- फोटो : अमर उजाला
- गर्म पानी से नहाने में बड़ा मज़ा आता है पर ठंडे पानी के भी अपने फायदे हैं। गर्म पानी से नहाने के बाद एक –दो मग ठंडा पानी अपने ऊपर डाल लें। अजीब लगता है पर यह उपाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाता और मजबूत करता है। ठंडा पानी त्वचा और शरीर के अंगों में रक्त-संचार बढाता है और आप तरोताजा महसूस करते हैं।
- दरवाजों, खिडकियों में पतले कपडे के पर्दे हटाकर मोटे कपडे के परदे लगाइए।
- अगर आपका बेड दीवार से एकदम सटा हुआ है तो उसे दीवार से थोडा दूर कर लें। खासकर अगर यह कोई घर की बाहरी दीवार हो तो यह अन्य दीवारों से ज्यादा ठंडी होंगी।
- एक से ज्यादा कम्बल ओढ़ रहे हैं तो मोटे कम्बल जैसे कि मिंक ब्लैंकेट पहले ओढना चाहिए। पतले और कड़े कम्बल सबसे ऊपर होना चाहिए, यह गर्मी को बाहर जाने से रोकता है।
- लोग स्वेटर, जैकेट तो पहन लेते है पर सर खुला रखते है। टोपी लगाना अच्छा नहीं लगता है और मफलर अंकल टाइप लगता है। सर, हाथ और पैर खुले रहने से शरीर की गर्मी सबसे ज्यादा बाहर निकलती रहती और सर्दी लग सकती है। बढ़िया ब्रांडेड, स्टाइलिश टोपी खरीदिये और कूल मफलर ले आइये। न सिर्फ ये आपको कूल लुक देगा साथ ही हॉट भी रखेगा। पैरो में मोटे मोज़े और हाथों में दस्ताने पहनिए।
- ठंडी में कंपकपी लगने का मतलब आपका शरीर आपको चेतावनी दे रहा है। अगर आपको कंपकंपी लग रही है तो तुरंत किसी गर्म जगह पर चले जाइये साथ ही शरीर को गर्म करने के उपाय कीजिये। जब आपकी त्वचा का तापमान कम हो जाता है तो शरीर मांसपेशियों के घर्षण से गर्मी पैदा करके शरीर को गरम करना शुरू कर देता है। कंपकंपी ज्यादा होने पर घातक भी हो सकती है इस वार्निंग को हल्के में न लें।
- ठंडियों में गर्म पेय जैसे चाय, सूप आदि पीने में बड़ा सुकून देता है, यह शरीर का आन्तरिक तापमान भी बढाता है। एक बात का ध्यान रखें. गर्म पेय शरीर का तापमान बढाता है और पसीना भी आ सकता है। पर अगर शरीर खुला हुआ है तो यह पसीना उड़ जाता है और शरीर का तापमान कम कर देता है। अतः गर्म पेयों का मज़ा लें पर अपने शरीर को ढक कर रहें।
- शरीर को और बिस्तर को गर्म रखने के लिए रूम हीटर से बढ़िया उपाय हॉट वाटर बोतल है। गर्म पानी वाली बोतल प्रयोग करें या बिजली से गर्म होने वाले जेल हीटिंग पैड दोनों ही बढ़िया उपाय हैं। यह आपको कई घंटो तक गर्म रखेगा।
- अगर आप आग जला कर कमरे को गर्म करने का उपाय कर रहें तो इन बातों का ध्यान रखें। धुवां निकलने के लिए कोई खिड़की या रोशनदान खुला होना चाहिए। कभी भी आग को जलता या सुलगता छोड़कर नहीं सोयें। इससे आग लगने का खतरा है। अगर खिड़की दरवाजे बंद हैं तो धुंए से दम घुट सकता है।
- रूम हीटर लगाने से कमरा गर्म तो होता है पर अन्दर की हवा में रूखापन आ जाता है। इसे दूर करने के लिए कमरे में किसी कटोरे या बर्तन में पानी भर कर रखें। धुले हुए भीगे कपड़े हो तो उसी कमरे में कहीं सूखने के लिए डाल दें। यह उपाय करने से हवा में नमी बनी रहेगी और रूखापन नहीं लगेगा।
- अक्सर लोग सर्दी से बचने के लिए शराब का सेवन करते हैं जोकि गलत है। शराब पीने से गर्मी का अनुभव हो सकता है पर यह शरीर का आन्तरिक तापमान कम कर देती है। शराब शरीर में कंपकंपी पैदा करने वाले तंत्र को भी धीमा कर देती है। अगर आपको पसीना आता है तो यह उड़कर शरीर को और ठंडा करता है। अतः इस भुलावे में न रहें। हम आशा करते हैं कि सर्दी से बचने के आसान उपाय आपके लिए लिए कारगर साबित होंगे और आपको ठण्ड से बचाएंगे।
- दरवाजों, खिडकियों में पतले कपडे के पर्दे हटाकर मोटे कपडे के परदे लगाइए।
- अगर आपका बेड दीवार से एकदम सटा हुआ है तो उसे दीवार से थोडा दूर कर लें। खासकर अगर यह कोई घर की बाहरी दीवार हो तो यह अन्य दीवारों से ज्यादा ठंडी होंगी।
- एक से ज्यादा कम्बल ओढ़ रहे हैं तो मोटे कम्बल जैसे कि मिंक ब्लैंकेट पहले ओढना चाहिए। पतले और कड़े कम्बल सबसे ऊपर होना चाहिए, यह गर्मी को बाहर जाने से रोकता है।
- लोग स्वेटर, जैकेट तो पहन लेते है पर सर खुला रखते है। टोपी लगाना अच्छा नहीं लगता है और मफलर अंकल टाइप लगता है। सर, हाथ और पैर खुले रहने से शरीर की गर्मी सबसे ज्यादा बाहर निकलती रहती और सर्दी लग सकती है। बढ़िया ब्रांडेड, स्टाइलिश टोपी खरीदिये और कूल मफलर ले आइये। न सिर्फ ये आपको कूल लुक देगा साथ ही हॉट भी रखेगा। पैरो में मोटे मोज़े और हाथों में दस्ताने पहनिए।
- ठंडी में कंपकपी लगने का मतलब आपका शरीर आपको चेतावनी दे रहा है। अगर आपको कंपकंपी लग रही है तो तुरंत किसी गर्म जगह पर चले जाइये साथ ही शरीर को गर्म करने के उपाय कीजिये। जब आपकी त्वचा का तापमान कम हो जाता है तो शरीर मांसपेशियों के घर्षण से गर्मी पैदा करके शरीर को गरम करना शुरू कर देता है। कंपकंपी ज्यादा होने पर घातक भी हो सकती है इस वार्निंग को हल्के में न लें।
- ठंडियों में गर्म पेय जैसे चाय, सूप आदि पीने में बड़ा सुकून देता है, यह शरीर का आन्तरिक तापमान भी बढाता है। एक बात का ध्यान रखें. गर्म पेय शरीर का तापमान बढाता है और पसीना भी आ सकता है। पर अगर शरीर खुला हुआ है तो यह पसीना उड़ जाता है और शरीर का तापमान कम कर देता है। अतः गर्म पेयों का मज़ा लें पर अपने शरीर को ढक कर रहें।
- शरीर को और बिस्तर को गर्म रखने के लिए रूम हीटर से बढ़िया उपाय हॉट वाटर बोतल है। गर्म पानी वाली बोतल प्रयोग करें या बिजली से गर्म होने वाले जेल हीटिंग पैड दोनों ही बढ़िया उपाय हैं। यह आपको कई घंटो तक गर्म रखेगा।
- अगर आप आग जला कर कमरे को गर्म करने का उपाय कर रहें तो इन बातों का ध्यान रखें। धुवां निकलने के लिए कोई खिड़की या रोशनदान खुला होना चाहिए। कभी भी आग को जलता या सुलगता छोड़कर नहीं सोयें। इससे आग लगने का खतरा है। अगर खिड़की दरवाजे बंद हैं तो धुंए से दम घुट सकता है।
- रूम हीटर लगाने से कमरा गर्म तो होता है पर अन्दर की हवा में रूखापन आ जाता है। इसे दूर करने के लिए कमरे में किसी कटोरे या बर्तन में पानी भर कर रखें। धुले हुए भीगे कपड़े हो तो उसी कमरे में कहीं सूखने के लिए डाल दें। यह उपाय करने से हवा में नमी बनी रहेगी और रूखापन नहीं लगेगा।
- अक्सर लोग सर्दी से बचने के लिए शराब का सेवन करते हैं जोकि गलत है। शराब पीने से गर्मी का अनुभव हो सकता है पर यह शरीर का आन्तरिक तापमान कम कर देती है। शराब शरीर में कंपकंपी पैदा करने वाले तंत्र को भी धीमा कर देती है। अगर आपको पसीना आता है तो यह उड़कर शरीर को और ठंडा करता है। अतः इस भुलावे में न रहें। हम आशा करते हैं कि सर्दी से बचने के आसान उपाय आपके लिए लिए कारगर साबित होंगे और आपको ठण्ड से बचाएंगे।