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कारगिल में शहीद धर्मेंद्र का पार्थिव शरीर पहुंचा घर, नम आंखों के साथ अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब
Sun, 19 Jan 2020 06:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाटमपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 19 Jan 2020 06:43 PM IST
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शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
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कारगिल में गुरुवार को बर्फीले तूफान में शहीद हुए घाटमपुर के धर्मेंद्र उर्फ बब्लू (40) का पार्थिव शरीर रविवार सुबह घर पहुंचा तो पूरा गांव रो पड़ा। शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। जानकारी के अनुसार पैतृक गांव बिराहिनपुर में शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। धर्मेंद्र सिंह लद्दाख के कारगिल में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह 11ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
धर्मेंद्र की मां शिवदेवी गांव में धर्मेंद्र के दो बड़े भाइयों के साथ रहती हैं। जबकि पत्नी सुनीता दो बच्चों उत्कर्ष (16) और राजवर्धन (9) के साथ चंडीगढ़ में रहती हैं। पिता रतन सिंह का देहांत हो चुका है।
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शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
धर्मेंद्र की सन 1999 में हवलदार पद पर नौकरी लगी थी। 2002 में हरीपुर रायबरेली निवासी सुनीता से शादी हुई थी। परिजनों के अनुसार धर्मेंद्र दशहरे में 20 दिनों के लिए घर आए थे। घरवालों के साथ ही उन्होंने दिवाली मनाई थी।
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शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा
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गुरुवार को मशकोह वैली में सेना की एक चौकी हिमस्खलन की चपेट में आ गई। इसमें धर्मेंद्र शहीद हो गए, जबकि अन्य कई जवान सेना के अस्पताल में भर्ती हैं। शहीद धर्मेंद्र का शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए गांव में जन सैलाब उमड़ा।