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दहशत में फांसी पर झूल गई ग्यारह साल की ये मासूम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 22 Mar 2017 05:32 PM IST
सार
-पेन लेकर भागने पर बहन ने मार दिया था पत्थर
-मां-पिता की डांट से गई थी डर
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विस्तार
पेन न देने पर भाई को पत्थर मारने और उसके खून निकलता देख दहशत में आई बालिका ने मां की साड़ी से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के वक्त घर पर सिर्फ मृतक बालिका के छोटे भाई-बहन थे।
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पोस्टमार्टम हाउस में खुशबू की मां और अन्य परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
घटना अतर्रा थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव की है। सोमवार शाम हरीकिशन सिंह की पुत्री खुशबू (11) ने खपरैल के बांस में मां की साड़ी से फांसी लगा ली। घर पर भाई कुलदीप (8) व बहन महक (5) थे। मां लीलावती दवा लेने अस्पताल गई थी और पिता खेत पर था।
कुलदीप ने खुशबू को फंदे पर लटकता देखा और पड़ोसियों की मदद से मां और पिता को सूचना दी। आनन-फानन उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम हाउस में पिता हरीकिशन ने बताया कि खुशबू गांव के एक निजी स्कूल में कक्षा-4 की छात्रा थी।
कुलदीप ने खुशबू को फंदे पर लटकता देखा और पड़ोसियों की मदद से मां और पिता को सूचना दी। आनन-फानन उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम हाउस में पिता हरीकिशन ने बताया कि खुशबू गांव के एक निजी स्कूल में कक्षा-4 की छात्रा थी।
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घटना की वजह के बारे में पिता ने बताया कि पेन को लेकर खुशबू और कुलदीप में झगड़ा हो गया। गुस्से में खुशबू ने कुलदीप को पत्थर मार दिया। भाई के चोट लगने और खून निकलता देख हम लोगों की डांट के डर से उसने फांसी लगा ली।
यह भी बताया कि पुत्री काफी समझदार थी। छोटे भाई और बहन को कभी नहीं मारती थी। लेकिन सोमवार को शाम पता नहीं क्या फितूर सवार हो गया, जो उसकी ही जान लेकर खत्म हुआ।
यह भी बताया कि पुत्री काफी समझदार थी। छोटे भाई और बहन को कभी नहीं मारती थी। लेकिन सोमवार को शाम पता नहीं क्या फितूर सवार हो गया, जो उसकी ही जान लेकर खत्म हुआ।