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पीसीएफ केंद्र में नहीं डीएपी, निजी दुकानों पर किसानों से हो रही अधिक वसूली
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गजनेर पीसीएफ केंद्र का खाली गोदाम। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
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सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। लाही व सरसों की बोआई में किसान डीएपी का इस्तेमाल करते हैं। गजनेर के पीसीएफ केंद्र में डीएपी नहीं है। निजी दुकानदार किसानों से प्रति बोरी सौ रुपये अधिक वसूल रहे हैं। इससे फसल की लागत बढ़ने की चिंता से किसान परेशान हैं।
वर्तमान में लाही व सरसों की बोआई का समय हैं। इसके लिए किसान खेत तैयार करने के साथ बीज व खाद खरीद रहे हैं। बेहतर पैदावार के लिए किसान बोआई के समय ही डीएपी का इस्तेमाल करते हैं। गजनेर के पीसीएफ केंद्र में दस दिनों से खाद नहीं है।
निजी दुकानदार इसका फायदा उठा रहे हैं। डीएपी की प्रति बोरी के रेट 12 सौ रुपये निर्धारित हैं। दुकानदार इसे 1280 से 1300 रुपये तक बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें 1250 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से थोक में डीएपी मिलती है।
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20 रुपये प्रति बोरी की पल्लेदारी देनी पड़ती है। 1280 रुपये से कम बेचने पर लागत भी डूब रही है। वहीं क्षेत्र में खाद की निजी दुकानों पर रेट लिस्ट व अधिकारियों के नंबर नहीं लिखवाए गए हैं।
एक सप्ताह पहले जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश गुप्ता ने गजनेर क्षेत्र की खाद की दुकानों में यूरिया की कालाबाजारी होने की सूचना पर छापा मारा था। इस दौरान छह दुकानदारों को नोटिस जारी किया था। कार्रवाई के बाद भी निजी खाद विक्रेताओं की कार्यशैली में बदलाव नहीं आया है।
गजनेर कस्बे में डीएपी की कालाबाजारी किए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। जानकारी की जा रही है। अगर ऐसा है तो दुकानदार को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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वर्तमान में लाही व सरसों की बोआई का समय हैं। इसके लिए किसान खेत तैयार करने के साथ बीज व खाद खरीद रहे हैं। बेहतर पैदावार के लिए किसान बोआई के समय ही डीएपी का इस्तेमाल करते हैं। गजनेर के पीसीएफ केंद्र में दस दिनों से खाद नहीं है।
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निजी दुकानदार इसका फायदा उठा रहे हैं। डीएपी की प्रति बोरी के रेट 12 सौ रुपये निर्धारित हैं। दुकानदार इसे 1280 से 1300 रुपये तक बेच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें 1250 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से थोक में डीएपी मिलती है।
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20 रुपये प्रति बोरी की पल्लेदारी देनी पड़ती है। 1280 रुपये से कम बेचने पर लागत भी डूब रही है। वहीं क्षेत्र में खाद की निजी दुकानों पर रेट लिस्ट व अधिकारियों के नंबर नहीं लिखवाए गए हैं।
एक सप्ताह पहले जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश गुप्ता ने गजनेर क्षेत्र की खाद की दुकानों में यूरिया की कालाबाजारी होने की सूचना पर छापा मारा था। इस दौरान छह दुकानदारों को नोटिस जारी किया था। कार्रवाई के बाद भी निजी खाद विक्रेताओं की कार्यशैली में बदलाव नहीं आया है।
गजनेर कस्बे में डीएपी की कालाबाजारी किए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। जानकारी की जा रही है। अगर ऐसा है तो दुकानदार को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी