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शराब गोदाम में फायरिंग, चोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 10 Nov 2015 02:23 AM IST
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पनकी साइट नंबर-एक में रविवार देर रात शराब गोदाम में चोरी कर रहे युवकों और सुरक्षा गार्डों में फायरिंग हो गई जिससे एक युवक की मौत हो गई जबकि उसके साथी भाग निकले।
मारे गए युवक की कमर और शर्ट के भीतर शराब की 14 शीशियां बंधी मिली हैं। लेकिन, खास बात यह है कि गोदाम के सुरक्षा गार्डों ने 12 बोर की बंदूक से गोली चलाने की बात स्वीकारी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मारे गए युवक के शरीर में एक भी छर्रा नहीं मिला। बाईं कनपटी के पिछले हिस्से में गोली लगने से सुराख हुआ है जैसा 12 बोर की गोली से संभव ही नहीं। ऐसा सुराख 315 बोर की गोली से होता है।
गोली का एक्जिट प्वाइंट (गोली बाहर निकलने की जगह) कनपटी की दाईं ओर है। यहां भी बड़ा सुराख है जैसा 315 बोर की गोली के एक्जिट प्वाइंट से बनता है। दूसरी सबसे खास बात यह है कि एक गार्ड के पास 315 की रायफल भी है लेकिन उसका कहना है कि उसकी रायफल से गोली चली ही नहीं। पुलिस ने भी यह बात मान ली और उसे क्लीन चिट दे दी।
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अब सवाल उठ रहा है कि आखिर चोर को गोली किसकी लगी, पुलिस देर रात तक इसी को लेकर उलझी हुई थी। चोर की शिनाख्त बिधनू के जामू निवासी सतीश कुमार मिश्र के रूप में हुई है। परिजनों ने सतीश की हत्या का आरोप लगाया है। पनकी साइट-नंबर-एक (नौरैया खेड़ा) में लाजपत नगर निवासी अमरजीत सिंह की प्रकाश ट्रेडिंग कंपनी नाम से शराब की फर्म है। यहीं पर गोदाम है। शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की हत्या के बाद उनका बेटा मनप्रीत सिंह कारोबार संभाल रहा है। वह पूरे यूपी में अंग्रेजी, देशी और बीयर की आपूर्ति करते हैं।
अमरजीत ने मनप्रीत से ही कानपुर में शराब और बीयर की आपूर्ति का काम ले रखा है। पीएस एंड पीएस कंपनी के तीन गार्ड आनंद कुमार, राजन सिंह और जितेंद्र यहां तैनात हैं। अर्रा नई बस्ती निवासी गार्ड राजन ने बताया कि रविवार रात करीब एक बजे वह साथी गार्डों के साथ गोदाम कैंपस में गश्त लगा रहे थे तभी खटपट सुनाई दी। गोदाम के मेन गेट से ऊपर देखा तो छत पर चार चोर नजर आए।
टोकने पर चोरों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में उसने 12 बोर की दोनाली और आनंद ने एकनाली बंदूक से चोरों पर चार गोलियां चलाईं। एक गोली एक चोर को लगी और वह छत पर गिर गया। जबकि उसके तीन साथी भाग गए। रात को ही पुलिस कंट्रोल रूम और गोदाम मालिक को सूचना दी गई। थोड़ी देर बाद एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ असित श्रीवास्तव और पनकी एसओ फोर्स के साथ पहुंचे।
छानबीन के बाद पुलिस ने राजन और आनंद को हिरासत में ले लिया गया। उनकी बंदूकें भी कब्जे में ले लीं। एसओ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मारे गए चोर के शरीर और शर्ट में शराब की 14 शीशियां और एक मोबाइल फोन मिला। मोबाइल में मिले नंबर पर फोन किया गया तो एक नंबर मरने वाले के भांजे बिगाही अकबरपुर (कानपुर देहात) निवासी अंशू शुक्ला का निकला। तब उसकी शिनाख्त हुई।
सोमवार सुबह करीब 12 बजे अंशू परिवार के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। मरने वाले की कलाई पर भी सतीश नाम गुदा था। अंशू ने बताया कि सतीश तीन साल पहले शराब के इसी गोदाम में नौकरी करता था। उन्होंने किन्हीं कारणों ने वहां नौकरी छोड़ दी थी लेकिन वेतन का नौ हजार रुपये बकाया था। सतीश रविवार रात घरवालों से शराब गोदाम से बकाया वेतन लेने की बात कहकर निकला था।
इस समय सतीश पनकी साइट नंबर-एक में ही एक पंप फैक्ट्री में नौकरी करता था। अंशू का आरोप है कि सतीश को बकाया वेतन देने के बहाने फैक्ट्री बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। एसओ का कहना है कि सतीश के परिजन कोई तहरीर देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गार्डों की बात सही प्रतीत हो रही है।
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मारे गए युवक की कमर और शर्ट के भीतर शराब की 14 शीशियां बंधी मिली हैं। लेकिन, खास बात यह है कि गोदाम के सुरक्षा गार्डों ने 12 बोर की बंदूक से गोली चलाने की बात स्वीकारी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मारे गए युवक के शरीर में एक भी छर्रा नहीं मिला। बाईं कनपटी के पिछले हिस्से में गोली लगने से सुराख हुआ है जैसा 12 बोर की गोली से संभव ही नहीं। ऐसा सुराख 315 बोर की गोली से होता है।
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गोली का एक्जिट प्वाइंट (गोली बाहर निकलने की जगह) कनपटी की दाईं ओर है। यहां भी बड़ा सुराख है जैसा 315 बोर की गोली के एक्जिट प्वाइंट से बनता है। दूसरी सबसे खास बात यह है कि एक गार्ड के पास 315 की रायफल भी है लेकिन उसका कहना है कि उसकी रायफल से गोली चली ही नहीं। पुलिस ने भी यह बात मान ली और उसे क्लीन चिट दे दी।
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अब सवाल उठ रहा है कि आखिर चोर को गोली किसकी लगी, पुलिस देर रात तक इसी को लेकर उलझी हुई थी। चोर की शिनाख्त बिधनू के जामू निवासी सतीश कुमार मिश्र के रूप में हुई है। परिजनों ने सतीश की हत्या का आरोप लगाया है। पनकी साइट-नंबर-एक (नौरैया खेड़ा) में लाजपत नगर निवासी अमरजीत सिंह की प्रकाश ट्रेडिंग कंपनी नाम से शराब की फर्म है। यहीं पर गोदाम है। शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की हत्या के बाद उनका बेटा मनप्रीत सिंह कारोबार संभाल रहा है। वह पूरे यूपी में अंग्रेजी, देशी और बीयर की आपूर्ति करते हैं।
अमरजीत ने मनप्रीत से ही कानपुर में शराब और बीयर की आपूर्ति का काम ले रखा है। पीएस एंड पीएस कंपनी के तीन गार्ड आनंद कुमार, राजन सिंह और जितेंद्र यहां तैनात हैं। अर्रा नई बस्ती निवासी गार्ड राजन ने बताया कि रविवार रात करीब एक बजे वह साथी गार्डों के साथ गोदाम कैंपस में गश्त लगा रहे थे तभी खटपट सुनाई दी। गोदाम के मेन गेट से ऊपर देखा तो छत पर चार चोर नजर आए।
टोकने पर चोरों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में उसने 12 बोर की दोनाली और आनंद ने एकनाली बंदूक से चोरों पर चार गोलियां चलाईं। एक गोली एक चोर को लगी और वह छत पर गिर गया। जबकि उसके तीन साथी भाग गए। रात को ही पुलिस कंट्रोल रूम और गोदाम मालिक को सूचना दी गई। थोड़ी देर बाद एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ असित श्रीवास्तव और पनकी एसओ फोर्स के साथ पहुंचे।
छानबीन के बाद पुलिस ने राजन और आनंद को हिरासत में ले लिया गया। उनकी बंदूकें भी कब्जे में ले लीं। एसओ आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मारे गए चोर के शरीर और शर्ट में शराब की 14 शीशियां और एक मोबाइल फोन मिला। मोबाइल में मिले नंबर पर फोन किया गया तो एक नंबर मरने वाले के भांजे बिगाही अकबरपुर (कानपुर देहात) निवासी अंशू शुक्ला का निकला। तब उसकी शिनाख्त हुई।
सोमवार सुबह करीब 12 बजे अंशू परिवार के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। मरने वाले की कलाई पर भी सतीश नाम गुदा था। अंशू ने बताया कि सतीश तीन साल पहले शराब के इसी गोदाम में नौकरी करता था। उन्होंने किन्हीं कारणों ने वहां नौकरी छोड़ दी थी लेकिन वेतन का नौ हजार रुपये बकाया था। सतीश रविवार रात घरवालों से शराब गोदाम से बकाया वेतन लेने की बात कहकर निकला था।
इस समय सतीश पनकी साइट नंबर-एक में ही एक पंप फैक्ट्री में नौकरी करता था। अंशू का आरोप है कि सतीश को बकाया वेतन देने के बहाने फैक्ट्री बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। एसओ का कहना है कि सतीश के परिजन कोई तहरीर देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गार्डों की बात सही प्रतीत हो रही है।