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वेटर, सिपाही की गवाही अब तीन को सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 29 Jan 2016 02:02 AM IST
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जिला जज इफाकत अली खान की कोर्ट में गुरुवार को ज्योति मर्डर केस में वरांडा रेस्टोरेंट के वेटर और एफआईआर लिखने वाले सिपाही की गवाही हुई। बचाव पक्ष ने वेटर से जिरह भी की। अब इस मामले की सुनवाई तीन फरवरी को होगी।
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सुनवाई के दौरान जेल से ज्योति के हत्यारोपी पति पीयूष श्यामदासानी, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को कोर्ट लाया गया। मनीषा मखीजा, पीयूष के चचेरे भाई मुकेश और कमलेश भी कोर्ट में पेश हुए। पीयूष के पिता ओम प्रकाश और मां पूनम की हाजिरी माफी लगाई गई थी।
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विशेष अभियोजक दामोदर मिश्र और शासकीय अधिवक्ता धर्म पाल सिंह ने बताया कि वरांडा रेस्टोरेंट के वेटर संजय खान ने गवाही दी। उसने बताया कि 27 जुलाई 2014 की रात 10:30 बजे पीयूष और ज्योति रेस्टोरेंट में आए थे। पीयूष ने हुक्का और स्नैक्स का ऑर्डर दिया। पंद्रह मिनट बाद पीयूष फोन पर बात करते हुए नीचे चला गया था।
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पीयूष के अधिवक्ता सईद नकवी के पूछने पर वेटर ने बताया कि आठ-दस मिनट बाद पीयूष लौटा। क्या ज्योति फोन पर बात कर रही थी के सवाल पर उसने हां में जवाब दिया। बताया कि पहले दोनों 40 नंबर टेबल पर बैठे। बाद में शोर होने की बात कहते हुए 35 नंबर पर चले गए।
इतना ध्यान देने के सवाल पर वेटर ने बताया कि उस दिन कम ग्राहक थे। ये दोनों ही आखिरी ग्राहक थे। घटना के कुछ दिन बाद दारोगा जी ने सीसीटीवी के फुटेज दिखाए थे।
अखबारों में फोटो देखने के कारण वह पहचान गया था कि यह दोनों ज्योति और पीयूष हैं। बाद में एफआईआर लिखने वाले सिपाही महेश चंद्र दुबे की गवाही हुई। महेश ने बताया कि पीयूष की दी गई अर्जी पर उसने एफआईआर लिखी थी।